कानपुर में 10-11 सितंबर को प्रान्तीय अधिवक्ता सम्मेलन, तैयारियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस
रिपोर्ट- हनुमन्त सिंह पिन्टू
कानपुर। न्यायपालिका और बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ताओं के खिलाफ कथित रूप से विधि-विरुद्ध तरीके से दबाव बनाए जाने के विरोध और अधिवक्ताओं के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए कानपुर में दो दिवसीय प्रान्तीय अधिवक्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 10 और 11 सितंबर 2026 को होने वाले इस सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के बाद बुधवार को कानपुर बार एसोसिएशन और ‘दि लॉयर्स एसोसिएशन’ की संयुक्त कार्यकारिणी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा और ‘दि लॉयर्स एसोसिएशन’ के महामंत्री राजीव यादव ने बताया कि यह सम्मेलन 4 अगस्त 2026 को आयोजित संयुक्त आमसभा में लिए गए निर्णय के क्रम में आयोजित किया जा रहा है। पदाधिकारियों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य अधिवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक चर्चा करना और उनके अधिकारों तथा सम्मान से संबंधित मुद्दों को सक्षम मंच तक पहुंचाना है।
प्रदेशभर से जुटेंगे अधिवक्ता
दो दिवसीय प्रान्तीय सम्मेलन को लेकर कानपुर में तैयारियां तेजी से की गई हैं। आयोजकों के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद को देखते हुए आयोजन स्थल पर बैठने, पंजीकरण, यातायात, भोजन और ठहरने सहित कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं।
इसके अलावा सम्मेलन में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए आयोजन समिति के सदस्य लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों के स्वागत और उनके ठहरने की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है।
वाटरप्रूफ पंडाल में करीब एक हजार अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था
सम्मेलन के लिए बार एसोसिएशन प्रांगण में भव्य वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है। इसमें करीब एक हजार अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए बार एसोसिएशन के तीनों लॉन भी सम्मेलन के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
आयोजकों का कहना है कि मौसम की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वाटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था की गई है। इससे सम्मेलन के दौरान आने वाले अधिवक्ताओं को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा और कार्यक्रम को निर्धारित रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।
शताब्दी द्वार से होगा मुख्य प्रवेश
सम्मेलन स्थल पर प्रवेश के लिए कचहरी के शताब्दी द्वार यानी गेट नंबर-3 को मुख्य प्रवेश द्वार बनाया गया है। प्रवेश द्वार के पास ही बाहर से आने वाले अधिवक्ताओं की उपस्थिति दर्ज करने के लिए मुख्य पंजीकरण काउंटर स्थापित किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सम्मेलन में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं का व्यवस्थित पंजीकरण सुनिश्चित करना है। साथ ही, आयोजन समिति के सदस्यों को आगंतुक अधिवक्ताओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष जोर
सम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से अधिवक्ताओं के पहुंचने को देखते हुए कचहरी के आसपास यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। आयोजकों के अनुसार बाहर से आने वाले अधिवक्ताओं के सुगम आवागमन के लिए कचहरी के चारों तरफ ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।
इसके साथ ही, सम्मेलन में शामिल होने वाले बाहरी जिलों के अधिवक्ताओं के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी लगभग पूरी कर ली गई है। आयोजकों का प्रयास है कि सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधियों को कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शामिल कर बनाई गई आयोजन समिति
सम्मेलन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए दोनों अधिवक्ता संगठनों की कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ पूर्व अध्यक्षों, पूर्व महामंत्रियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शामिल करते हुए विशेष आयोजन समिति गठित की गई है।
यह समिति सम्मेलन के दौरान आगंतुक अधिवक्ताओं की सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। इसके अलावा आयोजन स्थल पर पंजीकरण, बैठने की व्यवस्था, यातायात, भोजन और ठहरने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के समन्वय की जिम्मेदारी भी समिति के सदस्यों द्वारा संभाली जाएगी।
इससे सम्मेलन के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से बांटने और किसी भी व्यवस्था में समन्वय की कमी से बचने में मदद मिलेगी।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान को बताया मुख्य उद्देश्य
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों ने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा, गौरव और सम्मान की रक्षा इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है। उनका कहना है कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय न्यायपालिका की गरिमा तथा अपनी पेशेवर मर्यादा का ध्यान रखते हैं।
पदाधिकारियों के मुताबिक अधिवक्ता न्यायिक कार्य के दौरान अनुशासन और कानून के दायरे में रहकर अपनी भूमिका निभाते हैं। हालांकि, यदि उन्हें किसी निर्णय या व्यवस्था को लेकर आपत्ति होती है तो लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से अपनी बात संबंधित सक्षम फोरम तक पहुंचाना उनका अधिकार है।
इसी क्रम में आयोजित होने वाले प्रान्तीय सम्मेलन को अधिवक्ताओं के बीच संवाद और विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
अनुशासित तरीके से अपनी बात रखने पर जोर
कानपुर बार एसोसिएशन और ‘दि लॉयर्स एसोसिएशन’ के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की आवाज को मजबूती से उठाने के साथ-साथ न्यायपालिका की गरिमा और पेशे की मर्यादा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उनका कहना है कि अपनी मांगों और समस्याओं को सामने रखने के लिए लोकतांत्रिक एवं अनुशासित तरीके अपनाना जरूरी है।
इसी वजह से सम्मेलन को केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम के बजाय अधिवक्ताओं से जुड़े विषयों पर सामूहिक विचार-विमर्श के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं के विचार सम्मेलन को व्यापक स्वरूप प्रदान करेंगे।
मीडिया से सहयोग की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में बार संघ के पदाधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों से सम्मेलन और अधिवक्ताओं की समस्याओं से जुड़ी अनुशासित आवाज को प्रमुखता से समाचारों में स्थान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं से जुड़े विषयों और उनकी मांगों को समाज तथा संबंधित मंचों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।

