कानपुर गोविंदपुरी स्टेशन पर 33.750 लीटर अवैध शराब के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा 

कानपुर। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के माध्यम से अवैध शराब तथा मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत कानपुर में जीआरपी को बड़ी सफलता मिली है। गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी टीम ने दो कथित अंतरराज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 33 लीटर 750 मिलीलीटर गैर-प्रांत अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बिहार के सहरसा जनपद के रहने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वे कथित तौर पर हरियाणा से अवैध अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में थे और गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान जीआरपी की चेकिंग टीम की नजर उन पर पड़ी और तलाशी के बाद शराब बरामद की गई।

रेलवे स्टेशनों पर विशेष चेकिंग अभियान

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में रेलवे परिसरों में चोरी की घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल जीआरपी और गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन की पुलिस टीमों को भी संदिग्ध व्यक्तियों तथा सामान की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि इसी अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह तथा पोस्ट प्रभारी जीएमसी गोविंदपुरी सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आसपास चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। उनके सामान की जांच किए जाने पर पुलिस को शराब की बोतलें मिलीं।

चार पिट्ठू बैग और झोलों में मिली शराब

जीआरपी के अनुसार, चेकिंग के दौरान गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के हावड़ा एंड की ओर, खंभा नंबर 1156 के पास रेलवे पटरी के किनारे दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद चार पिट्ठू बैग और झोलों से गैर-प्रांत की अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

पुलिस ने बरामद शराब की कुल मात्रा 33 लीटर 750 मिलीलीटर बताई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख पचास हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।

हरियाणा से बिहार ले जाने की थी तैयारी

जीआरपी की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कथित रूप से हरियाणा से अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब कहां से खरीदी गई थी और इसे बिहार में किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।

इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि रेल मार्ग का इस्तेमाल अवैध शराब की आवाजाही के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे शामिल अन्य लोगों के संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

जीआरपी ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान जिपेश कुमार (28) पुत्र बैजू यादव, निवासी ग्राम एवं पोस्ट गढ़िया, थाना सौर बाजार, जनपद सहरसा, बिहार तथा रवि कुमार उर्फ दिवाकर (26) पुत्र वीजल यादव उर्फ विजलेश, निवासी ग्राम सितुआहा, वार्ड नंबर दो, थाना सलखुआ, जनपद सहरसा, बिहार के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान शराब की कथित तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इससे पहले आरोपियों ने इसी तरह की गतिविधि को अंजाम दिया था या नहीं।

जीआरपी टीम की सतर्कता से मिली सफलता

गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर की गई इस कार्रवाई में जीआरपी के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस टीम में सीआई विंग के एसआई अमित चौधरी, गोविंदपुरी स्टेशन के एसआई धीरेन्द्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल वीरेन्द्र कुमार, शिव सिंह, जितेन्द्र कुमार और वैश खान समेत अन्य जीआरपी पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

टीम ने रेलवे स्टेशन और उसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान दोनों आरोपियों को संदिग्ध सामान के साथ पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, रेलवे परिसर में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जाने का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।

रेल मार्ग से तस्करी रोकने पर जोर

रेलवे नेटवर्क देश के अलग-अलग राज्यों को जोड़ता है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध सामान की जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासतौर पर दूसरे राज्यों से शराब या अन्य प्रतिबंधित सामान की आवाजाही को रोकने के लिए जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर अभियान चलाती हैं।

कानपुर जैसे प्रमुख रेलवे जंक्शन पर बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न राज्यों की ओर आवागमन करते हैं। इसलिए यहां संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। गोविंदपुरी स्टेशन पर हुई कार्रवाई इसी सतर्कता अभियान का हिस्सा बताई गई है।

पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बरामद शराब आरोपियों तक कैसे पहुंची और इसे बिहार तक पहुंचाने की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यदि जांच में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।

फिलहाल जीआरपी द्वारा बरामद शराब और आरोपियों के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

यात्रियों से भी सतर्क रहने की अपील

रेलवे पुलिस समय-समय पर यात्रियों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षा कर्मियों को देने की अपील करती है। किसी यात्री को यदि स्टेशन या ट्रेन में संदिग्ध सामान अथवा गतिविधि दिखाई देती है तो वह तत्काल रेलवे पुलिस या संबंधित सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी दे सकता है।

गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर हुई कार्रवाई के बाद जीआरपी की ओर से चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से रेलवे परिसरों में अवैध शराब की आवाजाही पर रोक लगाने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

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