झाँसी में डेयरी कॉन्क्लेव–स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम 11 सितंबर को

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा

झाँसी/कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को नई तकनीक, निवेश और उन्नत स्वदेशी गोवंश से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में डेयरी विकास विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से “Dairy Conclave–स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम” का आयोजन 11 सितंबर 2026 को झाँसी में किया जाएगा। इस कार्यक्रम की थीम “स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य, खुशहाल उत्तर प्रदेश” रखी गई है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उन्नत स्वदेशी गोवंश को प्रोत्साहित करना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, डेयरी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देना और पशुपालकों तथा दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक तकनीक एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही आयोजन के माध्यम से डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों को भी एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

11 सितंबर को दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में होगा आयोजन

डेयरी विकास विभाग, कानपुर देहात के वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार डेयरी कॉन्क्लेव–स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम का आयोजन शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रानी लक्ष्मी बाई पार्क, झाँसी में होगा।

कार्यक्रम का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पशुपालकों, गोपालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, विभागीय अधिकारी भी योजनाओं और डेयरी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा करेंगे।

उन्नत स्वदेशी गोवंश पर रहेगा विशेष जोर

इस कॉन्क्लेव में उन्नत स्वदेशी गोवंश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार की ओर से स्वदेशी नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

दरअसल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में आधुनिक पशुपालन तकनीकों, बेहतर प्रबंधन और उन्नत नस्लों के इस्तेमाल से पशुपालकों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी।

डेयरी क्षेत्र में निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना भी है। दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ दूध के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उससे जुड़े व्यवसायों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित निवेशकों और उद्यमियों को अपने उत्पाद, तकनीक और नवाचार प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध नई तकनीकों तथा उत्पादों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा निवेशकों को प्रदेश में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं और सरकारी नीतियों की जानकारी भी दी जाएगी। इस पहल से रोजगार और ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नन्द बाबा दुग्ध मिशन और डेयरी नीति की दी जाएगी जानकारी

कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। विशेष रूप से नन्द बाबा दुग्ध मिशन तथा उत्तर प्रदेश डेयरी विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 से संबंधित जानकारी प्रतिभागियों के सामने रखी जाएगी।

पशुपालकों को इन योजनाओं के उद्देश्यों, संभावित लाभ और डेयरी क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही योजनाओं के माध्यम से पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को किस प्रकार जोड़ा जा सकता है, इस पर भी विभागीय स्तर से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों के साथ होगा संवाद और विचार-विमर्श

कार्यक्रम में डेयरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ नवीनतम तकनीक और आधुनिक पशुपालन पद्धतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे। इसके अलावा स्वदेशी नस्लों के गोपालन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में डेयरी क्षेत्र की भूमिका जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस दौरान पशुपालकों को अपने अनुभव साझा करने और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर भी मिल सकता है। इससे जमीनी स्तर पर पशुपालकों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर चर्चा का रास्ता तैयार होगा।

उत्कृष्ट पशुपालकों और निवेशकों का होगा प्रस्तुतिकरण

कॉन्क्लेव में विभिन्न विभागीय योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले पशुपालकों और निवेशकों का प्रस्तुतिकरण भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य सफल प्रयासों को सामने लाना और अन्य पशुपालकों तथा उद्यमियों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना है।

इसके साथ ही निजी क्षेत्र के निवेशकों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर दुग्ध उत्पादों और आधुनिक नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को डेयरी उद्योग में हो रहे तकनीकी बदलावों की जानकारी मिल सकेगी।

यूट्यूब पर होगा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण

जो लोग किसी कारणवश कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए भी आयोजन से जुड़ने का अवसर उपलब्ध रहेगा। कार्यक्रम का यूट्यूब के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके जरिए डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोग और आम नागरिक कार्यक्रम की गतिविधियों को ऑनलाइन देख सकेंगे।

इस पहल से कार्यक्रम का दायरा झाँसी और आसपास के जिलों तक सीमित न रहकर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचने की संभावना है। साथ ही डिजिटल माध्यम से योजनाओं और विशेषज्ञों की जानकारी अधिक संख्या में लोगों तक पहुंचाई जा सकेगी।

पशुपालकों और हितधारकों को सहभागिता का आह्वान

डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों को एक साझा मंच मिलेगा। इससे डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने जनपद के संबंधित पशुपालकों तथा दुग्ध क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया है। उनका कहना है कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार, पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में पहल

उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। इसी कड़ी में डेयरी क्षेत्र को संगठित, आधुनिक और निवेश आधारित बनाने की दिशा में ऐसे आयोजन उपयोगी साबित हो सकते हैं।

डेयरी कॉन्क्लेव के जरिए जहां एक ओर पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर निवेशकों को प्रदेश में मौजूद कारोबारी संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा। परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जुड़े क्षेत्रों में नई गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

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