कानपुर के घाटमपुर में जर्जर मकान में रहने को मजबूर है यह परिवार, PM आवास से अपात्र किए जाने का लगाया आरोप – जानिए किस पर

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कानपुर: घाटमपुर के नर्वल में लगातार हो रही बारिश के बीच नर्वल तहसील क्षेत्र के लाखनखेड़ा ग्राम पंचायत के मजरे सर्वांगपुर में एक किसान परिवार जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। मकान की हालत खराब होने के कारण परिवार के सामने सुरक्षित आवास का संकट बना हुआ है। वहीं, बारिश के पानी और नमी के कारण घर में रखा गेहूं, लाही और गृहस्थी का जरूरी सामान भी खराब होने की बात सामने आई है। ऐसे में परिवार के सामने आवास के साथ-साथ आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।

परिवार के मुखिया जयप्रकाश पुत्र गुलाब सिंह का आरोप है कि जर्जर मकान होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने तहसील दिवस में शिकायत देकर अधिकारियों से परिवार की सुरक्षा और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मकान की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने और बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराकर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

जर्जर मकान में रहने को मजबूर परिवार

जयप्रकाश के मुताबिक उनका मकान काफी समय से जर्जर स्थिति में है। लगातार बारिश के कारण इसकी स्थिति और खराब हो गई है। दीवारों में सीलन और कमजोरी के साथ ही छत भी क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। बारिश के दौरान घर के अंदर पानी और नमी की समस्या बढ़ जाती है।

परिवार का कहना है कि ऐसे हालात में सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है। मकान की खराब स्थिति को देखते हुए उन्हें हर समय घर की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। इसके बावजूद अभी तक उन्हें कोई सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है।

जयप्रकाश का कहना है कि परिवार के पास आर्थिक संसाधन सीमित हैं। इसलिए अपने स्तर से जर्जर मकान की मरम्मत कराना भी उनके लिए आसान नहीं है। ऐसे में उनकी उम्मीद प्रशासन और सरकारी आवास योजना से जुड़ी सहायता पर टिकी हुई है।

बारिश से गेहूं और लाही भी खराब

जर्जर मकान की समस्या के साथ लगातार बारिश ने परिवार की गृहस्थी को भी प्रभावित किया है। जयप्रकाश के अनुसार घर में रखा गेहूं और लाही नमी और बारिश की वजह से खराब हो गया। इसके अलावा गृहस्थी का जरूरी सामान भी पानी की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है।

जयप्रकाश किसान हैं और परिवार का खर्च खेती-किसानी से होने वाली आय पर निर्भर है। ऐसे में अनाज के खराब होने से परिवार की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। एक तरफ मकान की मरम्मत की जरूरत है तो दूसरी ओर बारिश से हुए नुकसान ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।

परिवार की मांग है कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करे, ताकि यदि वह सरकारी सहायता के लिए पात्र हैं तो नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जा सके।

PM आवास योजना से अपात्र किए जाने का आरोप

जयप्रकाश ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जर्जर मकान में रहने के बावजूद उन्हें योजना के लिए अपात्र कर दिया गया। वहीं, उन्होंने पात्रता सूची में कुछ ऐसे लोगों के नाम होने का दावा किया है, जिन्हें वह अपनी नजर में योजना का पात्र नहीं मानते।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार के अनुसार योजना के तहत बेघर तथा जर्जर या कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

हालांकि, जयप्रकाश के मामले में उनकी वास्तविक पात्रता क्या है और उन्हें किस आधार पर अपात्र किया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में प्रशासन की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

लेखपाल की जांच को लेकर भी उठाए सवाल

जयप्रकाश का कहना है कि हाल ही में उनके मकान की स्थिति देखने के लिए एक लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल ने उनसे कहा कि जब मकान पूरी तरह गिर जाएगा या कोई हादसा होगा, तभी योजना का लाभ मिल सकेगा।

हालांकि, लेखपाल की ओर से कथित टिप्पणी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल पीड़ित परिवार का आरोप ही माना जा रहा है। जयप्रकाश ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि सरकारी टीम दोबारा मौके पर पहुंचकर मकान की स्थिति, परिवार की आर्थिक स्थिति और आवास योजना से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन करती है, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

तहसील दिवस में सौंपा शिकायती पत्र

मामले को लेकर जयप्रकाश ने तहसील दिवस में अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया है। इसमें उन्होंने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर मकान का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए पात्रता की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

जयप्रकाश ने बारिश में खराब हुए गेहूं, लाही और गृहस्थी के सामान का भी सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नुकसान का सरकारी स्तर पर आकलन होने के बाद यदि नियमों के तहत सहायता का प्रावधान बनता है तो परिवार को राहत दी जाए।

प्रशासन की जांच से साफ होगी स्थिति

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में परिवार को किस आधार पर अपात्र किया गया और मकान की वास्तविक स्थिति क्या है।

इसके अलावा, लेखपाल पर लगाए गए आरोपों की भी जांच जरूरी है, ताकि तथ्य सामने आ सकें। यदि परिवार योजना की पात्रता पूरी करता है तो नियमानुसार उसे लाभ दिलाने की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि किसी स्तर पर पात्रता प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है तो उसके अनुसार जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

फिलहाल सर्वांगपुर का यह परिवार बारिश के बीच अपने जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। परिवार की मांग है कि किसी अप्रिय स्थिति की प्रतीक्षा करने के बजाय प्रशासन समय रहते मकान की स्थिति का आकलन करे और नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए। अब देखना होगा कि तहसील दिवस में दी गई शिकायत के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर क्या कार्रवाई करते हैं।

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