कानपुर में ऑपरेशन त्रिनेत्र की मदद से बंद मकान चोरी का हुआ खुलासा, मुख्य आरोपी हिमांशु गिरफ्तार

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: कमिश्नरेट कानपुर पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत ऑपरेशन त्रिनेत्र एक बार फिर प्रभावी साबित हुआ है। दक्षिण जोन के थाना सेन पश्चिम पारा क्षेत्र में हुई बंद मकान चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी हिमांशु गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी बेचकर प्राप्त दो लाख रुपये नकद, एक 315 बोर का देशी तमंचा तथा एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही एक अन्य आरोपी अंशू पासी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस चोरी की घटना का पूर्ण खुलासा कर दिया है।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चला विशेष अभियान

कानपुर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त (दक्षिण), अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) तथा एसीपी घाटमपुर के निर्देशन एवं थाना सेन पश्चिम पारा प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले की गहन जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी तथा डिजिटल सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया। यही कारण रहा कि फरार मुख्य आरोपी तक पुलिस पहुंचने में सफल रही।

19 जून को हुई थी बंद मकान में चोरी

पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को सेक्टर-7, स्वर्ण जयंती विहार स्थित एक बंद मकान में दिनदहाड़े चोरी की घटना हुई थी। घटना के संबंध में थाना सेन पश्चिम पारा में मु.अ.सं. 178/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि वह प्रतिदिन की तरह काम पर गई थीं। उनका भाई भी अपने कार्यस्थल पर था। घर पर मौजूद उनकी दोनों बेटियां दोपहर में मकान बंद कर अपनी मौसी के घर चली गई थीं। जब महिला शाम करीब साढ़े पांच बजे वापस लौटीं तो घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अंदर का सामान बिखरा हुआ था। अलमारी से आभूषण तथा नकदी गायब थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई।

सीसीटीवी कैमरों ने खोला पूरा राज

घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया।

इसी दौरान पुलिस को एक लाल-काले रंग की स्कूटी पर दो संदिग्ध युवक जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने YAKSH App की सहायता से दोनों व्यक्तियों का सत्यापन किया। जांच में उनकी पहचान अंशू पासी और हिमांशु गौतम के रूप में हुई।

इसके बाद पुलिस ने दोनों की गतिविधियों और आपराधिक रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया, जिससे जांच को नई दिशा मिली।

रैकी कर बंद मकानों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बंद मकानों को निशाना बनाते थे। पहले गैंग के सदस्य विभिन्न इलाकों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करते थे जहां कुछ समय तक कोई मौजूद नहीं रहता था।

इसके बाद मुख्य आरोपी स्कूटी से मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ते और कुछ ही मिनटों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए आभूषणों को गैंग के माध्यम से बेच दिया जाता था और प्राप्त धनराशि का उपयोग व्यक्तिगत खर्च तथा घूमने-फिरने में किया जाता था।

हालांकि पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की भी जांच कर रही है।

पहले एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पहले ही आरोपी अंशू पासी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।

दूसरी ओर मुख्य आरोपी हिमांशु गौतम लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार 7 जुलाई 2026 की रात प्रधानमंत्री आवास योजना, नगवां बंबा रोड क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान हुई बरामदगी

पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ—

  • दो लाख रुपये नकद, जो कथित रूप से चोरी की ज्वेलरी बेचने के बाद प्राप्त हुए थे।
  • एक 315 बोर का देशी तमंचा।
  • एक जिंदा 315 बोर कारतूस।

बरामद हथियार के संबंध में भी विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हिमांशु गौतम के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कानपुर देहात के रूरा और रनिया थाना क्षेत्रों में चोरी, चोरी के माल की बरामदगी तथा आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कानपुर नगर के चकेरी थाना क्षेत्र में भी उसके विरुद्ध मामला दर्ज है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी प्राप्त की जा सके।

तकनीक आधारित पुलिसिंग बनी प्रभावी

इस पूरे मामले में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही डिजिटल सत्यापन प्रणाली और तकनीकी विश्लेषण ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार होने से अपराधों के खुलासे की संभावना बढ़ती है। वहीं, पुलिस का कहना है कि नागरिकों के सहयोग और तकनीक के समन्वय से कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

पुलिस की अपील

कानपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। साथ ही घर से लंबे समय के लिए बाहर जाने की स्थिति में पड़ोसियों को जानकारी देने, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।

पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए तकनीकी संसाधनों का उपयोग आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएंगे।

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