हरदोई में नाली के पानी के विवाद में BSc छात्र की मौत, BDC सदस्य के बेटे पर हमला; चार के खिलाफ केस
रिपोर्टर – गुलफाम खान
हरदोई के हरपालपुर थाना क्षेत्र के बेहटा रमपुरा गांव में नाली के पानी के निकास को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर घटना में बदल गया। पड़ोसियों के बीच नाली साफ करने और पानी के निकास को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप है। इस घटना में क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) प्रेमादेवी और उनके 18 वर्षीय बेटे धीरेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान धीरेन्द्र की मौत हो गई। वह बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। चार थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है। वहीं, मृतक के पिता रामलखन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी रामकिशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
नाली के पानी के निकास को लेकर शुरू हुआ विवाद
परिजनों के अनुसार, बेहटा रमपुरा गांव में नाली के पानी के निकास को लेकर पड़ोसियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी क्रम में प्रेमादेवी ने नाली की सफाई और पानी के सही निकास को लेकर पड़ोसी रामकिशोर से बातचीत की थी।
आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ने का आरोप है।
परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान प्रेमादेवी और उनके बेटे धीरेन्द्र ने विरोध किया। इसी दौरान सीबू, रामकिशोर, रेखा और जीनू पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना में प्रेमादेवी और धीरेन्द्र दोनों घायल हो गए।
हालत गंभीर होने पर हरदोई से लखनऊ रेफर
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग घायलों को उपचार के लिए हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान धीरेन्द्र की हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया। परिजन उसे लेकर लखनऊ रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धीरेन्द्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना के बाद गांव में भी तनाव का माहौल बन गया।
BSc द्वितीय वर्ष का छात्र था धीरेन्द्र
मृतक धीरेन्द्र पुत्र रामलखन की उम्र महज 18 वर्ष थी। वह एपीएस सांडी डिग्री कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक वह पढ़ाई को लेकर गंभीर था और भविष्य में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा था।
धीरेन्द्र छह भाई-बहनों में सबसे छोटा बताया गया है। उसके भाइयों के नाम नरेंद्र, अनंतराम, रावेंद्र और पवन हैं, जबकि साधना उसकी बहन है। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतक की मां प्रेमादेवी गांव की क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। घटना में उनके घायल होने के बाद उनका भी उपचार कराया गया।
चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
धीरेन्द्र की मौत के बाद उसके पिता रामलखन ने पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सीबू, रामकिशोर, रेखा और जीनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने नामजद आरोपी रामकिशोर को हिरासत में लिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए आरोपियों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घटना का वीडियो भी सामने आया
घटना के दौरान का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। वीडियो में कुछ महिलाएं और पुरुष आपस में गाली-गलौज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोगों के हाथों में लाठी-डंडे भी नजर आ रहे हैं।
हालांकि, उपलब्ध वीडियो में मारपीट की घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो को अन्य साक्ष्यों के साथ जांच में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह और घटना के क्रम को स्पष्ट किया जा सके।
गांव में तनाव के चलते चार थानों की पुलिस तैनात
युवक की मौत के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अरवल, हरपालपुर, सवायजपुर और लोनार थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है।
पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना और गांव में शांति बनाए रखना है। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
इसके साथ ही पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और इसके बाद घटनास्थल पर क्या-क्या हुआ।
नाली के विवाद ने परिवार को गहरे सदमे में डाला
गांव में नाली और पानी के निकास जैसे स्थानीय विवाद को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद 18 वर्षीय छात्र की मौत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। एक तरफ परिवार ने अपना बेटा खो दिया, वहीं दूसरी ओर पुलिस के सामने घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है।

