मथुरा में समान मानदेय की मांग को लेकर डोर-टू-डोर कर्मचारियों की हड़ताल – पढ़िए इनकी क्या है मांग?
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा-वृंदावन: नगर निगम मथुरा-वृंदावन में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों पर तैनात कर्मचारियों ने समान मानदेय और महीने के 30/31 दिनों के अनुसार मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर रविवार सुबह कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के बाद नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के बाद आठ सदस्यीय समिति गठित की गई है।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और उनकी मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह कर्मचारी हित के साथ-साथ नगर निगम के हित को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित पहलुओं का परीक्षण करे और 25 सितंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और निर्णय लिया जा सकेगा।
समान मानदेय की मांग को लेकर कर्मचारियों में असंतोष
डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में लगे कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इनमें अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और महाकुशल श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के अनुसार, समान श्रेणी में कार्य करने के बावजूद अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से मिलने वाले मानदेय में अंतर है।
इसी अंतर को समाप्त करने और समान श्रेणी के कर्मचारियों को समान मानदेय उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके अलावा कर्मचारियों ने महीने में 30 या 31 दिनों के अनुसार मानदेय दिए जाने की मांग भी रखी है।
कर्मचारियों का कहना है कि एक ही प्रकार का कार्य करने वाले लोगों के मानदेय में कार्यदायी संस्था के आधार पर अंतर होने से उनमें असंतोष की स्थिति बन रही है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर अपनी मांगों की ओर नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
नगर आयुक्त ने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कर्मचारी संगठनों और सफाई कर्मचारियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कर्मचारियों की ओर से रखी गई मांगों को सुना गया और उनके समाधान की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में अपर नगर आयुक्त सुनीता सिंह, सहायक श्रम आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, लेखाधिकारी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक और नगर स्वास्थ्य अधिकारी सहित नगर निगम के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
वहीं, बैठक के दौरान कर्मचारियों की मांगों को नियमों के अनुरूप जांचने और पूरे मामले का परीक्षण करने के लिए आठ सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय लिया गया।
आठ सदस्यीय समिति करेगी मामले का परीक्षण
नगर निगम द्वारा गठित आठ सदस्यीय समिति की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त सुनीता सिंह करेंगी। समिति में कर्मचारी प्रतिनिधियों के दो सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की मांगों से जुड़े सभी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण करना है।
नगर आयुक्त ने समिति को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी हित और नगर निगम के हित को ध्यान में रखते हुए नियमों के अनुसार आवश्यक बिंदुओं की जांच की जाए। इसके बाद समिति को 25 सितंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट नगर निगम प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
प्रशासन की ओर से माना जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद कर्मचारियों की मांगों पर आगे की प्रक्रिया तय करने में मदद मिलेगी। इस तरह तत्काल किसी अंतिम निर्णय के बजाय पूरे मामले को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की पहल की गई है।
सफाई कर्मचारियों के योगदान की नगर आयुक्त ने की सराहना
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व के दौरान शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी, जिसे कर्मचारियों ने निभाया।
इस दौरान कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखने के बाद सकारात्मक बातचीत का भरोसा जताया।
हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का आश्वासन
बैठक के अंत में उपस्थित कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर कर्मचारियों के काम पर लौटने का आश्वासन दिया। इससे नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद है।
हालांकि, कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर अंतिम निर्णय अभी समिति की रिपोर्ट के बाद लिया जाना है। ऐसे में आगामी 25 सितंबर की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिति की रिपोर्ट में समान मानदेय, अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से भुगतान में अंतर और 30/31 दिनों के मानदेय से जुड़े बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा।
कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच के उत्तम चंद सजना, महानगर अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्की वाल्मीकि, कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष बंटी छोटेलाल, ड्राइवर यूनियन के राजवीर सहित कई कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा जितेंद्र, अजय चौधरी, हरि गोपाल ठाकुर, दिलीप ठाकुर, विक्रांत चौबे, संजय चौहान और बच्चू सिंह समेत अन्य प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
कुल मिलाकर, समान मानदेय की मांग को लेकर शुरू हुए कार्य बहिष्कार के बाद नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई है। आठ सदस्यीय समिति के गठन और 25 सितंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश के बाद अब कर्मचारियों की मांगों पर आगे की प्रक्रिया समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। साथ ही, कर्मचारियों के काम पर लौटने के आश्वासन से शहर की सफाई व्यवस्था को नियमित बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

