घाटमपुर सभासद का मोबाइल फोन गुम, बाइक सवार पर उठाकर ले जाने का आरोप; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

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रिपोर्ट: शुभम साहू

 कानपुर नगर। घाटमपुर कस्बे में एक सभासद का मोबाइल फोन गुम होने का मामला सामने आया है। सभासद कामरान ने अपना मोबाइल फोन गायब होने के संबंध में थाना घाटमपुर पुलिस को शिकायत देकर उसे बरामद कराने की मांग की है। पुलिस के ऑनलाइन लॉस्ट आर्टिकल रिकॉर्ड के अनुसार, मोबाइल फोन गुम होने की सूचना 5 सितंबर 2026 को दर्ज की गई है। वहीं, इस मामले से जुड़ा एक कथित सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, सभासद कामरान किसी काम से घाटमपुर कस्बे में स्थित एक पेट्रोल पंप पर गए थे। इसी दौरान पेट्रोल डलवाते समय उनका मोबाइल फोन कहीं गिर गया। कुछ समय बाद जब उन्हें मोबाइल फोन पास में नहीं मिला तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन करने के बाद भी मोबाइल फोन नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

पेट्रोल पंप के पास गिरा था मोबाइल

सभासद के मुताबिक, वह पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान किसी समय उनका मोबाइल फोन गिर गया। बताया गया है कि उनके पीछे से बाइक पर आ रहे एक युवक ने सड़क अथवा पेट्रोल पंप परिसर में पड़े मोबाइल फोन को उठाया।

हालांकि, मोबाइल फोन उठाने वाले व्यक्ति ने उसे अपने पास क्यों रखा और बाद में उसे पुलिस या उसके मालिक को सौंपा गया या नहीं, यह जांच का विषय है। सभासद की शिकायत के बाद अब पुलिस मामले से संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

मामले में सामने आए कथित वीडियो को लेकर भी चर्चा है। सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार युवक द्वारा जमीन से कोई वस्तु उठाते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि न्यूज संस्थान द्वारा नहीं की गई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति और गुम हुए मोबाइल फोन के बीच संबंध की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस को दी गई शिकायत में मोबाइल की जानकारी

सभासद कामरान ने थाना घाटमपुर पुलिस को दी गई शिकायत में मोबाइल फोन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई है। पुलिस के ऑनलाइन लॉस्ट आर्टिकल रिकॉर्ड में मोबाइल फोन को Vivo कंपनी का फोन बताया गया है।

मोबाइल फोन आज के समय में केवल बातचीत का साधन नहीं है। इसमें लोगों के व्यक्तिगत संपर्क, जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी, फोटो, बैंकिंग या अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़े विवरण भी हो सकते हैं। ऐसे में फोन गुम होने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से बरामद करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी वजह से सभासद ने पुलिस से मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी की मांग की है। पुलिस उपलब्ध जानकारी के आधार पर फोन का पता लगाने का प्रयास कर सकती है।

वायरल वीडियो की भी हो सकती है जांच

इस मामले में कथित सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के लिए जांच का एक महत्वपूर्ण आधार वीडियो फुटेज भी हो सकता है। यदि वीडियो उसी स्थान और समय का है, जब सभासद का मोबाइल फोन गिरा था, तो पुलिस फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ सकती है।

इसके अलावा, पेट्रोल पंप पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी जांच में उपयोगी हो सकती है। आसपास के रास्तों और प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों से बाइक सवार की आवाजाही के बारे में जानकारी मिलने की संभावना हो सकती है।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को सीधे तौर पर मोबाइल फोन ले जाने का आरोपी मानना उचित नहीं होगा। पुलिस द्वारा वीडियो की वास्तविकता, समय, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ऑनलाइन लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट दर्ज

पुलिस के ऑनलाइन लॉस्ट आर्टिकल रिकॉर्ड के अनुसार 5 सितंबर 2026 को मोबाइल फोन गुम होने की सूचना दर्ज की गई है। इस प्रकार मोबाइल फोन के गुम होने की घटना का आधिकारिक रिकॉर्ड पुलिस व्यवस्था में दर्ज हो चुका है।

अब पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण कार्य मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद करना है। मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी और उपलब्ध अन्य विवरण जांच में मददगार हो सकते हैं। यदि मोबाइल फोन किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंचा है, तो पुलिस उसकी पहचान और फोन की वर्तमान स्थिति का पता लगाने का प्रयास कर सकती है।

सभासद ने मोबाइल बरामद कराने की मांग की

सभासद कामरान की ओर से पुलिस से मोबाइल फोन बरामद कराने की मांग की गई है। शिकायत में मोबाइल से संबंधित आवश्यक विवरण भी उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में अब मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल फोन वास्तव में कहां और किन परिस्थितियों में गायब हुआ।

वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो ने मामले को चर्चा में ला दिया है। वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती, तब तक वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल यह मामला मोबाइल फोन गुम होने और उसे एक बाइक सवार द्वारा उठाए जाने के आरोप तक सीमित है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल फोन किस स्थान पर गिरा, उसे किस व्यक्ति ने उठाया और इसके बाद वह कहां गया।

यदि वायरल वीडियो उसी घटनाक्रम से संबंधित पाया जाता है, तो पुलिस के लिए मोबाइल फोन की तलाश में यह महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। वहीं, यदि वीडियो का घटना से कोई संबंध नहीं पाया जाता है, तो पुलिस को अन्य माध्यमों से मोबाइल फोन की तलाश करनी होगी।

घाटमपुर पुलिस के सामने अब मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ-साथ वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। सभासद द्वारा दी गई शिकायत, ऑनलाइन लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को जांच के दौरान मिलाकर देखा जा सकता है।

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