लखीमपुर खीरी के रेहरिया कला गांव पहुंचे एडीएम, जानी ग्रामीणों की पीड़ा; राहत के साथ पहुंची स्वास्थ्य टीम

132

 रिपोर्ट- शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी। तहसील सदर के ब्लॉक नकहा अंतर्गत बाढ़ प्रभावित रेहरिया कला गांव में शनिवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नरेंद्र बहादुर सिंह पहुंचे। उन्होंने गांव में बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए राहत व्यवस्था के साथ भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने गांव में पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने जलभराव, आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य तथा रोजमर्रा की आवश्यकताओं से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारी के सामने रखीं। एडीएम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को समय पर राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए संबंधित विभागों के अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों की आवश्यकताओं का आकलन करें और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं।

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

रेहरिया कला पहुंचने के बाद एडीएम ने केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी परेशानियों को भी समझा। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए पूछा कि बाढ़ के कारण उन्हें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जलभराव और आवागमन से जुड़ी दिक्कतों के साथ-साथ दैनिक जरूरतों की जानकारी प्रशासन को दी। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों से मौके की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, जिन परिवारों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है, उनकी पहचान कर आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को बांटे गए लंच पैकेट

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की तत्काल खाद्य जरूरत को देखते हुए गांव में लंच पैकेट का वितरण भी कराया गया। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली और स्वयं भी लंच पैकेट वितरित किए।

इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा भोजन गुणवत्तापूर्ण हो और वितरण व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए।

एडीएम ने कहा कि बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को भोजन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। इसलिए राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जाए।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गांव में जरूरत के अनुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी परिवार को सहायता की आवश्यकता होने पर उसे समय पर राहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन सतर्क

बाढ़ के दौरान जलभराव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रेहरिया कला गांव पहुंची। मेडिकल टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली।

जांच के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी दी। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वास्थ्य टीम की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस प्रकार, राहत व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

पशुधन के लिए चारे और स्वास्थ्य की व्यवस्था पर जोर

रेहरिया कला गांव में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ-साथ उनके पशुधन की जरूरतों पर भी ध्यान दिया। एडीएम ने क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रभावित ग्रामीणों के पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि पशुधन के स्वास्थ्य पर भी लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए। यदि किसी पशु में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आती है तो उसके उपचार के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चारे की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रशासन ने पशुओं के लिए चारा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर संबंधित विभाग को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों को अपने पशुधन की देखभाल में सहायता मिल सकेगी।

राहत और व्यवस्थाओं पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश

निरीक्षण के दौरान एडीएम ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए।

उन्होंने विशेष रूप से भोजन, स्वास्थ्य, राहत सामग्री और पशुओं के चारे जैसी आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। साथ ही ग्रामीणों की ओर से सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एडीएम ने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्य केवल कागजी स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।

आपदा के समय समन्वित प्रयास पर जोर

रेहरिया कला में एडीएम के निरीक्षण के दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की भूमिका भी सामने आई। बाढ़ जैसी परिस्थितियों में अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

वहीं, ग्रामीणों से संवाद के जरिए प्रशासन ने जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इससे राहत कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार संचालित करने में मदद मिलेगी।

You may have missed