तहसील दिवस पर जिलाधिकारी और DCP पूर्वी ने सुनीं जन समस्याएं, समयबद्ध समाधान के निर्देश
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर । तहसील दिवस के अवसर पर आमजन की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के उद्देश्य से जनसुनवाई का आयोजन किया गया। मर्चेंट चेंबर हॉल में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता और धैर्य के साथ सुना। इस दौरान विभिन्न मामलों को लेकर पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
तहसील दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में मर्चेंट चेंबर हॉल में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
जिलाधिकारी और पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने फरियादियों की समस्याओं को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, अधिकारियों को यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई और समाधान की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए, संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई में पुलिस से संबंधित समस्याओं को लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतों को भी गंभीरता से सुना गया। पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की शिकायतों पर नियमानुसार और त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही, शिकायत के संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाए, ताकि उसे यह स्पष्ट हो सके कि उसकी शिकायत पर क्या कदम उठाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए। यदि किसी मामले में जांच या अन्य प्रक्रिया की आवश्यकता है, तो उसे नियमानुसार पूरा करते हुए संबंधित व्यक्ति को आवश्यक जानकारी दी जाए।
फरियादियों से सम्मानपूर्वक व्यवहार के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने आगंतुकों और फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने पर विशेष जोर दिया। संबंधित कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि अपनी समस्या लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक कार्यालयों में आने वाले लोगों को उचित सुविधा उपलब्ध कराना भी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी क्रम में, फरियादियों के बैठने की उचित व्यवस्था और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में आने वाले लोगों के साथ व्यवहार ऐसा होना चाहिए जिससे उन्हें अपनी समस्या रखने में किसी प्रकार की असुविधा महसूस न हो। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतकर्ता की बात पूरी तरह सुनने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति को समझा जा सकता है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।
स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने पर जोर
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर बार-बार सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना था कि यदि किसी क्षेत्र से एक ही प्रकार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभाग को केवल अलग-अलग शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय समस्या के मूल कारण का समाधान करना चाहिए।
वहीं, स्थानीय स्तर पर बार-बार सामने आने वाले मामलों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। इससे लोगों को बार-बार अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास आने की आवश्यकता कम हो सकती है।
प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनसमस्याओं के समाधान में आपसी समन्वय बनाए रखें। यदि किसी मामले में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, तो सभी संबंधित विभाग मिलकर उसका समाधान सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने की कवायद
तहसील दिवस और जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, प्रशासन को स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी भी मिलती है।
कानपुर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भी अधिकारियों ने इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और DCP पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया जाए।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान करते समय नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी देकर प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास कायम रखने की दिशा में भी काम किया जाए।
अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को यह संदेश दिया गया कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इसलिए किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखने से बचना होगा।
विशेष रूप से पुलिस से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई, शिकायतकर्ता के साथ सम्मानजनक व्यवहार और कार्रवाई की जानकारी देने पर जोर दिया गया। इसी तरह, प्रशासनिक एवं स्थानीय स्तर की समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
तहसील दिवस की इस जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी मंच मिले। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

