यूपी में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात: आगरा में एंबुलेंस फंसी, चारपाई पर गर्भवती महिला को पहुंचाया गया

WhatsApp Image 2026-09-05 at 2.03.03 PM (1)

Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार सुबह से राजधानी लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर समेत कई शहरों में रुक-रुककर हल्की बारिश हो रही है। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में धूप भी निकल रही है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 71 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

बारिश के कारण जहां एक ओर शहरी क्षेत्रों में सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आगरा में शुक्रवार देर रात जलभराव के कारण एक एंबुलेंस रास्ते में फंस गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने गर्भवती महिला को चारपाई पर रखकर करीब 500 मीटर तक ले जाते हुए एंबुलेंस तक पहुंचाया। इस घटना ने जलभराव के बीच स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की चुनौती को सामने ला दिया है।

आगरा में जलभराव के बीच चारपाई पर गर्भवती महिला को ले गए लोग

आगरा में शुक्रवार देर रात तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी। हालांकि, जलभराव के कारण एंबुलेंस महिला के घर तक नहीं पहुंच सकी।

ऐसे में स्थानीय लोगों ने मदद के लिए आगे आते हुए महिला को चारपाई पर लिटाया और उसे करीब 500 मीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया। लोगों की मदद से महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए ले जाया गया।

यह घटना बताती है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव केवल यातायात की समस्या नहीं रहता, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए ऐसी परिस्थितियां अतिरिक्त चुनौती पैदा करती हैं।

मेरठ और बाराबंकी में बारिश के बीच मकान ढहे

प्रदेश में बारिश के कारण कई स्थानों पर मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मेरठ और बाराबंकी में भारी बारिश के बीच मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में दो बच्चों समेत तीन लोगों के घायल होने की जानकारी है।

लगातार बारिश के कारण पुराने और कमजोर मकानों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को जर्जर भवनों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है।

26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश के नदी किनारे और निचले इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ और जलभराव से करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि करीब 5 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं, जिन क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ रहा है, वहां लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

वाराणसी और प्रयागराज में भी बढ़ी चुनौती

वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर और बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी है। नदी किनारे बसे गांवों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है।

ऐसे इलाकों में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और राहत दलों की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

71 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के 71 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर समेत कई शहरों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है।

हालांकि, बारिश की तीव्रता सभी इलाकों में एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो रही है, जबकि कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।

शहरों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

मानसून की बारिश के दौरान प्रदेश के कई शहरों में जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, कई जगहों पर लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विशेष रूप से उन क्षेत्रों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जहां जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर है। बारिश के दौरान जलभराव होने से एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।

आगरा की घटना इसी चुनौती का उदाहरण है, जहां एंबुलेंस के जलभराव वाले क्षेत्र में फंसने के बाद स्थानीय लोगों को गर्भवती महिला को चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ और बारिश से प्रभावित जिलों में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने और नदी, नाले तथा जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचने की अपील की जा रही है। इसके अलावा, लगातार बारिश के बीच कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण बारिश और बाढ़ की चुनौती बनी हुई है। एक ओर 71 जिलों में बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी ओर 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन की निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

You may have missed