लखीमपुर में जलभराव पर डीएम का एक्शन, दूसरा पंप लगाने के दिए निर्देश

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बुधवार को स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय मोहल्लेवासियों से सीधे संवाद करके उनकी समस्याएं सुनीं। मौके पर पानी की निकासी के लिए लगाए गए एक पंप से अपेक्षाकृत धीमी जलनिकासी होती मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल दूसरा पंप लगाने के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश के बाद अतिरिक्त पंप लगाने की कार्रवाई मौके पर ही शुरू कर दी गई। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जब तक क्षेत्र से पूरी तरह पानी की निकासी नहीं हो जाती, तब तक जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जाए, ताकि लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।

मौके पर पहुंचकर डीएम ने देखी जलनिकासी व्यवस्था

गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में जलभराव की सूचना के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलवाराजु आर. और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने सैम्पवेल के माध्यम से की जा रही जलनिकासी की व्यवस्था को देखा। उन्होंने अधिकारियों से पंप की क्षमता, पानी की निकासी की गति और क्षेत्र में जलभराव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण में जलनिकासी की गति अपेक्षाकृत धीमी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जलभराव वाले क्षेत्र में केवल पंप लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी प्रभावी निगरानी भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए।

दूसरा पंप लगाने से तेज होगी पानी की निकासी

क्षेत्र में पहले से एक पंप के माध्यम से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा था। हालांकि, जलनिकासी की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने के कारण डीएम ने दूसरा पंप लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य जलनिकासी की क्षमता बढ़ाकर क्षेत्र में जमा पानी को जल्द से जल्द निकालना है।

डीएम के निर्देश के बाद अतिरिक्त पंप लगाने की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दी गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव पूरी तरह समाप्त होने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही, यदि कहीं जलनिकासी में कोई तकनीकी या अन्य समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।

मोहल्लेवासियों से सीधे संवाद कर जानी समस्या

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गंगोत्री नगर के स्थानीय निवासियों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों से पूछा कि जलभराव किस दिशा से हो रहा है और पानी की निकासी में किस स्थान पर परेशानी आ रही है। मोहल्लेवासियों ने जलनिकासी धीमी होने सहित अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर डीएम ने अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति के अनुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थानीय समस्या को समझने के लिए मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करना आवश्यक है। इसके बाद ही प्रभावी और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

इस दौरान डीएम ने अधिकारियों को नगर पालिका और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव समाप्त होने तक सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

भविष्य में जमीन खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों को भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि मकान बनाने या जमीन खरीदने से पहले केवल जमीन की कीमत को आधार नहीं बनाना चाहिए। इसके साथ ही रास्ते, नाली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को भी अच्छी तरह परखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई बार कम कीमत में जमीन उपलब्ध होने के कारण लोग उसके अन्य पहलुओं की पर्याप्त जानकारी नहीं लेते। बाद में जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने पर वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जमीन खरीदने से पहले आसपास की भौगोलिक स्थिति और जलनिकासी व्यवस्था की जानकारी लेना जरूरी है।

डीएम की यह सलाह खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बारिश के दौरान पानी जमा होने की संभावना रहती है। स्थानीय स्तर पर जलनिकासी की स्थिति को पहले से समझकर भविष्य की समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।

जलभराव समाप्त होने तक निगरानी के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में जलभराव पूरी तरह समाप्त होने तक जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पंप और अन्य संसाधन लगाए जाएं।

साथ ही, नगर पालिका परिषद और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। इससे जलनिकासी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ-साथ मौके पर आने वाली किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान में अधिकारियों की सक्रियता जरूरी है। इसलिए मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और उसके आधार पर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कुल मिलाकर, गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के मौके पर पहुंचने और तत्काल अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश से जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने से प्रशासन को जमीनी स्थिति की जानकारी भी मिली। अब जलभराव पूरी तरह समाप्त होने तक क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था की निगरानी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है।

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