मुरादाबाद के गांधीनगर पब्लिक स्कूल में पौधरोपण, विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
रिपोर्ट- मो. अरशद
मुरादाबाद। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से गांधीनगर पब्लिक स्कूल, गांधीनगर में विशेष पर्यावरण संरक्षण गतिविधि एवं पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण संरक्षण गतिविधि महानगर मुरादाबाद की ओर से नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण कंपटीशन 2026 के अंतर्गत किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के मौसमी फूलों और छायादार पौधों का रोपण किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन के साथ ही मुरादाबाद के विभिन्न इंटर कॉलेजों और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों एवं प्राचार्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा।
दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम् से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन और मंचासीन अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम् का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विशेष शर्मा ने किया, जबकि डॉ. राजीव कुमार संयोजक के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षिका, मुरादाबाद श्रीमती रितु तोमर रहीं। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में विजेन्दर जी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रांत संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि डॉ. रामऔतार ने नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण कंपटीशन 2026 और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।
पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण जरूरत
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों में यदि शुरुआत से ही पर्यावरण के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए तो भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
छात्राओं ने नाटिका के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रभावशाली नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से पेड़-पौधों के महत्व, हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
नाटिका ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी विशेष दिन आयोजित होने वाला अभियान नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
इसके अलावा विपिन गुप्ता की ओर से ‘हरित घर’ सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में घर और आसपास के वातावरण को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने से संबंधित जानकारी साझा की गई।
विद्यार्थियों ने लगाए मौसमी फूल और छायादार पौधे
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के मौसमी फूलों तथा छायादार पौधों का पौधरोपण किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने पहला पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इसके बाद विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी परिसर में पौधे लगाए।
पौधरोपण के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की रोकथाम में भी पौधों का योगदान महत्वपूर्ण है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों ने पौधरोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उन्होंने पौधों को समय-समय पर पानी देने और उनकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। इस तरह कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ व्यवहारिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया।
पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे तो पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पेड़ लगाने के साथ-साथ प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने, स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि आज किए गए पर्यावरण संरक्षण के प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव तैयार करेंगे।
प्रधानाचार्य ने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति की रक्षा करना सभी का नैतिक दायित्व है। बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की व्यवहारिक जानकारी देना जरूरी है।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में मुरादाबाद के विभिन्न इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर डॉ. विशेष गुप्ता, वाईपी गुप्ता, डॉ. जय प्रकाश सक्सेना, सीए प्रवीण कुमार, सीए अभिनव अग्रवाल, राजीव सहाय, सत्यवीर चौहान, डॉ. अनामिका त्रिपाठी, डॉ. मधुबाला त्यागी, डॉ. संजय अग्रवाल, दीपक मेहदीरत्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विपिन गुप्ता, डॉ. राजीव कुमार, कपिल कुमार, विमल शर्मा, श्रीमती आकांक्षा और सचिन शर्मा का विशेष सहयोग रहा।
आभार के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में गांधीनगर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अनिल सिंघल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
इसके बाद कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ ही पौधों की नियमित देखभाल और हरियाली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पहल से विद्यार्थियों को यह सीख मिली कि पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़े अभियानों के साथ-साथ रोजमर्रा के छोटे प्रयास भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

