कानपुर बिल्हौर में बंद कुएं की मिट्टी धंसी, 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरी महिला; ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला

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रिपोर्ट- आनन्द तिवारी 

बिल्हौर/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर क्षेत्र के नसिरापुर गांव में गुरुवार दोपहर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब घर के आंगन में करीब 40 साल से बंद पड़े पुराने कुएं की मिट्टी अचानक धंस गई। इसी दौरान जीने से नीचे उतर रही 60 वर्षीय महिला जमीन धंसने के कारण करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें हाथ से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता के कारण महिला को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। गड्ढे में गिरने के कारण महिला को मामूली चोटें आई हैं। इसके बाद स्वजन उन्हें उपचार के लिए ले गए। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

आंगन में पैर रखते ही धंस गई जमीन

नसिरापुर गांव निवासी महेश चंद्र अपनी 60 वर्षीय पत्नी ज्ञान देवी के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। उनके चार बेटे हैं, जो अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। महेश चंद्र के मुताबिक, पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण गुरुवार सुबह उनके कच्चे मकान की एक दीवार भी गिर गई थी।

इसी बीच दोपहर में ज्ञान देवी छत से जीने के रास्ते नीचे आ रही थीं। जैसे ही उन्होंने आंगन में कदम रखा, अचानक जमीन की मिट्टी धंस गई। जमीन के नीचे बनी पुरानी संरचना के स्थान पर मिट्टी कमजोर होने के कारण वहां गहरा गड्ढा बन गया और ज्ञान देवी उसमें जा गिरीं।

बताया गया कि गड्ढा करीब 10 फीट गहरा था। अचानक जमीन धंसने से महिला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही वह नीचे चली गईं। हालांकि, उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हो गई।

शोर सुनकर दौड़े ग्रामीण, हाथ से निकाला बाहर

ज्ञान देवी के गड्ढे में गिरने के बाद उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने जब आंगन में जमीन धंसी देखी तो उन्हें स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए महिला को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।

गड्ढा गहरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। इसके बावजूद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से उन्हें हाथ पकड़कर धीरे-धीरे ऊपर खींचा। काफी प्रयास के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बाहर आने के बाद महिला के परिजनों ने राहत की सांस ली। गड्ढे में गिरने से उन्हें मामूली चोटें आई थीं। इसके बाद स्वजन उन्हें उपचार के लिए ले गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला की हालत सामान्य बताई गई है।

40 साल पहले कुएं को मिट्टी डालकर किया गया था बंद

महेश चंद्र ने बताया कि जिस स्थान पर गुरुवार को जमीन धंसी, वहां करीब चार दशक पहले एक पुराना कुआं हुआ करता था। कई वर्ष पहले इस कुएं को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया था। इसके बाद उस स्थान का इस्तेमाल घर के आंगन के तौर पर किया जा रहा था।

लगातार बारिश के कारण जमीन के भीतर पानी जाने से पुरानी भरी हुई मिट्टी कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से अचानक मिट्टी धंस गई और वहां करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। हालांकि, प्रशासन की जांच के बाद ही जमीन धंसने के वास्तविक कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

पुराने कुओं, गड्ढों और मिट्टी से भरे स्थानों पर लंबे समय के बाद इस तरह की स्थिति बन सकती है। खासकर लगातार बारिश के दौरान जमीन के भीतर पानी का रिसाव मिट्टी की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

सुबह कच्चे मकान की दीवार भी गिर चुकी थी

घटना से पहले ही बारिश का असर महेश चंद्र के कच्चे मकान पर दिखाई दे चुका था। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह लगातार बारिश के कारण मकान की एक दीवार गिर गई थी। इसके बाद परिवार के सामने पहले से ही परेशानी की स्थिति बनी हुई थी।

इसी बीच दोपहर में आंगन की मिट्टी धंसने से उनकी पत्नी के गड्ढे में गिरने की घटना सामने आ गई। गनीमत रही कि महिला के शोर मचाने के बाद ग्रामीण तत्काल वहां पहुंच गए। अगर समय पर आसपास के लोगों को जानकारी नहीं मिलती तो स्थिति और कठिन हो सकती थी।

एसडीएम और थाना प्रभारी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

हादसे की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद एसडीएम मनीष कुमार और अरौल थाना प्रभारी विनय तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार से घटना के संबंध में जानकारी ली।

एसडीएम मनीष कुमार के अनुसार, लगातार बारिश के चलते बंद पड़े पुराने कुएं की मिट्टी धंसने की वजह से महिला गड्ढे में गिर गई थीं। उन्होंने बताया कि महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

प्रशासन की टीम ने मौके की स्थिति को देखा और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। साथ ही, बारिश के दौरान पुराने और कमजोर स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

बारिश में पुराने कुओं और कमजोर जमीन से सावधानी जरूरी

इस घटना ने बारिश के मौसम में पुराने बंद कुओं और मिट्टी से भरे गड्ढों को लेकर सावधानी की जरूरत भी सामने ला दी है। कई स्थानों पर पुराने कुएं इस्तेमाल में नहीं होने के बाद मिट्टी या मलबे से भर दिए जाते हैं। समय बीतने के साथ यह मिट्टी कमजोर हो सकती है।

विशेष रूप से लगातार बारिश के दौरान जमीन के अंदर पानी जाने से मिट्टी बैठने या धंसने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में घरों के आंगन, रास्तों और अन्य स्थानों पर यदि जमीन में अचानक दरार, धंसाव या असामान्य बदलाव दिखाई दे तो वहां जाने से बचना चाहिए और संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।

नसिरापुर गांव की घटना में ग्रामीणों की तत्परता से महिला को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से भी स्थिति का जायजा लिया गया। फिलहाल महिला को गंभीर चोट नहीं आने से परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

घटना से जुड़ी प्रमुख बातें

  • हादसा बिल्हौर क्षेत्र के नसिरापुर गांव में हुआ।
  • करीब 60 वर्षीय ज्ञान देवी आंगन में जमीन धंसने से गड्ढे में गिर गईं।
  • गड्ढा करीब 10 फीट गहरा बताया गया।
  • स्थान पर करीब 40 वर्ष पहले कुआं था, जिसे मिट्टी डालकर बंद किया गया था।
  • लगातार बारिश के बीच पुरानी मिट्टी धंसने की बात सामने आई है।
  • ग्रामीणों ने महिला को हाथ से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
  • महिला को मामूली चोटें आईं और स्वजन उन्हें उपचार के लिए ले गए।
  • एसडीएम मनीष कुमार और अरौल थाना प्रभारी विनय तिवारी ने मौके का निरीक्षण किया।

घटना के बाद ग्रामीणों में पुराने बंद कुएं वाले स्थान को लेकर चिंता है। प्रशासन के निरीक्षण के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे स्थानों की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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