कानपुर सेंट्रल में RPF का सुरक्षा सम्मेलन, यात्रियों की सुरक्षा और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कानपुर सेंट्रल उपमंडल में RPF अधिकारियों और बल सदस्यों का विशेष सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त/प्रयागराज ने अधिकारियों और जवानों को रेलवे परिसर, स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप सतर्कता, तकनीकी दक्षता और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।

सुरक्षा सम्मेलन में RPF पोस्ट पनकी धाम, अनवरगंज, GMC और कानपुर सेंट्रल के अधिकारियों एवं बल सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा सहायक सुरक्षा आयुक्त/कानपुर तथा RPSF के अधिकारी और बल सदस्य भी सम्मेलन में मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए बल सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया।

सतर्कता और सजगता को बताया अहम

सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रत्येक बल सदस्य का ड्यूटी के दौरान पूरी तरह सतर्क और सजग रहना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से बीट सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही नियमित ब्रीफिंग और डी-ब्रीफिंग की व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए। इससे ड्यूटी के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों, महत्वपूर्ण सूचनाओं और आवश्यक सुरक्षा उपायों को लेकर बल सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

यात्रियों की सुरक्षा RPF की सर्वोच्च प्राथमिकता

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा RPF की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों में यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी स्तरों पर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि रेलवे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में स्टेशन, प्लेटफॉर्म, प्रवेश एवं निकास क्षेत्रों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही यात्रियों की सहायता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और आवश्यकता के अनुसार उसमें सुधार करें। बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी लगातार बढ़ाया जाना चाहिए।

तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर

सुरक्षा सम्मेलन में तकनीकी संसाधनों और विभागीय मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने बल सदस्यों को ICMS, RSMS और Health Issues Module जैसे विभागीय मॉड्यूल का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और बल सदस्य को उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की जानकारी होना जरूरी है। साथ ही इनका निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित और प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।

तकनीकी दक्षता बढ़ने से सूचनाओं के बेहतर प्रबंधन, ड्यूटी से जुड़े कार्यों की निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूती मिल सकती है। इसलिए RPF के जवानों को समय के साथ स्वयं को अपडेट करते रहना चाहिए।

स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक रहने की अपील

सम्मेलन में बल सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जवानों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा ड्यूटी जिम्मेदारी और सतर्कता से जुड़ी होती है। ऐसे में बेहतर कार्य निष्पादन के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। अधिकारियों को भी अपने अधीनस्थ बल सदस्यों की समस्याओं और आवश्यकताओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

अनुशासन और टीम भावना पर विशेष जोर

सुरक्षा सम्मेलन के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और टीम भावना को लेकर भी बल सदस्यों को प्रेरित किया गया। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल व्यक्तिगत स्तर पर अच्छा कार्य करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी अधिकारियों और जवानों के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है।

उन्होंने बल सदस्यों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही ड्यूटी के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने तथा यात्रियों के साथ जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।

जवानों की समस्याओं को सुना गया

सुरक्षा सम्मेलन केवल दिशा-निर्देश देने तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान RPF के बल सदस्यों ने अपनी व्यक्तिगत और ड्यूटी से संबंधित समस्याओं को भी वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के समक्ष रखा।

बल सदस्यों की ओर से सामने रखी गई समस्याओं का वरिष्ठ अधिकारी ने गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं के यथासंभव समाधान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

इस पहल से अधिकारियों और बल सदस्यों के बीच संवाद को बढ़ावा मिला। साथ ही जवानों को अपनी समस्याएं सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर भी मिला।

सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश

सम्मेलन के दौरान यह संदेश दिया गया कि रेलवे सुरक्षा का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में RPF को भी नई चुनौतियों के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को लगातार बेहतर बनाना होगा।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने अधिकारियों और जवानों से कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अपडेट रहें। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी संसाधनों, विभागीय प्रणालियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी को भी मजबूत करें।

उन्होंने कहा कि सतर्कता, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के माध्यम से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक बल सदस्य को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हुए यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में योगदान देना चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल

कानपुर सेंट्रल उपमंडल में आयोजित यह सुरक्षा सम्मेलन रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सम्मेलन के माध्यम से अधिकारियों और बल सदस्यों को सुरक्षा संबंधी प्राथमिकताओं, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर समन्वय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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