औरैया में H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, जानिए लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय

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रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी 

औरैया। इन्फ्लुएंजा-ए H1N1 वायरस को लेकर औरैया स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में वायरस से जुड़े प्रमुख लक्षणों, हाई रिस्क समूह और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन्फ्लुएंजा-ए H1N1 एक वायरल संक्रमण है, जिसके दौरान सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में लक्षणों की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अपनी स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी है।

H1N1 के प्रमुख लक्षणों को पहचानना जरूरी

एडवाइजरी के मुताबिक H1N1 संक्रमण के दौरान बुखार और खांसी जैसे लक्षण प्रमुख रूप से सामने आ सकते हैं। इसके अलावा नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द और ठंड लगना भी संक्रमण से जुड़े सामान्य लक्षण हो सकते हैं।

ऐसे में यदि किसी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना और अन्य लोगों के संपर्क में आने के दौरान जरूरी सावधानी रखना उपयोगी हो सकता है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी वायरल संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। यदि लक्षण बढ़ते हैं या व्यक्ति की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो चिकित्सक से संपर्क करना उचित रहेगा।

बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी वाले लोग हाई रिस्क में

स्वास्थ्य विभाग ने कुछ वर्गों के लोगों को H1N1 संक्रमण के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इनमें 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति शामिल हैं।

इन लोगों को संक्रमण के संभावित जोखिम को देखते हुए भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। साथ ही, आसपास किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर पर्याप्त दूरी और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।

इसके अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण सामने आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिलने से स्थिति का उचित आकलन किया जा सकता है।

हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर रहें

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर रहकर सेल्फ आइसोलेशन करने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य संक्रमण के संभावित प्रसार को कम करना है।

यदि किसी व्यक्ति को हल्का बुखार, खांसी, नाक बहना या गले में खराश जैसे लक्षण हैं, तो उसे पर्याप्त आराम करने और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अनावश्यक नजदीकी संपर्क से बचने की सलाह दी गई है।

साथ ही, व्यक्तिगत इस्तेमाल की वस्तुओं को साझा करने से बचना और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी संक्रमण नियंत्रण में मददगार हो सकता है। हालांकि, यदि लक्षण गंभीर हों या लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।

सामान्य मरीजों को ओसेल्टामिविर की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य मरीजों को ओसेल्टामिविर दवा की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

दवा को लेकर किसी भी तरह की स्वयं-चिकित्सा से बचना जरूरी है। मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, लक्षणों और जोखिम के आधार पर चिकित्सक उपचार संबंधी उचित निर्णय ले सकते हैं।

इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट जानकारी के आधार पर दवाओं का इस्तेमाल न करें। किसी भी दवा का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

मास्क और हाथों की स्वच्छता पर जोर

H1N1 जैसे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष जोर दिया है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा नियमित रूप से हाथ धोने और खांसते या छींकते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।

खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए। हाथों की स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए, विशेषकर सार्वजनिक स्थानों से लौटने के बाद। इस तरह की सामान्य सावधानियां श्वसन संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकती हैं।

इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे दूसरों के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के संपर्क में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

घबराने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और संक्रमण से बचाव के प्रति सावधान करना है। H1N1 को लेकर लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय स्वास्थ्य संबंधी सामान्य सावधानियों का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे अपनी स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। हल्के लक्षण होने पर घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन किया जा सकता है, जबकि लक्षण बढ़ने या स्थिति चिंताजनक होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

विशेष रूप से हाई रिस्क समूह में शामिल लोगों को लक्षण दिखाई देने पर अधिक सतर्क रहना चाहिए। इस दौरान स्वयं दवा लेने के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होगा।

स्वास्थ्य विभाग की लोगों से अपील

औरैया स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे H1N1 संक्रमण को लेकर जागरूक रहें और बचाव के उपायों का पालन करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथों की नियमित सफाई और खांसते-छींकते समय सावधानी जैसे कदम संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

इसके साथ ही, हल्के लक्षण वाले लोगों को घर पर रहकर आराम करने और सेल्फ आइसोलेशन का पालन करने की सलाह दी गई है। वहीं, हाई रिस्क समूह के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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