कानपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF की तैनाती, 25 परिवारों के लिए राहत-बचाव शुरू
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कानपुर के गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। गुरुवार को करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन की टीमें भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। वहीं, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री की व्यवस्था के साथ-साथ कम्युनिटी किचन भी शुरू किया गया है। प्रशासन के अनुसार, बाढ़ आश्रय स्थल पर रोजाना करीब 400 लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
पांडु नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव
पांडु नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। इन इलाकों में कई परिवारों के प्रभावित होने की सूचना प्रशासन को मिली। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय किया गया।
इसके बाद करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना पर NDRF की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहीं।
प्रशासन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की जा रही है। खासतौर पर नदी और पुल के आसपास सुरक्षा निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया गया है।
एसडीएम और तहसीलदार ने किया था निरीक्षण
इससे पहले बुधवार देर रात संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान प्रभावित परिवारों की जरूरतों को समझते हुए राहत व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रभावित लोगों के लिए राहत किट की व्यवस्था भी कराई गई।
अधिकारियों ने संबंधित टीमों को क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
भौती-पनका पुल पर आवागमन बंद
गुरुवार को ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग स्थित पुल के ऊपर से पांडु नदी का पानी बहने लगा। पानी पुल के ऊपर आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत यहां आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया।
इसके लिए पुल पर बैरिकेडिंग कराई गई है। साथ ही स्थानीय पुलिस को मौके पर सतर्क रहने और पुल से लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति में आवागमन जारी रखना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए फिलहाल पुल को बंद रखते हुए स्थिति पर निगरानी की जा रही है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य ने भी लिया जायजा
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मायापुरम और रविदासपुरम पहुंचकर प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोगों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बातचीत की। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को निकट स्थित बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने के लिए कहा गया है। यहां जरूरत के अनुसार लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ आश्रय स्थल पर कम्युनिटी किचन शुरू
प्रभावित परिवारों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए बाढ़ आश्रय स्थल पर कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू कर दिया गया है। यहां रोजाना लगभग 400 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
कम्युनिटी किचन के संचालन से जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को भोजन की सुविधा मिल रही है। प्रशासन की ओर से राहत व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए संबंधित टीमों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इसके अलावा प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार राहत किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव के दौरान लोगों को जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर
पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और संबंधित विभागों की टीमें मौजूद हैं। वहीं, NDRF की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले स्थानों और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। इसके साथ ही बंद किए गए पुल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए सुरक्षा अवरोधों का पालन करें।
फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, भोजन एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने और पांडु नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी पर है। स्थिति में बदलाव के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

