कानपुर की समोसा फैक्ट्रियों में खाद्य सुरक्षा जांच, डेढ़ क्विंटल सड़ा आलू किया गया नष्ट – पढ़िए कहां
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कानपुर: रेलवे की कैंटीनों और दुकानों में सप्लाई होने वाले समोसों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानपुर में बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर गुरुवार को रेल बाजार क्षेत्र में तीन समोसा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को एक निर्माण इकाई में करीब डेढ़ क्विंटल सड़ा हुआ आलू मिला। इसके अलावा तीनों इकाइयों से कुल 3200 बिना तले समोसे और 25 किलो आलू मसाला ऐसी स्थिति में पाया गया, जिसे टीम ने मौके पर नष्ट करा दिया। वहीं, एक निर्माण इकाई को सील करने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 48 बोरियों में रखा करीब 2384 किलो मैदा सीज किया गया।
सूचना के आधार पर गठित की गई टीम
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह के अनुसार, क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मिली सूचना के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके लिए मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम गठित की गई।
इसके बाद टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत रेल बाजार क्षेत्र में संचालित समोसा निर्माण इकाइयों की जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल तैयार और कच्चे खाद्य पदार्थों की स्थिति देखी, बल्कि खाद्य सामग्री के भंडारण, स्वच्छता और आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की।
पहली इकाई में मिला सड़ा आलू
जांच के दौरान टीम सबसे पहले निर्मल कुमार मिश्र की समोसा निर्माण इकाई में पहुंची। यहां निरीक्षण के दौरान परिसर में करीब डेढ़ क्विंटल सड़ा हुआ आलू रखा मिला। इसके अलावा 400 बिना तले समोसे भी पाए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही सड़े आलू और बिना तले समोसों को नष्ट करा दिया। वहीं, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए यहां से मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और तैयार समोसे के कुल तीन नमूने लिए गए।
इन नमूनों को आगे प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
दूसरी इकाई में स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बन्टू यादव की समोसा निर्माण इकाई में पहुंची। यहां नौकर और मजदूर खाद्य सामग्री तैयार करते हुए मिले। निरीक्षण के दौरान परिसर में 800 बिना तले समोसे और पांच किलो आलू मसाला अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा पाया गया।
टीम ने खाद्य सामग्री की स्थिति को देखते हुए उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा जांच के दौरान संचालक बन्टू यादव को मौके पर उपस्थित होने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, बार-बार बुलाने के बावजूद संचालक के उपस्थित न होने के साथ ही खाद्य लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
इन परिस्थितियों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित समोसा निर्माण इकाई को सील कर दिया।
तीसरी इकाई में 2000 समोसे और आलू मसाला मिला
रेल बाजार के हाता नंबर-दो में मोहम्मद शोएब की समोसा निर्माण इकाई की भी जांच की गई। यहां निरीक्षण के दौरान 2000 बिना तले समोसे और 20 किलो तैयार आलू मसाला अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा मिला।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए यहां से मैदा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल और समोसा मसाला आलू के तीन नमूने लिए गए।
इसके अलावा परिसर में भंडारित 48 बोरियों में करीब 2384 किलो मैदा भी टीम को मिला। अधिकारियों ने इस मैदा को सीज कर दिया। इस कार्रवाई के बाद संबंधित खाद्य निर्माण इकाई में रखी सामग्री की गुणवत्ता और वैधता को लेकर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
रेलवे कैंटीनों और दुकानों में होती थी सप्लाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन तीनों निर्माण इकाइयों में तैयार होने वाले समोसों की सप्लाई रेलवे की कैंटीनों और दुकानों में की जाती थी। ऐसे में खाद्य सामग्री की स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्री खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। इसलिए वहां पहुंचने वाले खाद्य उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और गुणवत्ता पर निगरानी जरूरी है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया।
छह खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान तीनों इकाइयों से कुल छह खाद्य नमूने लिए गए हैं। इनमें मसालों, तैयार समोसे, मैदा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल और आलू मसाले से संबंधित नमूने शामिल हैं।
अब इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों के विपरीत स्थिति पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण में स्वच्छता के मानकों का पालन करना जरूरी है। साथ ही, खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज उपलब्ध रखना भी अनिवार्य है।
खाद्य सुरक्षा पर विभाग की निगरानी जारी
कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर उन इकाइयों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां से तैयार खाद्य पदार्थ बड़े संस्थानों, कैंटीनों या दुकानों तक पहुंचते हैं।
विभाग के अनुसार, आगे भी प्राप्त होने वाली सूचनाओं और जांच के आधार पर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा सकता है। इससे खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

