लखीमपुर खीरी में जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग आधा घंटे रहा जाम
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। बेहजम विकासखंड की ग्राम पंचायत बेहजम के भीट मोहल्ले में लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का मंगलवार को आक्रोश सामने आया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और नालियों की सफाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने लखीमपुर-मैगलगंज मुख्य मार्ग को करीब आधे घंटे तक जाम कर दिया। सड़क पर प्रदर्शन के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि भीट मोहल्ले में काफी समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश होने के बाद स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी गलियों और मुख्य रास्तों पर जमा हो जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए घरों से बाहर निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नालियां चोक होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, मोहल्ले में बनी नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वे चोक हो गई हैं। नालियों का पानी बाहर निकलने के बजाय रास्तों पर जमा हो रहा है। कई स्थानों पर गंदा पानी और कीचड़ होने से लोगों को पैदल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने और वापस घर लौटने के दौरान जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, महिलाओं और बुजुर्गों को भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलभराव और नाली सफाई की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, हर बार समस्या के समाधान का आश्वासन तो मिला, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो सड़क पर प्रदर्शन और जाम लगाने की स्थिति नहीं बनती। लंबे समय से समस्या बने रहने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को उन्होंने सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
मुख्य मार्ग पर लगाया जाम
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने लखीमपुर-मैगलगंज मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी। जाम के कारण मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को कुछ समय के लिए परेशानी उठानी पड़ी।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण जल निकासी की व्यवस्था कराने और नालियों की तत्काल सफाई कराने की मांग कर रहे थे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भीट मोहल्ले की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने से समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए नालियों की सफाई के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे बारिश और घरेलू पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, समझाकर खुलवाया जाम
ग्रामीणों के प्रदर्शन और सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने जलभराव, चोक नालियों और जल निकासी की समस्या को प्रमुखता से रखा।
अधिकारी ने ग्रामीणों को समझाते हुए जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और नालियों की सफाई का कार्य शुरू कराने की बात कही। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए। इसके बाद करीब आधे घंटे से बाधित लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या का समाधान केवल कुछ दिनों के लिए नहीं, बल्कि स्थायी रूप से किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बारिश के दौरान हर वर्ष ऐसी स्थिति पैदा होती है। यदि नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या फिर गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मोहल्ले की सभी नालियों का निरीक्षण कराया जाए और जहां भी नालियां चोक हैं, उनकी तत्काल सफाई कराई जाए। इसके अलावा जल निकासी के लिए आवश्यक स्थानों पर उचित व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि पानी रास्तों और गलियों में जमा न हो।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धरने की चेतावनी
अधिकारी के आश्वासन के बाद फिलहाल ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि वे प्रशासन से टकराव नहीं चाहते, बल्कि अपने मोहल्ले में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था चाहते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुचारु होना जरूरी है। इससे न केवल लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के वातावरण को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

