रायबरेली में टीकाकरण के बाद 6 माह की मासूम की संदिग्ध मौत, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

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Digital UP News Desk

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में छह माह की मासूम बच्ची की इलाज के दौरान मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गुल्लूपुर गांव में हुई इस घटना को लेकर परिजनों ने टीकाकरण के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मनोज शुक्ला ने गांव पहुंचकर मृतक बच्ची के परिजनों से बातचीत की।

परिजनों के अनुसार, मासूम बच्ची जानवी को 22 अगस्त को टीका लगाया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। परिजनों का कहना है कि बच्ची का इलाज कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चिंता और शोक का माहौल है।

टीकाकरण के बाद तबीयत बिगड़ने का परिजनों का आरोप

मृतक मासूम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि 22 अगस्त को बच्ची को टीका लगाया गया था। परिवार का दावा है कि एक ही दिन में बच्ची को लगातार तीन टीके लगाए गए। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

हालांकि, बच्ची की मौत का वास्तविक कारण क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। टीकाकरण और मौत के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजनों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

रिकॉर्ड में टीकों की तारीख अलग-अलग होने का दावा

परिजनों ने टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें उपलब्ध रिकॉर्ड में टीकों की तारीख अलग-अलग दिखाई गई हैं, जबकि उनके अनुसार बच्ची को एक ही दिन में तीन टीके लगाए गए थे।

इस दावे की भी स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर जांच की जानी है। टीकाकरण रिकॉर्ड, बच्ची के उपचार से जुड़े दस्तावेज और स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित जानकारी की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

मासूम की मौत का मामला खबरों में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद प्रभारी सीएमओ मनोज शुक्ला गुल्लूपुर गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक बच्ची के परिवार से मुलाकात की और घटना के संबंध में जानकारी ली।

सीएमओ ने परिजनों से बच्ची को लगाए गए टीकों, उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद कराए गए उपचार और अस्पताल में हुई प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके साथ ही मामले से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के बाद अब परिजनों को उम्मीद है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और बच्ची की मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।

मां ने हरचंदपुर थाने में दी तहरीर

मृतक बच्ची की मां ने इस मामले में हरचंदपुर थाने में तहरीर भी दी है। तहरीर के माध्यम से उन्होंने घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कराने की मांग की है। पुलिस स्तर पर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर से मामले की जांच कर रहा है। ऐसे में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

22 अगस्त को हुआ था टीकाकरण

परिवार के मुताबिक, मासूम जानवी को 22 अगस्त को टीका लगाया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हुई। परिवार ने बच्ची का इलाज कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

टीकाकरण के बाद होने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या के मामले में चिकित्सकीय मूल्यांकन महत्वपूर्ण होता है। प्रत्येक घटना में यह देखना जरूरी होता है कि बीमारी या मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था और क्या उसका टीकाकरण से कोई चिकित्सकीय संबंध था। इसलिए इस मामले में भी दस्तावेजों और चिकित्सकीय तथ्यों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू बच्ची की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण पता करना है। इसके लिए टीकाकरण रिकॉर्ड, उपचार से संबंधित कागजात और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच आवश्यक होगी। साथ ही, यदि जरूरत पड़ती है तो चिकित्सकीय विशेषज्ञों की राय भी ली जा सकती है।

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल टीकाकरण को बच्ची की मौत का निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग की जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार ने मांगा मामले का उचित समाधान

मासूम की मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिजन चाहते हैं कि बच्ची की मौत की परिस्थितियों की सही जानकारी सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव पहुंचकर परिजनों से बातचीत किए जाने के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। विभाग की ओर से जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

क्या है पूरा मामला?

रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गुल्लूपुर गांव में छह माह की मासूम जानवी की इलाज के दौरान मौत हुई। परिजनों का आरोप है कि 22 अगस्त को टीकाकरण के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ी। परिवार ने एक दिन में तीन टीके लगाए जाने का भी दावा किया है। वहीं, टीकाकरण रिकॉर्ड में तारीख अलग-अलग होने की बात भी कही गई है।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रभारी सीएमओ मनोज शुक्ला गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। बच्ची की मां ने हरचंदपुर थाने में तहरीर देकर मामले की जांच की मांग की है। अब स्वास्थ्य विभाग और संबंधित स्तर पर होने वाली जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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