चित्रकूट में बारिश के बीच कच्चे मकान की दीवार गिरी, पिता और दो मासूम बच्चों की मौत
Digital UP News Desk
चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सदर तहसील कर्वी क्षेत्र के बराछ गांव में गुरुवार तड़के कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। दीवार और मलबे की चपेट में आने से पिता और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, परिवार की महिला और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
लगातार बारिश के बीच कमजोर हो गई थी कच्ची दीवार
जानकारी के मुताबिक, बराछ गांव निवासी कल्लू यादव (32) पुत्र बब्बू अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते थे। बुधवार रात परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। ऐसे में कच्चे मकान की दीवार बारिश के कारण कमजोर हो गई थी।
बताया जा रहा है कि गुरुवार तड़के अचानक मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने के कारण घर में सो रहा परिवार मलबे की चपेट में आ गया। अचानक हुए इस हादसे से परिवार में चीख-पुकार मच गई।
हादसे में कल्लू यादव, उनके पांच वर्षीय पुत्र अंश और एक वर्षीय पुत्री कल्ली की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं, कल्लू यादव की पत्नी कुंता देवी (30) और चार वर्षीय बेटी अंशिका गंभीर रूप से घायल हो गईं।
ग्रामीणों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला
दीवार गिरने की आवाज और परिवार की चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
हालांकि, तब तक कल्लू यादव और उनके दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। दूसरी ओर, कुंता देवी और अंशिका घायल अवस्था में मिलीं। ग्रामीणों की मदद से दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
इसके बाद घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का इलाज किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम
इस हादसे से बराछ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर जैसे ही ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे।
जिस घर में कुछ घंटे पहले तक परिवार के सदस्य साथ सो रहे थे, वहां सुबह का माहौल पूरी तरह बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में भी शोक का माहौल है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। खासकर पहाड़ी के नीचे या कमजोर जमीन पर बने मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने बारिश के दौरान सुरक्षा का संकट बढ़ जाता है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीएम अजय कुमार यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी भी जुटाई।
एसडीएम अजय कुमार यादव के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घायल महिला और बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, घटना से जुड़े अन्य जरूरी पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बारिश के बीच कच्चे मकानों की सुरक्षा बनी चुनौती
चित्रकूट में लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। बारिश के दौरान मिट्टी से बनी दीवारों में नमी बढ़ने के कारण उनकी मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पुराने और कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों और ढलान वाले इलाकों में बने कच्चे मकानों को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। प्रशासन के सामने अब ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और कमजोर मकानों की स्थिति का आकलन करने की चुनौती भी है।
प्रभावित परिवार की मदद की उम्मीद
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के पोस्टमार्टम और घायलों के उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि लगातार बारिश को देखते हुए गांव में कमजोर और कच्चे मकानों का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही, जिन परिवारों के मकान बारिश के कारण रहने योग्य नहीं रह गए हैं, उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
चित्रकूट की इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में कमजोर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। ऐसे में जरूरी है कि लगातार बारिश के दौरान लोग प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और कमजोर मकानों में रहने की स्थिति में समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।

