कानपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को कानपुर नगर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 12 सितंबर 2026 (द्वितीय शनिवार) को दीवानी न्यायालय परिसर, कानपुर नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बैंक पदाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के लिए नियत करने और उनका सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण कराने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के स्तर से की जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों का आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से समाधान कराना है, जिनका निस्तारण इस प्रक्रिया के तहत संभव है।

12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026, द्वितीय शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर, कानपुर नगर में किया जाएगा। इसके लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों को शामिल किया जाएगा। इनमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, सिविल वाद, पारिवारिक वाद, बैंक ऋण वसूली से जुड़े मामले, एन.आई. एक्ट से संबंधित वाद तथा राजस्व संबंधी मामलों समेत अन्य पात्र प्रकरण शामिल हैं।

लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति कायम कर मामलों का समाधान कराना है। इससे संबंधित पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। साथ ही, आपसी समझौते के जरिए विवाद का समाधान होने से दोनों पक्षों के समय और संसाधनों की भी बचत होती है।

तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में 2 सितंबर 2026 को अपराह्न 1:30 बजे जनपद न्यायालय के प्रथम तल स्थित मीटिंग हॉल में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत रश्मि सिंह ने की।

बैठक में न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ प्रशासन, पुलिस और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने भी भाग लिया। इसमें राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक पात्र मामलों की पहचान करने, उन्हें नियत करने तथा पक्षकारों को समय से सूचना उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी, मध्यस्थता-3.0 सुभाष सिंह, ए.डी.एम. (जे) बिन्दु लता, ए.डी.एम. सिटी, कानपुर नगर/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत (प्रशासन) आलोक गुप्ता, एडिशनल डी.सी.पी./नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत (पुलिस विभाग) स्नेहा तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक एवं लीड बैंक प्रबंधक आदित्य चन्द्रा तथा कानपुर नगर के विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाने पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को नियत किया जाए। अधिकारियों ने माना कि मामलों की संख्या बढ़ने के साथ ही उनके प्रभावी निस्तारण की संभावना भी बढ़ेगी। इसलिए संबंधित विभागों को पात्र मामलों को चिन्हित कर समय से लोक अदालत के लिए भेजने के निर्देश दिए गए।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर अभिनव तिवारी ने अधिकारियों और बैंक पदाधिकारियों से अधिक से अधिक वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए नियत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक नियत मामलों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी, तब तक निस्तारण की संख्या को अपेक्षित स्तर तक बढ़ाना संभव नहीं होगा।

उन्होंने छोटी-छोटी समस्याओं और विवादों को भी गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान सुलह-समझौते के माध्यम से कराने पर जोर दिया। इसके लिए संबंधित विभागों को ऐसे मामलों की पहचान करने की आवश्यकता बताई गई, जिनमें पक्षकारों की आपसी सहमति से समाधान संभव हो।

बैंक मामलों के समाधान पर भी विशेष ध्यान

राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इसलिए बैठक में बैंक अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। उनसे कहा गया कि बैंक शाखाओं में आने वाले ग्राहकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी जाए।

इसके अलावा बैंक स्तर पर ऐसे मामलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए, जिनका समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति और उचित शर्तों के आधार पर किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद के समाधान के विकल्प के बारे में समय रहते जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

समय से नोटिस देने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बैंक, पुलिस और प्रशासन से संबंधित मामलों में पक्षकारों को समय से नोटिस उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों के निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाए।

दरअसल, लोक अदालत में मामलों के प्रभावी निस्तारण के लिए पक्षकारों की उपस्थिति और उनकी सहमति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करने और पक्षकारों तक आवश्यक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपसी समन्वय से होगा मामलों का निस्तारण

बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए न्यायिक व्यवस्था के साथ प्रशासन, पुलिस और बैंकिंग विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके परिणामस्वरूप उम्मीद है कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का समाधान संभव होगा। वहीं, विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की पहचान और पक्षकारों से संपर्क की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।

लोगों को लोक अदालत का लाभ लेने की अपील

राष्ट्रीय लोक अदालत उन पक्षकारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो पात्र मामलों में आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान चाहते हैं। संबंधित पक्षकार अपने मामलों के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त करने और पात्र मामलों में इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। किसी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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