लखीमपुर खीरी में बढ़ा नदी कटान का खतरा, डीएम ने जसनगर पहुंचकर फ्लड फाइटिंग कार्यों का लिया जायजा
रिपोर्ट- शरद त्रिपाठी
लखीमपुर खीरी: मोहाना और कर्णाली नदियों में जलस्तर बढ़ने के बाद तहसील निघासन क्षेत्र के ग्राम जसनगर में नदी कटान को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। गिरिजा बैराज के एफ्लक्स बंधे के समीप मोहाना नदी द्वारा किए जा रहे कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जसनगर पहुंचकर मौके पर चल रहे बचाव एवं कटानरोधी कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से मौके की स्थिति की जानकारी ली और फ्लड फाइटिंग कार्यों की प्रगति को स्वयं देखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान को रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही बचाव कार्यों को तेज गति से पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
गिरिजा बैराज क्षेत्र में कटान पर प्रशासन की नजर
मोहाना और कर्णाली नदियों में जलस्तर बढ़ने से जसनगर क्षेत्र में नदी कटान की स्थिति प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। गिरिजा बैराज के एफ्लक्स बंधे के समीप कटान वाले स्थान पर सिंचाई विभाग द्वारा लगातार बचाव कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता कटान को नियंत्रित करने के साथ-साथ आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि कटान की वर्तमान स्थिति क्या है और इसे नियंत्रित करने के लिए आगे किस तरह की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए बचाव कार्यों को और तेज किया जाए।
इस दौरान एसडीएम यदुवीर सिंह, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अजय कुमार, सिंचाई खंड शारदा नगर के अधिशासी अभियंता करणपाल गंगवार समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रात-दिन जारी रहेगा फ्लड फाइटिंग अभियान
कटान की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों को दिन-रात लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी की स्थिति में लगातार बदलाव हो सकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर काम में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभागों को मौके की निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा डीएम ने रात के समय चलने वाले कार्यों को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंधेरे के कारण बचाव अभियान की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसलिए रात में कार्य करने वाले कर्मचारियों और मशीनरी के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यस्थल पर पर्याप्त मशीनरी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने को कहा।
डूब क्षेत्र में बसी आबादी को लेकर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एफ्लक्स बंधे के अंदर डूब क्षेत्र में बसी आबादी की स्थिति की भी जानकारी ली। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता करणपाल गंगवार ने बताया कि संबंधित आबादी डूब क्षेत्र के भीतर आती है।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन और एसडीएम को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों के सुरक्षित विस्थापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि जलस्तर या कटान की स्थिति के कारण किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होता है तो प्रभावित लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए प्रशासन को तैयार रहने को कहा गया।
ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से बाढ़ और कटान की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा गांव की सुरक्षा से जुड़ी उनकी चिंताओं को सुना।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर और कटान को लेकर अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। डीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और संबंधित विभागों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आवश्यकता पड़ने पर राहत सामग्री, सुरक्षित स्थान और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था समय से की जाए।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति की लगातार निगरानी की जाए। किसी भी परिवर्तन की स्थिति में तत्काल उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन की ओर से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मौके पर उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल करने और बचाव कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया गया।
जसनगर में चल रहा फ्लड फाइटिंग अभियान फिलहाल लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य नदी कटान को नियंत्रित करने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभागीय टीमों को पूरी तैयारी के साथ मौके पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकताएं
जसनगर में मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में नदी कटान पर नियंत्रण, प्रभावित आबादी की सुरक्षा, फ्लड फाइटिंग कार्यों की लगातार निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई शामिल है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित विभागों ने अभियान को और तेज करने की तैयारी की है।

