मनौरी पटाखा विस्फोट के सरगना की पत्नी के मूरतगंज घर में मिला अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा, मकान ध्वस्त
कौशाम्बी: पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हादसे के बाद पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े ठिकानों पर जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस टीम ने पटाखा फैक्ट्री संचालक नौशाद की पत्नी कहकसा बानो के मूरतगंज क्षेत्र में शेरगढ़ के पास स्थित मकान पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, यहां से बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किए गए।
बरामदगी के बाद पुलिस ने पटाखों को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार नष्ट कराया। इसके साथ ही राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से मकान का ध्वस्तीकरण कराया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसीलदार तथा राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
मनौरी हादसे के बाद लगातार कार्रवाई
मनौरी बाजार में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद इलाके में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई है। हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई थी। घटना के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े ठिकानों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीमों ने फैक्ट्री संचालक से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान बड़ी मात्रा में पटाखा सामग्री बरामद होने की बात सामने आई। प्रशासन ने अवैध गतिविधियों से जुड़े मकानों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की।
इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को पुलिस टीम मूरतगंज क्षेत्र के शेरगढ़ के पास स्थित उस मकान तक पहुंची, जिसे पटाखा फैक्ट्री संचालक नौशाद की पत्नी कहकसा बानो से जुड़ा बताया गया है।
मूरतगंज के मकान में मिला पटाखों का भंडार
पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में पटाखे मिले। पुलिस ने बरामद पटाखों को कब्जे में लिया और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नष्ट कराया।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध पटाखों के भंडारण पर रोक लगाना और किसी भी संभावित खतरे को समाप्त करना बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को मौके से हटाकर उसे नष्ट कराने की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस और प्रशासन की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि बरामद पटाखे कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। इसके अलावा, इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
राजस्व टीम की मौजूदगी में मकान का ध्वस्तीकरण
पटाखों की बरामदगी के बाद प्रशासन ने मकान के खिलाफ भी कार्रवाई की। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से मकान का ध्वस्तीकरण कराया गया।
प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा।
मकान के ध्वस्तीकरण के बाद क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मनौरी हादसे के बाद जिस तरह से अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है, उससे साफ है कि प्रशासन इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
अवैध पटाखा कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी
मनौरी में हुए हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल अवैध रूप से पटाखों के निर्माण और भंडारण को लेकर उठ रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन अब इस तरह की गतिविधियों से जुड़े संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रहे हैं।
अवैध पटाखों का निर्माण या भंडारण बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक होता है। नियमों के विपरीत पटाखों का भंडारण करने से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से प्रशासन अब संदिग्ध ठिकानों की जांच कर रहा है। अधिकारियों की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि कहीं दूसरे स्थानों पर भी अवैध तरीके से पटाखों का भंडारण तो नहीं किया जा रहा।
हादसे के बाद कई ठिकानों पर जांच
मनौरी बाजार की घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक से जुड़े कई ठिकानों की जांच की है। कार्रवाई के दौरान पहले भी बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। प्रशासन ने ऐसे सामान को नष्ट कराया और संबंधित मकानों के खिलाफ कार्रवाई की।
बुधवार की कार्रवाई इसी अभियान की अगली कड़ी मानी जा रही है। मूरतगंज में हुई बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे वहां कब और कैसे पहुंचे।
इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि अवैध पटाखा कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
मनौरी हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। प्रशासन की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के संभावित भंडारण वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए।
मूरतगंज में की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद होने के बाद प्रशासन की चिंता और बढ़ सकती है। हालांकि, बरामद सामग्री की सटीक मात्रा और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की मौजूदगी से यह भी संकेत मिलता है कि मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
मनौरी पटाखा विस्फोट के बाद प्रशासन की कार्रवाई अभी थमती नजर नहीं आ रही है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें घटना से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में भी संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी और अवैध पटाखों की बरामदगी की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए पुलिस द्वारा मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

