कानपुर के पतारा में एसडीएम की मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई, दो स्थानों पर बुलडोजर चला कर कब्जा हटाया
रिपोर्ट-सर्वेश सोनू शर्मा
घाटमपुर/कानपुर। पतारा कस्बे में जिलाधिकारी के निर्देश पर भूमाफिया और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। घाटमपुर के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अविचल प्रताप सिंह और तहसीलदार ओम प्रकाश पासवान की मौजूदगी में दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमण और अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से परेशान लोगों को राहत मिली। वहीं, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी अथवा निजी भूमि पर नियम विरुद्ध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
शिकायत के बाद प्लॉट पर पहुंचा प्रशासन
पहला मामला पतारा चौकी क्षेत्र में स्टेशन रोड के पास रेलवे कॉलोनी के समीप स्थित एक प्लॉट से जुड़ा है। यहां गीतिका पत्नी परशुराम ने प्रशासन से शिकायत की थी कि उनका प्लॉट है, जिस पर बलबीर यादव द्वारा कथित रूप से मोरम और ईंटें जमा कर रखी गई थीं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार कहने के बावजूद प्लॉट से सामग्री नहीं हटाई गई। इसके बाद मामले की शिकायत प्रशासन से की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह और तहसीलदार ओम प्रकाश पासवान मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मौके पर शिकायतकर्ता को बुलाकर मामले की जानकारी ली और संबंधित पक्ष से जवाब मांगा। निरीक्षण के दौरान वहां बड़ी मात्रा में मोरम डंप मिली। प्रशासन के मुताबिक, मौके पर करीब 10 डंपर मोरम मौजूद थी, लेकिन उससे संबंधित कोई रसीद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
इसके बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को मोरम सीज करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी हलचल रही।
दूसरे मामले में खेत को कराया गया कब्जामुक्त
इसी अभियान के तहत पतारा मस्जिद के पास कानपुर-सागर हाईवे से जुड़े दूसरे मामले में भी प्रशासन ने कार्रवाई की। यहां ओम नारायण गुप्ता के प्लॉट और खेत से संबंधित शिकायत लंबे समय से चली आ रही थी।
बताया गया कि करीब डेढ़ वर्ष से मुस्ताक मियां पुत्र रजा हुसैन और उसके पुत्र शाहिल द्वारा खेत से संबंधित भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत थी। शिकायत के मुताबिक, पतारा ब्लॉक की ओर से उक्त स्थान पर इंटरलॉकिंग भी बिछा दी गई थी।
मामले में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश के बाद करीब एक महीने पहले इंटरलॉकिंग को उखड़वाया गया था। हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद कथित कब्जे को लेकर विवाद बना हुआ था। मामले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित मुकदमा भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
इसी क्रम में बुधवार को प्रशासनिक टीम दोबारा मौके पर पहुंची। एसडीएम अविचल प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से खेत में खड़े पिलरों को हटाया गया और शिकायतकर्ता ओम नारायण गुप्ता को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद ओम नारायण ने अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही समस्या के समाधान से उन्हें राहत मिली है।
मौके पर राजस्व और पुलिस टीम रही मौजूद
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा। मौके पर पतारा प्रथम के लेखपाल अंबुज मिश्रा, नायब तहसीलदार मांसी समेत राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा पतारा और घाटमपुर पुलिस बल के साथ महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रहीं।
प्रशासनिक और पुलिस टीम की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की गई। इससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा।
तीन लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी
घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर भूमाफिया और अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पतारा में दोनों मामलों में कार्रवाई की गई।
एसडीएम के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मुस्ताक, शाहिल और बलबीर को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सरकारी और निजी भूमि पर नियम विरुद्ध कब्जे की शिकायतों का नियमानुसार समाधान करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जाता है या प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी की जाती है तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में शिकायतों की जांच कर आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
भूमि विवादों पर प्रशासन की सख्ती
पतारा में हुई कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर प्रशासन की सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। खासतौर पर भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है।
दरअसल, ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में निजी जमीन, सरकारी भूमि और रास्तों पर अतिक्रमण की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में विवाद बढ़ने से पहले राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति की जांच करना जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
पतारा में हुई कार्रवाई में भी पहले शिकायत के आधार पर मौके की स्थिति देखी गई। इसके बाद संबंधित पक्ष से जवाब मांगा गया और उपलब्ध दस्तावेजों तथा परिस्थितियों के आधार पर कार्रवाई की गई।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिया है कि अवैध अतिक्रमण और कब्जे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करने से पहले तथ्यों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कदम उठाया जाएगा।
इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि भूमि संबंधी मामलों में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्ती बरत सकता है। हालांकि, प्रत्येक मामले में अंतिम कार्रवाई संबंधित जांच, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही की जाएगी।
पतारा में एक ही दिन दो अलग-अलग मामलों में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर है। प्रशासन की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि जिलाधिकारी के निर्देश के तहत अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

