कानपुर में KDA की बड़ी कार्रवाई, बर्रा और जूही में तीन अवैध निर्माण सील, मचा हड़कंपः जानिए किन इमारतों का किया सील,,

61

रिपोर्ट- मुकेश वर्मा

कानपुर। शहर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को KDA के प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने बर्रा और जूही क्षेत्र में अभियान चलाकर तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की अचानक हुई कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

यह कार्रवाई KDA उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर की गई। विशेष कार्याधिकारी (OSD) सत शुक्ला के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर चिन्हित निर्माणों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर ही सीलबंदी की कार्रवाई पूरी की।

बर्रा में दो निर्माणों पर कार्रवाई

KDA की टीम ने सबसे पहले बर्रा-8 क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां भूखंड संख्या 717 पर ए.के. मिश्रा द्वारा निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और स्वीकृत मानचित्र से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया।

इसके बाद टीम बर्रा-7 स्थित सभासदपुरम पहुंची। यहां भूखंड संख्या 08 पर अभिषेक सक्सेना द्वारा किए गए नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई। निरीक्षण के बाद KDA अधिकारियों ने निर्माण स्थल को सील कर दिया।

जूही में लाइफ लाइन अस्पताल के तृतीय तल पर सीलबंदी

प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने इसके बाद जूही के डब्ल्यू-2 क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां भूखंड संख्या 175 पर स्थित लाइफ लाइन अस्पताल के परिसर में निर्माण संबंधी कार्रवाई की गई। KDA के अनुसार अस्पताल के तृतीय तल पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन हिस्से को सील कर दिया।

कार्रवाई के दौरान विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला, अवर अभियंता अमरनाथ सिंह यादव समेत प्रवर्तन दल के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस बल की मौजूदगी में की गई सीलबंदी के चलते मौके पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

अवैध निर्माण पर KDA का सख्त रुख

कानपुर में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच बिना अनुमति निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जाने वाले निर्माण लंबे समय से प्राधिकरण के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में KDA की ओर से लगातार प्रवर्तन कार्रवाई किए जाने से नियमों की अनदेखी करने वालों पर दबाव बढ़ा है।

प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण करना अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियमानुसार सीलबंदी और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

KDA की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि शहर के विभिन्न इलाकों में चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित भवन स्वामी या निर्माणकर्ता को नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी है। इसके बाद ही स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण किया जाना चाहिए।

कार्रवाई से निर्माणकर्ताओं में बढ़ी चिंता

बुधवार को हुई तीन अलग-अलग सीलबंदी की कार्रवाई को KDA के प्रवर्तन अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर बर्रा और जूही जैसे विकसित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्राधिकरण की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई किए जाने से निर्माणकर्ताओं के बीच सतर्कता बढ़ गई है।

अधिकारियों ने साफ किया कि केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। यदि किसी निर्माणकर्ता द्वारा प्राधिकरण के निर्देशों की अनदेखी की जाती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके तहत आवश्यकता पड़ने पर सीलबंदी के बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

You may have missed