लखीमपुर खीरी में गौशालाओं की जांच में खुली पोल, दो सचिव निलंबित; चार बीडीओ को नोटिस

49

रिपोर्ट- शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। जनपद में गोवंश संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार के औचक निरीक्षण में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान पर्याप्त भूसा और हरा चारा उपलब्ध न होने, परिसर में गंदगी तथा जलभराव जैसी समस्याएं मिलने पर दो सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, तीन अन्य सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

इसके अलावा गौशालाओं की व्यवस्थाओं की निगरानी और संबंधित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर चार खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट संदेश गया है कि गोवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बिना पूर्व सूचना सीडीओ ने किया औचक निरीक्षण

सीडीओ अभिषेक कुमार ने बिना पूर्व सूचना के मोबाइल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से कुंभी गोला विकासखंड की गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य कागजी रिपोर्ट के बजाय मौके पर गौशालाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गौशालाओं में गोवंश के लिए उपलब्ध चारा, साफ-सफाई, जल निकासी, पशुओं के बैठने और ठहरने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को देखा।

इस दौरान सामने आई कमियों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। खास तौर पर हैदराबाद और ममरी गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा उपलब्ध नहीं पाया गया। साथ ही, गौशाला परिसर में स्वच्छता की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। कई स्थानों पर गंदगी और जलभराव की स्थिति देखने को मिली।

हैदराबाद और ममरी गौशाला के सचिव निलंबित

औचक निरीक्षण में व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने के बाद हैदराबाद गौशाला की प्रभारी सचिव सुरभि गौर और ममरी गौशाला के प्रभारी सचिव अखिलेश कुमार सिंह के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। दोनों सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गौशालाओं में रखे गए गोवंश को पर्याप्त चारा, स्वच्छ वातावरण, पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो।

अन्य गौशालाओं में भी मिलीं अनियमितताएं

सीडीओ के निर्देश के बाद जनपद के अन्य विकासखंडों में संचालित गौशालाओं का भी निरीक्षण कराया गया। इन निरीक्षणों में भी कुछ स्थानों पर व्यवस्थाओं से संबंधित कमियां और अनियमितताएं सामने आईं। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर तीन अन्य सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

वहीं, गौशालाओं की व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण और संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों को देखते हुए चार खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे संबंधित व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन केवल गौशाला के स्तर पर ही नहीं, बल्कि निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा कर रहा है।

दो दिन में जिले की सभी गौशालाओं का निरीक्षण

प्रशासन ने अब जनपद की सभी गौशालाओं की व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। सीडीओ अभिषेक कुमार ने सभी संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले दो दिनों के भीतर जिले की सभी गौशालाओं का निरीक्षण पूरा किया जाए।

निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि यदि किसी गौशाला में अव्यवस्था, लापरवाही या गोवंश की देखभाल में कमी पाई जाती है तो इसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

इस व्यापक निरीक्षण का उद्देश्य गौशालाओं की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ कमियों को दूर कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जाएगी।

भूसा और हरे चारे की उपलब्धता पर विशेष जोर

गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त भूसा और हरा चारा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। निरीक्षण के दौरान इसी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक गौशाला में गोवंश की संख्या के अनुसार पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध होना चाहिए।

इसके साथ ही साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था भी नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के मौसम में जलभराव से गौशाला परिसर की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखना भी आवश्यक है।

इसी तरह गोवंश के बैठने और ठहरने के लिए पर्याप्त तथा व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होना चाहिए। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

निगरानी व्यवस्था की भी होगी समीक्षा

गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए केवल निरीक्षण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित निगरानी भी जरूरी है। इसी वजह से प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है।

चार बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से यह संकेत मिला है कि गौशालाओं की स्थिति के लिए केवल स्थानीय स्तर के कर्मचारियों की ही जवाबदेही नहीं होगी। पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

इसके अलावा जिन सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है, उनके मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में इस तरह की कमियों की पुनरावृत्ति न हो।

लापरवाही पर सीडीओ का सख्त संदेश

सीडीओ अभिषेक कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गोवंश संरक्षण के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि गौशालाओं में गोवंश के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।

उन्होंने पर्याप्त भूसा एवं हरा चारा, स्वच्छता, जल निकासी, बैठने और ठहरने की उचित व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की कार्रवाई से बढ़ी जवाबदेही

लखीमपुर खीरी में की गई यह कार्रवाई गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। औचक निरीक्षण के माध्यम से मौके की वास्तविक स्थिति की जांच और कमियां मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई से संबंधित विभागों में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

अब अगले दो दिनों में जिले की सभी गौशालाओं का निरीक्षण पूरा होने के बाद प्रशासन के सामने पूरे जनपद की स्थिति की विस्तृत तस्वीर होगी। इसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

You may have missed