कानपुर में SFI का प्रथम जिला सम्मेलन हुआ संपन्न, शिक्षा और छात्र हितों पर दिया गया जोर – आगे भी पढ़िए
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कानपुर: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) कानपुर का प्रथम जिला सम्मेलन कालपी रोड स्थित जिला कार्यालय कॉमरेड राम आसरे भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की बंदी, छात्रवृत्ति, पेपर लीक और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही संगठन को और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को संगठन से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से नौ सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। नवनिर्वाचित कमेटी ने शिक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा कानपुर में छात्र आंदोलन को व्यापक बनाने की बात कही।
ध्वजारोहण और पुष्पांजलि के साथ हुआ शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद शहीद वेदी पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर नारेबाजी के साथ सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन की अध्यक्षता महबूब आलम ने की, जबकि संचालन जुनैद मंसूरी और वैष्णवी सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, छात्र-छात्राओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
आराध्य बाजपेई ने शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए
सम्मेलन का उद्घाटन SFI राज्य कमेटी सदस्य कामरेड आराध्य बाजपेई ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्कूलों की बंदी, नई शिक्षा नीति, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य सवालों पर संगठन का पक्ष रखा।
उन्होंने पेपर लीक से जुड़े छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए छात्रों के संघर्षों को महत्वपूर्ण बताया। इसके अलावा उन्होंने छात्रों के आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अपनी आपत्ति व्यक्त की।
आराध्य बाजपेई ने कानपुर में SFI की ओर से छात्र हितों को लेकर चलाए गए अभियानों का भी उल्लेख किया। इनमें भूख हड़ताल, ‘स्कूल बचाओ’ अभियान और छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर किए गए प्रयास शामिल रहे। उन्होंने इन गतिविधियों के लिए संगठन के स्थानीय कार्यकर्ताओं की सराहना की।
संगठनात्मक रिपोर्ट में गतिविधियों की समीक्षा
जिला संयोजक महबूब आलम ने सम्मेलन के दौरान संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पिछले समय में SFI की ओर से किए गए संघर्षों और गतिविधियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन के सदस्यों को उनके संबंधित स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और क्षेत्रों के आधार पर व्यवस्थित तरीके से जोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही जहां संभव हो, वहां नई छात्र इकाइयों का गठन करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने संगठन के सदस्यों के बीच नियमित अध्ययन, चर्चा और संगठनात्मक प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। उनका कहना था कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए छात्रों के बीच लगातार संवाद और सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
20 छात्र प्रतिनिधियों ने रखे विचार
संगठनात्मक रिपोर्ट पर सम्मेलन में शामिल 20 छात्र-छात्रा प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट का समर्थन करते हुए अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने छात्र समस्याओं और संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर कई सुझाव भी प्रस्तुत किए।
प्रतिनिधियों की ओर से शिक्षा से जुड़े स्थानीय मुद्दों, छात्रवृत्ति और छात्र हितों को लेकर संगठन की आगामी रणनीति पर विचार रखे गए। इसके बाद सम्मेलन में इन मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर प्रयास जारी रखने पर सहमति बनी।
विधायक नसीम इरफान सोलंकी ने दिया समर्थन
सम्मेलन की मुख्य अतिथि सीसामऊ विधायक नसीम इरफान सोलंकी ने कार्यक्रम की सफलता की शुभकामना दी। उन्होंने छात्र और युवा हितों से जुड़े संघर्षों में समर्थन देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपने अन्य विधायक साथियों के साथ सदन में भी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाएंगी। उनके संबोधन में शिक्षा और युवाओं से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखने की बात पर जोर रहा।
मित्र संगठनों ने भी दी शुभकामनाएं
सम्मेलन में मित्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने शुभकामना संदेश दिए। उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर SFI कानपुर को सहयोग और समर्थन देने की बात कही।
इसके अलावा SFI और संयोजन समिति से जुड़े नेतृत्वकारी साथियों ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने, छात्र-छात्राओं को अधिक व्यापक स्तर पर संगठित करने और शिक्षा से जुड़े सवालों पर अभियान चलाने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
नौ सदस्यीय जिला कमेटी का गठन
सम्मेलन के अंतिम चरण में सर्वसम्मति से नौ सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। नई कमेटी में महबूब आलम को अध्यक्ष, जुनैद मंसूरी और वैष्णवी सक्सेना को उपाध्यक्ष तथा आराध्य बाजपेई को महामंत्री चुना गया।
इसके अलावा अश्विन मिश्रा को संयुक्त मंत्री और मोहम्मद अदनान को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं, मोहम्मद अल्ताफ, मरियम जमील और रचित द्विवेदी को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया।
नई जिला कमेटी के गठन के बाद संगठन के सदस्यों ने आगामी गतिविधियों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कमेटी ने शिक्षा, छात्रवृत्ति और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने की बात कही।
शिक्षा और छात्र हितों के मुद्दों पर आगे बढ़ने का संकल्प
सम्मेलन के समापन पर नवनिर्वाचित जिला कमेटी ने ‘शिक्षा बचाओ, स्कूल बचाओ, देश बचाओ’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही। संगठन की ओर से छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
साथ ही छात्रवृत्ति, शिक्षा व्यवस्था और अन्य छात्र समस्याओं को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दिया गया। SFI की नई जिला कमेटी ने कानपुर में छात्र संगठन को और व्यापक एवं मजबूत बनाने तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को संगठन से जोड़ने का संकल्प लिया।
इस प्रकार, सम्मेलन में संगठनात्मक समीक्षा, छात्र समस्याओं पर चर्चा और नई जिला कमेटी के गठन के साथ आगामी कार्यक्रमों की दिशा तय की गई। अब नई कमेटी के सामने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की जिम्मेदारी होगी।

