लखनऊ: डालीबाग की कुर्क कोठी में पहुंचे अफजाल अंसारी, 2022 से बंद संपत्ति अब हुई रिलीज
Digital UP News Desk
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के डालीबाग इलाके में स्थित एक कोठी को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी कार्रवाई के बाद अब उसे रिलीज कर दिया गया है। इसी क्रम में अफजाल अंसारी अपने परिवार के साथ कोठी में दाखिल हुए। बताया जा रहा है कि यह कोठी वर्ष 2022 से बंद थी और अदालत की कार्रवाई के बाद अब इसे रिलीज किया गया है।
कोठी में दाखिल होने के दौरान एक अलग स्थिति भी सामने आई। दरअसल, कोठी का मुख्य द्वार लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की आवासीय योजना की बाउंड्री से बंद है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को मुख्य गेट से प्रवेश करने का रास्ता नहीं मिला। इसके चलते उन्हें पीछे की ओर बने रास्ते से कोठी में प्रवेश करना पड़ा।
2022 से बंद थी कोठी
जानकारी के मुताबिक, डालीबाग स्थित यह कोठी वर्ष 2022 से बंद थी। संपत्ति पर हुई कानूनी कार्रवाई के बाद इसे कुर्क किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक कोठी का इस्तेमाल नहीं हो सका। अब अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपत्ति को रिलीज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कोठी रिलीज होने के बाद अफजाल अंसारी और उनका परिवार वहां पहुंचा। इस दौरान आसपास के इलाके में भी लोगों की नजर इस घटनाक्रम पर रही। हालांकि, कोठी में प्रवेश को लेकर सबसे बड़ी समस्या मुख्य द्वार के बंद होने की रही।
LDA की बाउंड्री से बंद है मुख्य गेट
डालीबाग की इस संपत्ति का मुख्य द्वार LDA की आवासीय योजना की बाउंड्री से बंद बताया जा रहा है। यानी जिस स्थान से सामान्य तौर पर कोठी में प्रवेश किया जाता था, वहां फिलहाल सीधा रास्ता उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में परिवार को कोठी में जाने के लिए पीछे के रास्ते का सहारा लेना पड़ा। परिवार के सदस्यों ने पीछे की ओर से परिसर में प्रवेश किया। इस घटनाक्रम ने संपत्ति की मौजूदा स्थिति को भी सामने ला दिया है।
कोर्ट की कार्रवाई के बाद रिलीज हुई संपत्ति
इस मामले में संपत्ति को रिलीज किए जाने की प्रक्रिया अदालत की कार्रवाई के बाद पूरी हुई है। लंबे समय से बंद पड़ी कोठी को अब रिलीज किए जाने के बाद संबंधित परिवार के लोगों के वहां पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
किसी संपत्ति के कुर्क होने के बाद उसे दोबारा रिलीज किए जाने की प्रक्रिया संबंधित कानूनी आदेशों और प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पूरी होती है। ऐसे में इस मामले में भी अदालत की प्रक्रिया के बाद कोठी को रिलीज किया गया है।
पीछे के रास्ते से कोठी में दाखिल हुआ परिवार
मुख्य द्वार LDA की बाउंड्री से बंद होने के कारण परिवार को पीछे के रास्ते से कोठी में दाखिल होना पड़ा। मौके पर सामने आई तस्वीरों और जानकारी के अनुसार, परिवार ने उपलब्ध वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल किया।
इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि संपत्ति रिलीज होने के बावजूद वहां पहुंचने के लिए फिलहाल सामान्य प्रवेश मार्ग की स्थिति सामान्य नहीं है। इसलिए आगे मुख्य द्वार और रास्ते को लेकर भी संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है।
डालीबाग की संपत्ति पर रहा है ध्यान
लखनऊ का डालीबाग इलाका लंबे समय से प्रमुख सरकारी और निजी संपत्तियों के कारण चर्चा में रहा है। यहां किसी संपत्ति से जुड़ी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई होने पर उसका असर स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देता है।
अफजाल अंसारी से जुड़ी इस कोठी के मामले में भी वर्ष 2022 से अब तक की कार्रवाई के बाद एक नया चरण सामने आया है। पहले संपत्ति कुर्क रही और अब उसे रिलीज किए जाने के बाद परिवार वहां पहुंचा है।
अब प्रवेश मार्ग को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी
कोठी रिलीज होने के बाद परिवार के वहां पहुंचने से संपत्ति के इस्तेमाल का रास्ता खुल गया है, लेकिन मुख्य द्वार की स्थिति फिलहाल एक महत्वपूर्ण सवाल बनी हुई है। LDA की आवासीय योजना की बाउंड्री के कारण मुख्य गेट बंद होने से परिवार को पीछे के रास्ते से प्रवेश करना पड़ा।
ऐसे में आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोठी के मुख्य प्रवेश मार्ग को लेकर क्या व्यवस्था की जाती है। यदि मुख्य द्वार तक पहुंच का रास्ता उपलब्ध नहीं है, तो संपत्ति के नियमित इस्तेमाल में व्यावहारिक समस्या बनी रह सकती है।
कानूनी प्रक्रिया के बाद बदली स्थिति
कुल मिलाकर, डालीबाग की यह कोठी वर्ष 2022 से बंद रहने के बाद अब एक बार फिर परिवार की पहुंच में आई है। अदालत की कार्रवाई के बाद संपत्ति को रिलीज किया गया और इसके बाद अफजाल अंसारी परिवार के साथ वहां पहुंचे।
हालांकि, मुख्य द्वार LDA की बाउंड्री से बंद होने के कारण उन्हें पीछे के रास्ते से अंदर जाना पड़ा। इसलिए संपत्ति रिलीज होने के साथ-साथ उसके प्रवेश मार्ग का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है।

