स्वरा भास्कर की ‘जौहर’ टिप्पणी पर विवाद बढ़ा, सुप्रीम कोर्ट की वकील ने मांगी माफी, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: अभिनेत्री स्वरा भास्कर की फिल्म ‘पद्मावत’ और ‘जौहर’ को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर दिए गए उनके बयान और बाद में जारी सफाई को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्वरा भास्कर से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। साथ ही, माफी नहीं मांगने की स्थिति में कानूनी कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
यह पूरा विवाद उस टिप्पणी के बाद सामने आया, जिसमें स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘पद्मावत’ में रानी पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाओं से जुड़े जौहर के प्रसंग पर अपनी राय व्यक्त की थी। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसके बाद स्वरा भास्कर ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनके अंग्रेजी वक्तव्य का सही अनुवाद नहीं किया गया।
हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। बल्कि, अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
क्या है स्वरा भास्कर की टिप्पणी का विवाद?
दरअसल, स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के प्रसंग को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर आरोप लगाया गया कि उन्होंने रानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली महिलाओं के निर्णय को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
सोशल मीडिया पर उनका एक अंग्रेजी वीडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों ने उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए। आलोचकों का कहना था कि ऐतिहासिक पात्रों और उस दौर की महिलाओं के निर्णय पर टिप्पणी करते समय ऐतिहासिक संदर्भ और भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए था।
दूसरी ओर, स्वरा भास्कर ने बाद में हिंदी में अपनी सफाई पेश की। उनका कहना था कि उनके मूल बयान का सही अर्थ नहीं समझा गया और अनुवाद के कारण उनकी बात का अर्थ बदल गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर उनकी बात को अलग संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने जताई आपत्ति
स्वरा भास्कर की सफाई सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेत्री से माफी मांगने की मांग की।
अमिता सचदेवा का कहना है कि ‘पद्मावत’ फिल्म के विषय और उसमें रानी पद्मावती तथा चित्तौड़ की महिलाओं के बलिदान से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग की जानकारी स्वरा भास्कर को थी। ऐसे में उनके मुताबिक इसे केवल अनुवाद या भ्रम की गलती बताकर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता।
वकील ने यह भी कहा कि अगर स्वरा भास्कर का उद्देश्य महिलाओं के अधिकार और उनके जीवन की अहमियत को लेकर अपनी बात रखना था, तो इसके लिए ऐतिहासिक पात्रों और जौहर के प्रसंग को शामिल करना जरूरी नहीं था।
उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में माफी मांगने पर जोर दिया और कहा कि केवल सफाई देने के बजाय अभिनेत्री को अपनी टिप्पणी पर विचार करना चाहिए।
‘यह कंफ्यूजन नहीं था’, वकील का दावा
अमिता सचदेवा ने स्वरा भास्कर की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि यह महज शब्दों या अनुवाद की गलती नहीं थी। उन्होंने अभिनेत्री की टिप्पणी के संदर्भ और उसके प्रभाव पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि लोगों ने स्वरा भास्कर को स्वयं बोलते हुए सुना है और इसलिए उनकी टिप्पणी को केवल अनुवाद की गलती बताना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी कहा कि लोगों की समझ को कमतर आंकने के बजाय स्वरा भास्कर को सीधे तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वकील की ओर से की गई ये टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत कानूनी और सार्वजनिक प्रतिक्रिया हैं। इस मामले में किसी अदालत का अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
‘बहाने नहीं, माफी मांगिए’
अमिता सचदेवा ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि यदि स्वरा भास्कर महिलाओं के सम्मान और पीड़िताओं के अधिकारों की बात करना चाहती थीं, तो वह बात ऐतिहासिक जौहर के प्रसंग का उल्लेख किए बिना भी कही जा सकती थी।
वकील के मुताबिक, रानी पद्मावती के नाम और जौहर जैसे संवेदनशील ऐतिहासिक प्रसंग को चर्चा में लाने से बयान का प्रभाव अलग हो जाता है। इसी आधार पर उन्होंने अभिनेत्री से अपनी टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
उन्होंने यह संकेत भी दिया कि यदि माफी नहीं मांगी जाती है तो वह कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ सकती हैं। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनके द्वारा किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी या मामला किस न्यायिक मंच पर ले जाया जाएगा।
स्वरा भास्कर ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया। उनका कहना है कि उनके बयान का गलत अनुवाद और गलत अर्थ निकाला जा रहा है।
अभिनेत्री का तर्क है कि उनका उद्देश्य महिलाओं के जीवन और अधिकारों को लेकर अपनी बात रखना था। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि उनके बयान के एक हिस्से को लेकर व्यापक विवाद खड़ा कर दिया गया।
हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक पक्ष जहां उनके बयान को आपत्तिजनक मानते हुए माफी की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थकों का कहना है कि किसी बयान का मूल्यांकन उसके पूरे संदर्भ में किया जाना चाहिए।
‘पद्मावत’ से जुड़ा ऐतिहासिक संदर्भ
फिल्म ‘पद्मावत’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रानी पद्मावती, राजा रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी से जुड़ी कथा को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत किया गया था।
फिल्म की रिलीज से पहले भी इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चित्रण को लेकर काफी विवाद हुआ था। फिल्म में जौहर के प्रसंग को भी प्रमुखता से दिखाया गया था। इसी वजह से यह प्रसंग लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है।
ऐतिहासिक घटनाओं और उनसे जुड़े पात्रों को लेकर अलग-अलग इतिहासकारों, सामाजिक समूहों और दर्शकों की अलग-अलग व्याख्याएं रही हैं। इसलिए ऐसे विषयों पर सार्वजनिक टिप्पणियां अक्सर संवेदनशील राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म देती हैं।
विवाद के बीच कानूनी पहलू भी चर्चा में
अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी सामने आने के बाद सवाल यह है कि क्या विवाद आगे अदालत तक पहुंचता है। किसी सार्वजनिक बयान पर कानूनी कार्रवाई के लिए उसके सटीक शब्द, संदर्भ, उद्देश्य और संबंधित कानूनों के तहत उसकी कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होती है।
सिर्फ किसी बयान को लेकर विवाद पैदा होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। इसलिए जब तक सक्षम न्यायिक या कानूनी प्राधिकरण की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आता, तब तक इस मामले को आरोप, आपत्ति और कानूनी चेतावनी के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल स्वरा भास्कर की सफाई और अमिता सचदेवा की प्रतिक्रिया के बाद विवाद का केंद्र यही है कि क्या अभिनेत्री अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगी या अपनी सफाई पर कायम रहेंगी।
सोशल मीडिया पर भी जारी है बहस
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियों और उनकी जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों पर टिप्पणी करते समय जिम्मेदारी बरतने की मांग की जा रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमिता सचदेवा की ओर से कोई औपचारिक कानूनी कदम उठाया जाता है या नहीं। साथ ही, स्वरा भास्कर इस विवाद को लेकर आगे क्या रुख अपनाती हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि ‘जौहर’ पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद उनकी सफाई के बाद भी खत्म नहीं हुआ है। बल्कि, सुप्रीम कोर्ट की वकील की ओर से माफी और संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद यह मामला एक नए चरण में पहुंच गया है।

