मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अज्ञात बीमारी से एक परिवार के चार बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

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Digital UP News Desk

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की अचानक मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच परिवार के चार सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों में तीन सगे भाई और एक उनका रिश्तेदार बताया जा रहा है। चारों की उम्र नाबालिग से लेकर 19 वर्ष तक बताई गई है। लगातार हुई इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चारों की तबीयत बिगड़ने का पैटर्न लगभग एक जैसा था। पहले बुखार आया और इसके बाद पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें सामने आईं। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों की मौत हो गई।

हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के सदस्यों के नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि इन मौतों के पीछे संक्रमण, दूषित पानी या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण जिम्मेदार है या नहीं।

10 दिनों में चार मौतों से परिवार में मातम

मामला शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, तनवीर अहमद के परिवार में कुछ ही दिनों के अंतराल में चार लोगों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक, सबसे पहले 14 वर्षीय ताहिर की तबीयत खराब हुई। उसे बुखार के साथ उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उसका इलाज कराया गया, लेकिन करीब दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान उसकी प्लेटलेट्स तेजी से कम होने की बात भी सामने आई।

ताहिर की मौत के बाद परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि तनवीर की बहन के 19 वर्षीय बेटे अयाज की तबीयत खराब हो गई। परिजनों के अनुसार, अयाज को पहले शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 23 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

दो और बच्चों की बिगड़ी तबीयत

परिवार में लगातार दो मौतों के बाद चिंता बढ़ गई। इसके बाद नौ वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ को भी बुखार आया। दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने उनका इलाज कराया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

31 अगस्त की सुबह तारूफ की मौत हो गई। इसके कुछ घंटे बाद उसी दिन शाम को उसके बड़े भाई तासिफ ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह करीब 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, चारों के लक्षणों में कुछ समानताएं थीं। बच्चों की प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट की बात भी सामने आई है। वहीं, एक बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

झरने पर नहाने के बाद तबीयत बिगड़ने का दावा

परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग को बताया कि चारों बच्चे 16 अगस्त को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। उनके मुताबिक, झरने से लौटने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ।

इसी वजह से परिवार और स्थानीय लोगों ने झरने के पानी को लेकर आशंका जताई है। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि बच्चों की मौत झरने के पानी की वजह से ही हुई। स्वास्थ्य विभाग पानी या किसी अन्य संभावित कारण की जांच के बाद ही इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकाल सकेगा।

ऐसे मामलों में किसी एक कारण को तत्काल जिम्मेदार मानना उचित नहीं होता। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों और मेडिकल रिपोर्ट का सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुंचकर ली जानकारी

मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार शाम परिवार के घर पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत कर चारों मृतकों की बीमारी और इलाज से जुड़ी जानकारी जुटाई। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों के नमूने भी लिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि परिवार के अन्य सदस्यों में किसी तरह के संक्रमण या बीमारी के लक्षण तो मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा मृत बच्चों के इलाज से संबंधित दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट को भी देखा जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि शवों का पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण फिलहाल मौत की निश्चित वजह बताना संभव नहीं है। ऐसे में प्रयोगशाला जांच और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

प्लेटलेट्स कम होने से बढ़ी चिंता

मामले में बच्चों की प्लेटलेट्स तेजी से कम होने की जानकारी ने भी स्वास्थ्य अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, प्लेटलेट्स का कम होना अपने आप में किसी एक बीमारी की पुष्टि नहीं करता। कई अलग-अलग चिकित्सकीय परिस्थितियों में प्लेटलेट्स की संख्या घट सकती है।

इसलिए विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे बच्चों में सामने आए सभी लक्षणों, जांच रिपोर्ट, इलाज के दौरान की स्थिति और संभावित संक्रमण के स्रोत का मिलान करें।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चारों मौतों के बीच कोई समान चिकित्सकीय कारण था या नहीं।

स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की

एक ही परिवार के चार बच्चों की कम समय में मौत की घटना से स्थानीय लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और यदि किसी जलस्रोत या अन्य माध्यम से संक्रमण फैलने की पुष्टि होती है तो आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

वहीं, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की जा सकती है। जब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक मौतों के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है। नमूनों की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद ही इस मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच

शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की अचानक मौत का मामला बेहद गंभीर है। हालांकि, अभी तक मौतों के पीछे किसी एक बीमारी या दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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