लखीमपुर खीरी के भीखमपुर स्कूल में हुआ भीषण जलभराव, पानी के बीच पहुंचे छात्र – शिक्षा का है महत्वपूर्ण केंद्र – फिर क्यों ख़ामोशी?
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: जिले के भीखमपुर कस्बे में बारिश के बाद राजकीय जूनियर हाईस्कूल का परिसर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। स्कूल परिसर में करीब तीन से चार फीट तक पानी भर जाने के कारण छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते विद्यालय आने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी जमा हो गया है। स्थिति ऐसी है कि विद्यालय के अंदर आने-जाने के लिए छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके कारण बच्चों के कपड़े भीग रहे हैं और परिसर में फिसलन की स्थिति बन रही है। कुछ छात्र-छात्राओं के गिरकर चोटिल होने की बात भी सामने आई है।
स्कूल परिसर में बना जलभराव का संकट
भीखमपुर कस्बे का राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्थानीय बच्चों की शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। बारिश के बाद विद्यालय परिसर में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने से यहां पढ़ाई और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। सामान्य दिनों में जहां बच्चे स्कूल परिसर में आसानी से आ-जा सकते हैं, वहीं अब उन्हें पानी के बीच से होकर कक्षाओं तक पहुंचना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में जमा पानी कई स्थानों पर काफी गहरा है। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए स्थिति और अधिक असुविधाजनक हो जाती है। शिक्षक भी पानी से होकर विद्यालय तक पहुंचने को मजबूर हैं। वहीं, जलभराव के कारण स्कूल परिसर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
तीन से चार फीट पानी के बीच आवागमन
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय परिसर में करीब तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। पानी की इतनी मात्रा के कारण बच्चों को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। खासकर स्कूल के प्रवेश और निकास वाले हिस्सों में जलभराव होने से विद्यार्थियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
इसके अलावा, पानी जमा होने के कारण जमीन पर फिसलन भी बढ़ गई है। ऐसे में बच्चों के पैर फिसलने और गिरने की घटनाएं सामने आने की बात कही गई है। स्थानीय स्तर पर कुछ छात्र-छात्राओं के गिरकर चोटिल होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, चोटिल बच्चों की संख्या या उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कपड़े भीगने से बच्चों को परेशानी
स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी पानी के बीच से गुजरने के दौरान हो रही है। विद्यालय परिसर में प्रवेश करते समय बच्चों के कपड़े और जूते पानी से भीग रहे हैं। इसके बाद उन्हें गीले कपड़ों में ही कक्षाओं में बैठना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में विद्यालयों में जलभराव की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहती। लंबे समय तक पानी जमा रहने से परिसर की स्वच्छता, फिसलन और मच्छरों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।
पढ़ाई पर भी पड़ सकता है असर
विद्यालय परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने की स्थिति में पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना रहती है। बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना मुश्किल होने के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इसके बावजूद शिक्षक और विद्यार्थी विद्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यदि जलभराव की समस्या जल्द दूर नहीं होती है तो आने वाले दिनों में विद्यालय की दैनिक व्यवस्था पर इसका असर बढ़ सकता है।
जल निकासी की व्यवस्था जरूरी
स्कूल परिसर में जलभराव का मुख्य कारण बारिश के पानी की निकासी की समस्या माना जा रहा है। ऐसे में विद्यालय परिसर से पानी बाहर निकालने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की आवश्यकता है। साथ ही, आसपास के नालों और जल निकासी मार्गों की भी सफाई कराए जाने की जरूरत है, ताकि बारिश का पानी लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमा न रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए। यदि पानी की निकासी समय रहते कर दी जाए तो विद्यार्थियों और शिक्षकों को राहत मिल सकती है।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
बारिश के दौरान विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। जलभराव वाले परिसर में फिसलन के कारण गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा, गहरे पानी वाले स्थान बच्चों के लिए असुविधाजनक हो सकते हैं। इसलिए विद्यालय परिसर में सुरक्षित रास्ता तैयार करना और पानी की निकासी कराना आवश्यक है।
शिक्षकों और अभिभावकों के स्तर से भी बच्चों को जलभराव वाले हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है। साथ ही, जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक विद्यालय के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां अनावश्यक आवाजाही रोकना उपयोगी रहेगा।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
भीखमपुर के राजकीय जूनियर हाईस्कूल में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद अब स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों की अपेक्षा है कि विद्यालय परिसर से जल्द पानी निकालने के साथ-साथ भविष्य में जलभराव न हो, इसके लिए स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाए जाएं।
वर्तमान में सबसे जरूरी कार्य स्कूल परिसर में जमा पानी की निकासी और बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करना है। इसके बाद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा सकता है।
लखीमपुर खीरी के भीखमपुर कस्बे में राजकीय जूनियर हाईस्कूल परिसर में बारिश के बाद जमा पानी ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तीन से चार फीट पानी के बीच आवागमन के कारण बच्चों के कपड़े भीगने और गिरकर चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में विद्यालय परिसर से जल्द जल निकासी कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।

