लखीमपुर खीरी के पलिया में इस परिवार पर किया गया धारदार हथियार से हमला – धाराएं बढ़ाने की रखी मांग
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
पलिया कलां-खीरी: नगर के मोहल्ला रंगरेजान-02 में बीते दिनों मारपीट और धारदार हथियार से हमले के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित आनंद कुमार गुप्ता पुत्र राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दर्ज मुकदमे में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कुछ गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की है। साथ ही, पीड़ित ने परिवार को कथित रूप से मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
28 अगस्त की घटना को लेकर दिया प्रार्थना पत्र
पीड़ित आनंद कुमार गुप्ता की ओर से अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 28 अगस्त को मोहल्ला रंगरेजान-02 में उनके परिवार के साथ मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि इस दौरान विपक्षी पक्ष के नरेश गुप्ता, आर्यन गुप्ता, अरमान गुप्ता, अंश गुप्ता और सौरभ गुप्ता समेत अन्य लोगों ने उनके परिवार पर हमला किया।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के दौरान धारदार हथियार का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को चोटें आईं। घटना के बाद घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पलिया में मेडिकल परीक्षण कराया गया था। इसके बाद मामले में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं जोड़ने की मांग
पीड़ित पक्ष का कहना है कि मुकदमे में दर्ज धाराएं मेडिकल रिपोर्ट में सामने आई चोटों के अनुरूप नहीं हैं। आनंद कुमार गुप्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज चोटों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 109 को भी मुकदमे में शामिल किया जाना चाहिए था।
इसी आधार पर उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले की दोबारा समीक्षा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और घटना की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि मामले में नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ सके।
हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। इसलिए मामले से जुड़े सभी आरोपों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को धमकी देने का भी लगाया आरोप
प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने एक अन्य गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि घटना में नामजद आरोपी और उनके कुछ साथी मुकदमे से नाम वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, परिवार के सदस्यों को लगातार जान से मारने की धमकियां दिए जाने का आरोप है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसके अलावा, पीड़ित ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की अपील की है।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अब स्थानीय स्तर पर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष की ओर से जहां मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाने की मांग की गई है, वहीं पुलिस के सामने घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी है।
ऐसे मामलों में मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाता है। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुकदमे में किन धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पीड़ित द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों को भी पुलिस के संज्ञान में लाया गया है। ऐसे में परिवार की सुरक्षा संबंधी शिकायत पर भी प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
पीड़ित ने प्रशासन से क्या मांग की?
आनंद कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली, मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज चोटों के आधार पर मुकदमे में आवश्यक धाराएं जोड़ी जाएं। दूसरी, घटना में शामिल बताए जा रहे आरोपियों के खिलाफ जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए। तीसरी, परिवार को कथित रूप से मिल रही धमकियों को देखते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
अब अधिकारियों द्वारा शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल मामला पुलिस जांच के दायरे में है और पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से न्यायसंगत कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
पलिया कलां के रंगरेजान-02 मोहल्ले में हुई मारपीट और धारदार हथियार से हमले के मामले ने पुलिस कार्रवाई और मुकदमे में धाराएं बढ़ाने की मांग को लेकर नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए BNS की धारा 74 और 109 जोड़ने की मांग की है। साथ ही, परिवार को कथित धमकियों की शिकायत करते हुए सुरक्षा की अपील की गई है।
अब पुलिस जांच और उच्च अधिकारियों के स्तर से होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

