बिजनौर में गुलदार के पिंजरे में खेलते दिखे बच्चे, वन विभाग ने जांच की कही बात – जरूर पढ़िए एक नजर

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: जिले में गुलदार की मौजूदगी और उसके संभावित हमलों को लेकर ग्रामीणों के बीच चिंता बनी हुई है। इसी बीच नजीबाबाद वानिकी वन प्रभाग क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में कुछ बच्चे खेलते हुए नजर आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि ग्रामीण बच्चों ने सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी करते हुए उस पिंजरे के अंदर जाकर खेलना शुरू कर दिया, जिसे वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के उद्देश्य से लगाया था। पिंजरा वन्यजीव को पकड़ने के लिए लगाया गया है और ऐसे में उसके आसपास अनावश्यक गतिविधियां बच्चों के लिए उचित नहीं मानी जा सकतीं।

गुलदार पकड़ने के लिए लगाया गया था पिंजरा

नजीबाबाद वानिकी वन प्रभाग क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाया गया है। ऐसे मामलों में वन विभाग आमतौर पर गुलदार की आवाजाही वाले स्थानों को चिन्हित कर निगरानी बढ़ाता है और आवश्यकता के अनुसार पिंजरे लगाए जाते हैं।

हालांकि, जिस पिंजरे का इस्तेमाल वन्यजीव को पकड़ने के लिए किया जा रहा है, उसी में बच्चों का प्रवेश करना चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ बच्चे पिंजरे को खेल का साधन समझकर उसके अंदर पहुंच गए। बच्चों की यह गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हुई और बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जान जोखिम में डालकर पिंजरे में खेलते दिखे बच्चे

वायरल वीडियो में बच्चों के पिंजरे के अंदर जाने और वहां खेलते नजर आने की बात कही जा रही है। वन विभाग के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिंजरा गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया है। ऐसे में उसके साथ छेड़छाड़ या उसके आसपास असावधानी बरतना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

वन्यजीवों को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों में विशेष व्यवस्था होती है। इसलिए ग्रामीणों और बच्चों को उनसे दूरी बनाए रखने की आवश्यकता होती है। खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों के बारे में जानकारी देकर वहां जाने से रोकना जरूरी है।

पिंजरे में रखे चारे की भी हो रही चोरी

स्थानीय जानकारी के अनुसार, गुलदार को पिंजरे में लाने के लिए वहां मुर्गी या बकरे को चारे के तौर पर रखा जा रहा है। आरोप है कि पिंजरे में रखे इस चारे की भी चोरी हो रही है। इससे वन विभाग की गुलदार पकड़ने की कोशिश प्रभावित हो सकती है।

यदि पिंजरे में रखा चारा लगातार गायब होता है तो वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे पकड़ने की प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। इसलिए ऐसे स्थानों पर निगरानी और ग्रामीणों की भागीदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

हालांकि, चारा चोरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में वन विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों में गुलदार को लेकर चिंता

क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। वहीं, दूसरी ओर बच्चों का पिंजरे के आसपास पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय माना जा रहा है।

ऐसे में ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से बच्चों को अकेले खेतों, जंगल के आसपास या ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देना चाहिए, जहां वन्यजीव की गतिविधियां होने की आशंका हो।

इसके अलावा, किसी वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या वीडियो बनाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसकी जानकारी तत्काल वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।

वायरल वीडियो के बाद वन विभाग के सामने जांच की चुनौती

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला वन विभाग के संज्ञान में आया है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविकता और उसका स्थान जांच का विषय है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर सकता है कि बच्चों को पिंजरे तक पहुंचने से रोकने के लिए मौके पर किस तरह की व्यवस्था थी।

यदि पिंजरा आबादी के नजदीक लगाया गया है तो वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या नियमित निगरानी जैसे उपायों की आवश्यकता हो सकती है। इससे बच्चों और ग्रामीणों को पिंजरे से दूर रखने में मदद मिल सकती है।

डीएफओ ने जांच कराने की कही बात

इस मामले में बिजनौर के डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने कहा है कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे। उनके बयान के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि वन विभाग वायरल वीडियो और पिंजरे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाएगा।

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हो सकता है कि पिंजरा किस स्थान पर लगाया गया था, वहां सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और बच्चों के उसके अंदर पहुंचने की स्थिति कैसे बनी।

ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील

गुलदार की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों की सतर्कता बेहद जरूरी है। वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे या अन्य उपकरणों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। साथ ही, बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है।

यदि किसी स्थान पर गुलदार दिखाई देता है तो ग्रामीणों को भीड़ जुटाने के बजाय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। इससे वन्यजीव और इंसान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

बिजनौर के नजीबाबाद वानिकी वन प्रभाग क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में बच्चों के खेलते हुए दिखाई देने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने जांच की बात कही है। वहीं, क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों से सावधानी बरतने और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की जरूरत है।