2029 PM रेस में मोदी-राहुल के बीच थलपति विजय की एंट्री, कांग्रेस-TVK में बढ़ी खींचतान
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरों को लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नामों पर भी चर्चा होती रही है। वहीं, कांग्रेस और INDIA गठबंधन की तरफ से राहुल गांधी को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय यानी थलपति विजय की राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती दावेदारी ने विपक्षी खेमे की तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया है।
हालिया India Today-CVoter Mood of the Nation Survey में विजय प्रधानमंत्री पद की पसंद के मामले में तीसरे स्थान पर रहे। सर्वे में नरेंद्र मोदी को 48.7 प्रतिशत, राहुल गांधी को 27.1 प्रतिशत और विजय को 9.2 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला।
2029 में 78 साल के होंगे नरेंद्र मोदी
2029 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। उस समय उनकी उम्र 78 वर्ष होगी। हालांकि बीजेपी में 75 वर्ष की उम्र के बाद चुनावी राजनीति से हटने का कोई औपचारिक संवैधानिक नियम नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उम्र को लेकर सवाल उठे थे।
तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया था कि बीजेपी के संविधान में 75 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट का कोई प्रावधान नहीं है और नरेंद्र मोदी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। इसलिए 2029 में बीजेपी किसे प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, यह फिलहाल पूरी तरह पार्टी के भविष्य के फैसले पर निर्भर करेगा।
इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषण में मोदी के साथ अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को संभावित विकल्पों के तौर पर देखा जाता है।
अमित शाह की दावेदारी क्यों चर्चा में?
अमित शाह वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री हैं। 2029 में उनकी उम्र करीब 64 वर्ष होगी। बीजेपी संगठन और चुनावी रणनीति पर उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उनका नाम संभावित नेतृत्व की चर्चा में आता रहा है।
गृह मंत्री के तौर पर अनुच्छेद 370 से जुड़े फैसले समेत कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर उनकी भूमिका रही है। इसके अलावा बीजेपी के चुनाव प्रबंधन में शाह की रणनीतिक क्षमता को पार्टी की बड़ी ताकत माना जाता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि 2029 के लिए बीजेपी ने अभी किसी वैकल्पिक प्रधानमंत्री चेहरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए शाह का नाम फिलहाल राजनीतिक अटकलों का हिस्सा है।
योगी आदित्यनाथ सबसे युवा संभावित चेहरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस संभावित रेस में महत्वपूर्ण नाम हैं। 2029 में उनकी उम्र करीब 57 वर्ष होगी। वह नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी जैसे नेताओं की तुलना में कम उम्र के होंगे।
योगी 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। कानून-व्यवस्था, निवेश, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उनकी सरकार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। बीजेपी के चुनाव अभियानों में भी योगी की मांग उत्तर प्रदेश से बाहर कई राज्यों में देखने को मिलती रही है।
यही वजह है कि पार्टी के भीतर और बाहर उन्हें भविष्य के संभावित राष्ट्रीय नेतृत्व के चेहरे के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, बीजेपी ने 2029 के प्रधानमंत्री पद के लिए योगी के नाम को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राहुल गांधी के सामने पुराना अनुभव, नई चुनौती
दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी सबसे प्रमुख चेहरा हैं। 2029 में उनकी उम्र करीब 59 वर्ष होगी। वह 2004 से सक्रिय राजनीति में हैं और दो दशक से अधिक समय का राजनीतिक अनुभव रखते हैं।
वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी की भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर विपक्ष की आवाज को मजबूती से उठाया है। हालांकि, उनके सामने INDIA गठबंधन को एकजुट रखने और अलग-अलग राज्यों में सहयोगी दलों के साथ सीट तथा नेतृत्व से जुड़े मतभेदों को संभालने की चुनौती भी है।
यही चुनौती अब तमिलनाडु में TVK के साथ सामने आती दिख रही है।
थलपति विजय की एंट्री ने बढ़ाई हलचल
अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 2024 में TVK का गठन किया। इसके बाद उनकी पार्टी ने तेजी से राजनीतिक विस्तार किया और 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाई। विजय मुख्यमंत्री बने और बेहद कम समय में राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गए।
हाल ही में TVK के नेताओं ने विजय को 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में पेश करना शुरू किया है। TVK नेताओं की ओर से दक्षिण भारत से प्रधानमंत्री बनाए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
इसके बाद कांग्रेस और TVK के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
सर्वे में मोदी के बाद राहुल, तीसरे नंबर पर विजय
India Today-CVoter के अगस्त 2026 के Mood of the Nation सर्वे ने इस बहस को और हवा दे दी। सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी 48.7 प्रतिशत समर्थन के साथ पहले स्थान पर रहे। राहुल गांधी 27.1 प्रतिशत के साथ दूसरे और विजय 9.2 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खास बात यह है कि विजय ने कई अनुभवी राष्ट्रीय नेताओं को पीछे छोड़ा। विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने की क्षमता के सवाल पर भी विजय को 12.2 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि राहुल गांधी 29 प्रतिशत के साथ आगे रहे।
हालांकि यह एक जनमत सर्वेक्षण है, इसे 2029 के चुनाव का परिणाम या भविष्य की निश्चित तस्वीर नहीं माना जा सकता। लोकसभा चुनाव अभी कई वर्ष दूर हैं और तब तक राजनीतिक समीकरण कई बार बदल सकते हैं।
कांग्रेस मंत्री ने TVK को दी चेतावनी
विजय के नाम की चर्चा बढ़ने के बीच तमिलनाडु कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं। 30 अगस्त को तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री और कांग्रेस नेता एस. राजेश कुमार ने कहा कि राहुल गांधी ही 2029 के लिए पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि TVK राहुल गांधी के समर्थन से पीछे हटती है तो कांग्रेस के दो मंत्री राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं।
तमिलनाडु की TVK सरकार में कांग्रेस के पांच विधायक समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस के दो नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। ऐसे में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर मतभेद गठबंधन के लिए राजनीतिक रूप से अहम हो सकते हैं।
2029 की तस्वीर अभी साफ नहीं
फिलहाल 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए किसी भी दल ने अंतिम चेहरा घोषित नहीं किया है। बीजेपी के सामने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को लेकर अटकलें हैं, जबकि कांग्रेस के लिए राहुल गांधी सबसे प्रमुख नाम हैं। दूसरी तरफ विजय ने बेहद कम राजनीतिक समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है।
इसलिए 2029 की दौड़ में फिलहाल सबसे दिलचस्प सवाल यही है कि क्या TVK अपने नेता विजय को सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित रखेगी या राष्ट्रीय राजनीति में उनके लिए बड़ा लक्ष्य तय करेगी। वहीं कांग्रेस के सामने यह चुनौती होगी कि वह INDIA गठबंधन में राहुल गांधी के नेतृत्व पर सहयोगी दलों की सहमति कैसे बनाए रखती है।
कुल मिलाकर, 2029 की प्रधानमंत्री पद की बहस अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन मोदी, राहुल गांधी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के साथ थलपति विजय का नाम जुड़ना भारतीय राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत जरूर देता है। आने वाले वर्षों में चुनावी गठबंधन, राज्यों के परिणाम और नेताओं की लोकप्रियता इस तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।

