लखीमपुर से गुजर रही शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर – दहशत में लोग – अलर्ट हुआ प्रशासन

bcfd375c-f5b7-4286-bf76-3391a5044a9b

रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पलियाकलां बेस स्टेशन पर बुधवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 154.94 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के निशान 154.59 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे बनबसा बैराज से शारदा नदी में करीब 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके अलावा नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का पानी भी नदी के जलस्तर को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में आने वाले समय में नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है।

खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर

पलियाकलां बेस स्टेशन पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक शारदा नदी का जलस्तर 154.94 मीटर तक पहुंच गया है। यहां खतरे का स्तर 154.59 मीटर निर्धारित है। इस हिसाब से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर अधिक दर्ज किया गया।

जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के पीछे पहाड़ों पर बारिश और बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी प्रमुख कारण बताया जा रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की ओर से लोगों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में भी सतर्क रहें और बच्चों को नदी तथा अन्य जलस्रोतों के पास जाने से रोकें।

नदी किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की नजर

शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निघासन तहसील क्षेत्र के कई गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इनमें पुरैना, रानीगंज, लालबोझी, लुधौरी, मदनापुर, जीतपुरवा, ठाकुरपुरवा, लालपुर, तमोलिनपुरवा, झंडी, टापरपुरवा, लोनियनपुरवा, गौढ़ीपुरवा, बरोठा और कुर्मीनपुरवा समेत कई गांव शामिल हैं।

इन इलाकों में नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर पड़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल प्रशासन की निगरानी में स्थिति नियंत्रण में है और व्यापक स्तर पर बाढ़ जैसे हालात नहीं बताए गए हैं।

इसके बावजूद लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरतने की सलाह दी गई है।

पलिया, निघासन और धौरहरा क्षेत्र प्रभावित

शारदा नदी और लगातार बारिश के कारण जिले के पलिया, निघासन, धौरहरा और लखीमपुर तहसील क्षेत्रों के कई इलाकों में जलभराव एवं बाढ़ का प्रभाव बताया गया है। नदी और आसपास के जलस्रोतों में पानी बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता नदी किनारे बसे लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। स्थानीय स्तर पर जलस्तर की निगरानी के साथ-साथ ग्रामीणों को भी परिस्थितियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से कहा गया है कि वे परिस्थितियों को देखते हुए समय पर आवश्यक कदम उठाएं और किसी भी तरह का जोखिम न लें।

विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी के किनारे जाने से रोकने की अपील की गई है। इसके अलावा, ग्रामीणों से अपने आसपास पानी के बढ़ते स्तर पर नजर रखने और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।

बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी पर नजर

शारदा नदी के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए बनबसा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी महत्वपूर्ण है। 1 सितंबर को दोपहर 2 बजे बैराज से 1.34 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने के कारण वहां से आने वाला पानी भी नदी के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इसलिए नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखना आवश्यक है।

प्रशासन के स्तर से स्थिति के अनुसार आगे की व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

सावधानी और सतर्कता जरूरी

शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे क्षेत्रों के लोगों के लिए सतर्कता महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि फिलहाल स्थिति प्रशासन की निगरानी में बताई जा रही है, लेकिन लगातार बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है।

इसी वजह से ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने और बच्चों को पानी के पास न जाने देने की सलाह दी गई है। साथ ही, यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ता है या आबादी की ओर पानी पहुंचने लगता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने को कहा गया है।

लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां बेस स्टेशन पर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पहाड़ों पर बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पलिया, निघासन, धौरहरा और लखीमपुर तहसील के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

You may have missed