चंद्रशेखर आजाद का रवि किशन पर तंज, बोले गोरखपुर स्पेन बन गया तो वीजा क्यों नहीं लगा?

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Digital UP News Desk

गोरखपुर: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने गोरखपुर में विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सांसद रवि किशन के गोरखपुर को ‘स्पेन’ बताए जाने वाले बयान पर भी तंज कसा। चंद्रशेखर आजाद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि गोरखपुर आने पर उन्हें खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस हुआ, क्योंकि अब पता चला कि गोरखपुर स्पेन बन गया है।

सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था, स्कूलों, जलभराव और विकास कार्यों को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने की राजनीति से आगे बढ़कर जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

रवि किशन के बयान पर चंद्रशेखर का तंज

दरअसल, 29 अगस्त को कल्याण मंडपम के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने शहर के विकास को लेकर अपनी बात रखी थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें गोरखपुर स्पेन जैसा लगता है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी को यह विकास दिखाई नहीं देता तो इसमें वह क्या कर सकते हैं।

रवि किशन का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। इसी बयान को लेकर अब चंद्रशेखर आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब वे नेपाल जाते थे तो वहां जाने के लिए वीजा नहीं लगता था। लेकिन अब उन्हें पता चला है कि गोरखपुर स्पेन बन गया है। ऐसे में उन्हें लगा कि स्पेन आने के लिए वीजा की जरूरत होगी, लेकिन गोरखपुर पहुंचने पर वीजा नहीं लगा।

चंद्रशेखर ने इसी अंदाज में योगी सरकार को धन्यवाद भी दिया। उनके इस बयान को रवि किशन की टिप्पणी पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा जा रहा है।

गोरखपुर एम्स की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने बातचीत के दौरान गोरखपुर एम्स की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एम्स की बिल्डिंग जरूर तैयार हो गई है, लेकिन इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में व्यवस्था अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े अस्पताल की पहचान केवल उसकी इमारत से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से होती है। जनता को बेहतर और सुगम इलाज मिलना चाहिए। इसके लिए अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं, बेहतर व्यवस्था और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना जरूरी है।

चंद्रशेखर ने कहा कि गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद है। इसलिए सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम लोगों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

‘स्कूलों की सच्चाई दिखाने पर भी रोक’

चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने पर भी रोक जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। स्कूलों में पढ़ाई का स्तर, बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं और बुनियादी व्यवस्थाएं बेहतर करना जरूरी है। उनका कहना था कि केवल नाम बदलने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।

चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार को प्राथमिकता तय करते समय जनता से जुड़े मुद्दों को सबसे ऊपर रखना चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों का सीधा संबंध आम लोगों के जीवन से है। इसलिए इन क्षेत्रों में सुधार के लिए निरंतर काम होना चाहिए।

नाम बदलने के बजाय समस्याओं के समाधान पर जोर

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ नाम बदलने पर ध्यान देने के बजाय जनसमस्याओं के समाधान के बारे में सोचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता को सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को इन समस्याओं की पहचान कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

उनके मुताबिक, विकास का आकलन केवल बड़े प्रोजेक्ट और नई इमारतों से नहीं किया जा सकता। किसी शहर के विकास का वास्तविक असर तब दिखाई देता है, जब आम नागरिक को रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर सुविधाएं मिलें।

जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन पर निशाना

चंद्रशेखर आजाद ने गोरखपुर में जलभराव की समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है और जिला प्रशासन तथा सरकार को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।

बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थायी समस्या का समाधान करने की जरूरत है।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि किसी शहर में लंबे समय से एक समस्या बनी हुई है तो उसके समाधान के लिए ठोस योजना क्यों नहीं बनाई जा रही है। उनके अनुसार, विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को कम करना होना चाहिए।

विकास को लेकर सियासत तेज

चंद्रशेखर आजाद के गोरखपुर दौरे के दौरान दिए गए बयान के बाद स्थानीय विकास को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ जहां रवि किशन गोरखपुर में हुए विकास कार्यों को लेकर अपनी बात रख रहे हैं, वहीं चंद्रशेखर आजाद स्वास्थ्य, शिक्षा और जलभराव जैसे मुद्दों को सामने रखकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, गोरखपुर में विकास कार्य लगातार राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बयानों के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस की अपील

चंद्रशेखर आजाद ने अपनी बातचीत में सरकार से जनता की मूलभूत समस्याओं पर अधिक ध्यान देने की अपील की। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी जरूरी सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे। इसके अलावा, शहर की पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, चंद्रशेखर आजाद का गोरखपुर दौरा राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर भी चर्चा में रहा। रवि किशन के ‘गोरखपुर स्पेन’ वाले बयान पर उनका तंज सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, एम्स, स्कूलों और जलभराव को लेकर उठाए गए उनके सवालों ने शहर के विकास मॉडल पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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