आजमगढ़ में पकड़ा गया सबसे बड़ा ई-रिक्शा चोर गिरोह, जानिए इनकी चोरी का स्टाइल और कितने रिक्शे हुए बरामद
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: जनपद आजमगढ़ में ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस, विशेष अपराध नियंत्रण टीम, चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय ई-रिक्शा चोरी गिरोह का खुलासा किया गया। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की 8 चोरी की ई-रिक्शा, 36 बैटरियां तथा एक मास्टर चाबी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरोह सुनसान स्थानों पर खड़ी ई-रिक्शाओं की पहचान कर उन्हें चोरी करता था। बाद में वाहनों से बैटरियां और अन्य उपयोगी सामान निकालकर अलग-अलग स्थानों पर बेच दिया जाता था। इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वाहन चोरी रोकथाम अभियान के तहत मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ संदिग्ध व्यक्ति मोहटी घाट क्षेत्र में मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस, विशेष अपराध नियंत्रण टीम, चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस सेल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। 7 जुलाई की रात लगभग एक बजे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया गिरोह का यह तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस के अनुसार गिरोह के प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी, जिससे चोरी की वारदातों को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह की महिला सदस्य तबस्सुम शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर ऐसी ई-रिक्शाओं की पहचान करती थी, जो बिना निगरानी के खड़ी होती थीं। इसके बाद वह अन्य सदस्यों को सूचना देती थी।
सूचना मिलने पर गिरोह के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचकर ई-रिक्शा चोरी कर लेते थे। बाद में वाहन को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी बैटरियां और अन्य उपयोगी सामान अलग कर दिया जाता था। शेष वाहन को कबाड़ के रूप में बेचने का प्रयास किया जाता था और प्राप्त धनराशि आपस में बांट ली जाती थी।
बरामद हुईं ई-रिक्शा और बैटरियां
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। बरामदगी में शामिल हैं—
- 8 चोरी की ई-रिक्शा
- 36 ई-रिक्शा बैटरियां
- 1 मास्टर चाबी
पुलिस के अनुसार बरामद सामान की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। बरामद वाहनों की पहचान कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
- मोहम्मद मिजान
- अखिलेश यादव उर्फ समीर यादव
- विनोद जायसवाल
- योगेश्वर जायसवाल
- बृजेश कुमार गुप्ता
- तबस्सुम
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कई मामलों में संलिप्तता स्वीकार
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कोतवाली क्षेत्र के छह तथा सिधारी थाना क्षेत्र के एक मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
इन घटनाओं में हर्रा की चुंगी, जजी मैदान, जिला अस्पताल तथा मस्जिद के बाहर से ई-रिक्शा चोरी किए जाने की घटनाएं शामिल हैं। पुलिस इन मामलों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर कर रही है।
पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अखिलेश यादव उर्फ समीर यादव के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी, शस्त्र अधिनियम तथा पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में अन्य मामलों से संबंध सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
संयुक्त टीम को मिलेगा सम्मान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने इस सफल कार्रवाई पर क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करने की घोषणा की है।
इसके अतिरिक्त संयुक्त पुलिस टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए 25,000 रुपये का नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है। पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क और प्रभावी समन्वय का परिणाम बताया।
कार्रवाई में शामिल रही संयुक्त टीम
इस अभियान में निरीक्षक रफी आलम, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, प्रमोद यादव, मिथिलेश प्रजापति, महिला उपनिरीक्षक प्रियंका तिवारी, विशेष अपराध नियंत्रण टीम, चोरी अनावरण टीम तथा सर्विलांस सेल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय और तकनीकी सहायता के कारण इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका।
वाहन चोरी रोकने के लिए लोगों को दी सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ई-रिक्शा या अन्य वाहन सार्वजनिक स्थानों पर बिना सुरक्षा के न छोड़ें। वाहन पार्क करते समय सुरक्षा लॉक का उपयोग करें तथा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आजमगढ़ पुलिस द्वारा ई-रिक्शा चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। छह आरोपियों की गिरफ्तारी, आठ चोरी की ई-रिक्शा, 36 बैटरियों और मास्टर चाबी की बरामदगी से कई मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस अब बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित मामलों में भी गिरोह की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। साथ ही नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।

