मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज संस्कृति की धूम, 1000 कलाकार देंगे भक्ति और लोककला की प्रस्तुति
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर ब्रजभूमि में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार मथुरा और वृंदावन की गलियां, चौराहे और प्रमुख सांस्कृतिक स्थल कृष्ण भक्ति के साथ ब्रज की समृद्ध लोक संस्कृति के रंग में रंगे नजर आएंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से व्यापक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन आयोजनों में संगीत, भजन, लोकगीत, लोकनृत्य, रासलीला और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को ब्रज की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराएंगी। खास बात यह है कि इस बार करीब 1000 कलाकार विभिन्न मंचों और प्रमुख मार्गों पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा पहली बार मथुरा में 500 ड्रोन के माध्यम से कृष्ण लीला पर आधारित भव्य ड्रोन शो भी आयोजित किया जाएगा।
27 छोटे और पांच बड़े मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों को व्यापक रूप दिया गया है।
जन्माष्टमी के अवसर पर पांच बड़े और 27 छोटे मंच तैयार किए गए हैं। इन मंचों पर करीब 600 लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों में कृष्ण भक्ति के भजन-कीर्तन के साथ ब्रज के लोकगीत, लोकनृत्य, संगीत और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे।
वहीं, प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन डैम्पियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में किया जाएगा। यहां 2 से 4 सितंबर तक लगातार विभिन्न कलाकार और सांस्कृतिक संस्थाएं प्रस्तुतियां देंगी।
गलियों और चौराहों पर भी दिखेगी ब्रज संस्कृति
मंचीय कार्यक्रमों के अलावा इस बार मथुरा की प्रमुख सड़कों, गलियों और चौराहों पर भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। इसके लिए करीब 350 स्ट्रीट परफॉर्मर शामिल किए गए हैं।
ये कलाकार बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, तबला और बेला जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इस पहल का उद्देश्य ब्रज संस्कृति को केवल मंच तक सीमित न रखकर उसे शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है।
ऐसे में मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिरों के दर्शन के साथ-साथ रास्तों में भी लोक संगीत और पारंपरिक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे जन्माष्टमी का वातावरण और अधिक जीवंत होने की उम्मीद है।
500 ड्रोन से आसमान में सजेगी कृष्ण लीला
इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का एक विशेष आकर्षण आसमान में दिखाई देगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद पहली बार मथुरा में ड्रोन शो आयोजित करने जा रहा है।
4 सितंबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच जन्मस्थान के निकट किशोरी रमण बीएड कॉलेज से 500 ड्रोन उड़ाए जाएंगे। बॉटलैब डायनामिक्स की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले इस लाइट शो में ड्रोन आसमान में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी विभिन्न आकृतियां बनाएंगे।
इस दौरान श्रद्धालुओं को आकाश में कृष्ण लीला की डिजिटल प्रस्तुति देखने को मिलेगी। तकनीक और संस्कृति के इस मेल को जन्माष्टमी उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है।
2 सितंबर को पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में उद्घाटन
जन्माष्टमी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 2 सितंबर से होगी। दोपहर 3 बजे मुख्य अतिथि द्वारा उद्घाटन और दीप प्रज्वलन किया जाएगा। इसके बाद 3:10 बजे श्याम शंख वादन होगा।
दोपहर 3:15 से 4:15 बजे तक कान्हा अकादमी की ओर से बधाई, नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम 4:15 से 6:15 बजे तक भारत भूषण भजन जैमिंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
शाम 6:15 से 7:40 बजे तक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से मुदरिया प्रेम एवं नन्दोत्सव की झांकी, गायन और नृत्य की प्रस्तुति होगी।
3 सितंबर को भजनों और फ्यूजन संगीत की प्रस्तुति
3 सितंबर को भी पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। शाम 4 से 5 बजे तक देवेश शर्मा भजन गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शाम 5 से 7 बजे तक कृष्णा सागर कलेक्टिव की ओर से कृष्ण भजन जैमिंग का आयोजन होगा।
शाम 7 से 9 बजे तक श्रुति अनिंदिता वर्मा और साथी कलाकार कृष्णा कनेक्ट—फ्यूजनल म्यूजिकल प्रस्तुति देंगे। इस कार्यक्रम में पारंपरिक कृष्ण भक्ति संगीत के साथ आधुनिक संगीत शैली का समन्वय देखने को मिलेगा।
4 सितंबर को कन्हैया मित्तल की भजन संध्या
4 सितंबर का कार्यक्रम भी खास रहने वाला है। दोपहर 3 से 5 बजे तक मोहित शेवानी की ओर से कृष्णायण—सुनिए वो जो कभी कहा नहीं गया कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके बाद शाम 5 से 7 बजे तक हार्टफुलनेस फाउंडेशन की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। स्मृति मिश्रा कृष्णा: अनन्त रंग, अनन्त भाव प्रस्तुत करेंगी। वहीं अनिरबान राय बांसुरी वादन और मैत्रेयी राय भजन एवं शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी।
इसके बाद शाम 7 से 9 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या आयोजित होगी। कृष्ण भक्ति से जुड़े उनके लोकप्रिय भजनों के माध्यम से श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण का अनुभव करेंगे।
ब्रज संस्कृति को नई पहचान देने की पहल
जन्माष्टमी के इन आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ब्रज की पारंपरिक कला और लोक संस्कृति को व्यापक मंच देना भी है। ब्रज की लोक परंपराओं में संगीत, नृत्य, रासलीला और लोक वाद्ययंत्रों की विशेष भूमिका रही है।
ऐसे में बड़ी संख्या में कलाकारों को एक साथ जोड़कर कार्यक्रम आयोजित किए जाने से स्थानीय और पारंपरिक कलाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और देखने का अवसर मिलेगा।
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों में धार्मिक आयोजन तो होंगे ही, इसके साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उत्सव का दायरा और व्यापक होगा।
श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनेगा जन्माष्टमी उत्सव
इस बार जन्माष्टमी के आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। एक ओर जहां बीन, ढोल, नगाड़े, शहनाई और लोकनृत्य ब्रज की पारंपरिक संस्कृति को सामने रखेंगे, वहीं दूसरी ओर 500 ड्रोन का शो आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृष्ण लीला को नए अंदाज में प्रस्तुत करेगा।
इस प्रकार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि ब्रज की कला, संगीत और संस्कृति का भी बड़ा उत्सव बनने जा रहा है। करीब 1000 कलाकारों की प्रस्तुतियां, 27 छोटे और पांच बड़े मंच तथा 350 स्ट्रीट परफॉर्मर इस आयोजन को विशेष बनाएंगे।
ब्रजभूमि में कन्हैया के जन्मोत्सव की तैयारियों के बीच अब श्रद्धालुओं को उस क्षण का इंतजार है, जब मथुरा की गलियां भक्ति के सुरों से गूंजेंगी और आसमान में कृष्ण लीला की झलक दिखाई देगी। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मथुरा की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान को भी भव्य रूप में सामने लाने वाली है।

