कानपुर देहात में बारिश से छत गिरी, सात माह की मासूम की मौत; राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने जाना घायलों का हाल
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। मैथा तहसील क्षेत्र के ग्राम जसापुरवा में मंगलवार को लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। अतिवृष्टि के कारण एक आवासीय मकान की छत अचानक गिर गई। छत के मलबे की चपेट में आने से अपनी नानी के घर आई सात माह की मासूम बच्ची शाम्भवी की मृत्यु हो गई। हादसे में परिवार के चार अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम जसापुरवा में मंगलवार को लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण मकान की छत कमजोर हो गई और अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। उस समय मकान के भीतर मौजूद परिवार के लोग इसकी चपेट में आ गए। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
मलबे में दबने से मासूम की मृत्यु
हादसे में सात माह की मासूम शाम्भवी पुत्री शिवांशु, निवासी कनौली पट्टी, जनपद कन्नौज, मलबे में दब गई। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाकर बच्ची समेत अन्य लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी।
बच्ची की मृत्यु की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम अपनी नानी के घर आई हुई थी। हादसे ने परिवार की खुशियों को अचानक गम में बदल दिया।
चार लोग घायल, सीएचसी शिवली में चल रहा उपचार
छत गिरने की घटना में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में 75 वर्षीय भिक्खुलाल, उनकी 75 वर्षीय पत्नी सोमवती, मृतका की माता शिखा पत्नी शिवांशु, उम्र 30 वर्ष, तथा पारिवारिक बहन शगुन, उम्र 17 वर्ष शामिल हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवली ले जाया गया। वहां चिकित्सकों की देखरेख में घायलों का उपचार किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी ली गई। स्थानीय स्तर पर राहत एवं सहायता की कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने गांव पहुंचकर जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ग्राम जसापुरवा पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही पीड़ित परिवार से मुलाकात की। राज्यमंत्री ने मासूम शाम्भवी की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।
इसके साथ ही उन्होंने सीएचसी शिवली में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। राज्यमंत्री ने चिकित्सकों से बातचीत कर घायलों को बेहतर और समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
राज्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा से वार्ता कर परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता और अन्य अनुमन्य लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों में चिंता
कानपुर देहात के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों लगातार बारिश का असर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण कच्चे और पुराने मकानों की स्थिति को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बनी हुई है। ऐसे में जसापुरवा की घटना ने एक बार फिर कमजोर मकानों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पुराने मकानों की छत और दीवारों पर पानी का असर पड़ता है। इसलिए प्रशासन की ओर से भी ऐसे भवनों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। विशेष रूप से उन परिवारों को सावधान रहने की आवश्यकता है, जो पुराने या क्षतिग्रस्त मकानों में रह रहे हैं।
पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति की जानकारी ली। राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार उपलब्ध सरकारी सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, घायल लोगों के उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है। अस्पताल में भर्ती घायलों की चिकित्सकीय स्थिति पर नजर रखी जा रही है। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है, ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।
गांव में पसरा शोक
मासूम शाम्भवी की मृत्यु के बाद ग्राम जसापुरवा में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। परिवार के लोगों के लिए मासूम की असमय मृत्यु का दुख बेहद गहरा है।
ग्रामीणों ने हादसे के बाद तत्काल राहत कार्य में सहयोग किया। उनकी तत्परता से मलबे में फंसे घायलों को समय रहते बाहर निकाला जा सका। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बारिश के दौरान हुए इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित आवास की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। पुराने और कमजोर मकानों की समय रहते जांच तथा आवश्यक मरम्मत से ऐसे हादसों के जोखिम को कम किया जा सकता है।

