सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, बोले- सत्य और धर्म का मार्ग अपनाएं
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए प्रदेशवासियों से पर्व को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य एवं धर्म का प्रकाश दिखाया। उनका जीवन मानवता को प्रेम, समरसता, समानता और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।
सीएम योगी ने ‘पाती’ लिखकर दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी ‘पाती’ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व और उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन संघर्षों के बीच सत्य और धर्म के पक्ष में खड़े रहने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में समाज को प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इसलिए जन्माष्टमी का पर्व सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है।
असत्य और अन्याय के खिलाफ सत्य का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने ऐसे समय में मानव समाज का मार्गदर्शन किया, जब असत्य और अन्याय का प्रभाव बढ़ रहा था। उन्होंने धर्म की स्थापना और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका व्यक्तित्व साहस, नीति, कर्तव्य और लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने लोगों को परिस्थितियों के अनुसार सही निर्णय लेने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा दी।
सीएम योगी ने कहा कि आज के समय में भी समाज को भगवान श्रीकृष्ण के इन आदर्शों की आवश्यकता है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है।
गीता के संदेश को बताया प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि गीता मानव जीवन के लिए कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म के महत्व का बोध कराया। उनका संदेश व्यक्ति को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने और परिणाम की चिंता किए बिना सही कर्म करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश किसी एक काल या समाज तक सीमित नहीं है। इसमें मानव जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रश्नों का मार्गदर्शन मिलता है। इसलिए आज भी देश और दुनिया में गीता के विचारों का अध्ययन किया जाता है।
सामाजिक समरसता का संकल्प लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों से सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब सभी लोग आपसी सम्मान, सहयोग और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम और समरसता का संदेश देता है। इसलिए जन्माष्टमी के अवसर पर समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने और एक-दूसरे की सहायता करने की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विरासत संरक्षण पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ी हुई है।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े अनेक प्रमुख धार्मिक स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। ऐसे में प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी विरासत के प्रति सम्मान रखने और आने वाली पीढ़ियों तक इसके मूल्यों को पहुंचाने का आह्वान किया।
विकसित और गौरवशाली उत्तर प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी प्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों से अपने कर्तव्यों का पालन करने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की।
जन्माष्टमी के संदेश में लोककल्याण पर जोर
सीएम योगी के संदेश में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों और लोककल्याण की भावना पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, समानता, सत्य, धर्म और कर्तव्य की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि जन्माष्टमी का यह पावन अवसर समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को और मजबूत करेगा।
उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज एवं प्रदेश के विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्माष्टमी संदेश धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प पर केंद्रित रहा।

