IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद पति गगनदीप सिंह की चर्चा, जानिए दोनों की UPSC से बिजनेस तक की कहानी
Digital UP News Desk
लखनऊ: 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने प्रशासनिक और सोशल मीडिया जगत में चर्चा बढ़ा दी है। मिर्जापुर और देवरिया जैसे महत्वपूर्ण जिलों की कमान संभाल चुकीं दिव्या मित्तल ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने अपने करीब 13 वर्षों के प्रशासनिक सफर को समाप्त करने की बात कही।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद अब उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों भी चर्चा में हैं। इसकी वजह यह है कि गगनदीप सिंह भी सरकारी सेवा का हिस्सा रह चुके हैं और उन्होंने कुछ वर्ष पहले सिविल सेवा से इस्तीफा देकर उद्यमिता की राह चुनी थी। दोनों की कहानी पढ़ाई, सरकारी सेवा, यूपीएससी की तैयारी और फिर अपने-अपने क्षेत्र में नए रास्ते तलाशने से जुड़ी हुई है।
कौन हैं दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अपने कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी उन्होंने काम किया।
दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में आने से पहले भी शिक्षा और करियर के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2012 में उन्हें आईपीएस कैडर आवंटित हुआ था। हालांकि, ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अगले ही वर्ष यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 68वीं रैंक हासिल की।
इस सफलता के बाद उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हुआ। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश कैडर में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
इस्तीफे में क्या कहा?
दिव्या मित्तल ने रविवार को आईएएस पद से इस्तीफा दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने प्रशासनिक सेवा में बिताए करीब 13 वर्षों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह अपने 13 साल के सफर को अब यहीं समाप्त कर रही हैं।
उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर काफी चर्चा देखने को मिली। हालांकि, इस्तीफे के पीछे उनके व्यक्तिगत और पेशेवर कारणों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी को ही आधार मानना उचित होगा।
पति गगनदीप सिंह ढिल्लों भी छोड़ चुके हैं सरकारी सेवा
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों का नाम भी चर्चा में आ गया है। गगनदीप सिंह 2011 बैच के इंडियन ट्रेड सर्विस (ITS) अधिकारी रहे हैं। वह केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद पर भी कार्यरत रहे।
हालांकि, वर्ष 2022 में उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू किया और कारोबारी क्षेत्र में कदम रखा।
रिपोर्ट के मुताबिक, गगनदीप सिंह ने Neurocap नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी फिनटेक और ट्रेडिंग से संबंधित क्षेत्र में काम करती है। वर्तमान में वह इस कंपनी से फाउंडर और ट्रेडर के तौर पर जुड़े हुए हैं।
इस प्रकार देखा जाए तो दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह दोनों ने प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं में करियर बनाने के बाद अपने-अपने स्तर पर अलग राह चुनी।
IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई
दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह की कहानी केवल सिविल सेवा तक सीमित नहीं है। दोनों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। दोनों ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों लंदन भी गए, जहां उन्होंने नौकरी की। हालांकि, बाद में दोनों भारत लौटे और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
गगनदीप सिंह ने वर्ष 2011 में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उन्होंने इंडियन ट्रेड सर्विस में काम किया और केंद्र सरकार के विभिन्न दायित्वों को संभाला।
दूसरी ओर, दिव्या मित्तल ने भी अपनी मेहनत जारी रखी। पहले आईपीएस कैडर मिलने के बाद उन्होंने यूपीएससी में बेहतर रैंक हासिल करने का प्रयास जारी रखा और वर्ष 2013 में ऑल इंडिया 68वीं रैंक प्राप्त की।
वर्ष 2005 में किया था शादी के लिए प्रपोज
दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह की व्यक्तिगत कहानी भी काफी दिलचस्प बताई जाती है। गगनदीप सिंह ने कुछ वर्ष पहले एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से बताया था कि उन्होंने वर्ष 2005 में दिव्या मित्तल को शादी के लिए प्रपोज किया था।
दोनों की मुलाकात और फिर साथ आगे बढ़ने की कहानी लंबे समय से जुड़ी रही है। पढ़ाई और करियर के अलग-अलग पड़ावों पर दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया। लंदन में नौकरी करने से लेकर भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी करने तक, दोनों ने एक साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
बाद में दोनों ने शादी की। उनके परिवार में दो बेटियां हैं। दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर अपने परिवार से जुड़ी तस्वीरें भी साझा करती रही हैं।
सरकारी सेवा से उद्यमिता तक का सफर
गगनदीप सिंह की कहानी इस लिहाज से भी खास है कि उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं, लेकिन बाद में करियर की दिशा बदलने का फैसला किया।
2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा। Neurocap के जरिए वह फिनटेक और ट्रेडिंग क्षेत्र से जुड़े। सरकारी सेवा और उद्यमिता दोनों बिल्कुल अलग तरह के करियर हैं, इसलिए उनका यह बदलाव चर्चा का विषय बना।
वहीं, अब दिव्या मित्तल के आईएएस पद से इस्तीफे के बाद एक बार फिर दोनों के करियर को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणादायक कहानी
दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह का करियर सफर यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक माना जा सकता है। दोनों ने प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की, विदेश में नौकरी की और फिर भारत लौटकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की।
खास बात यह है कि दिव्या मित्तल ने एक बार कैडर मिलने के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी और अगले प्रयास में बेहतर रैंक हासिल की। इससे यह संदेश मिलता है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो व्यक्ति अपनी दिशा में लगातार प्रयास कर सकता है।
हालांकि, वर्तमान में दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए उनके भविष्य के करियर को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
कुल मिलाकर, दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह की कहानी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी सेवा और उद्यमिता के अलग-अलग पड़ावों से गुजरती है। एक ओर दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में जिम्मेदारियां निभाईं, वहीं दूसरी ओर गगनदीप सिंह ने सरकारी सेवा छोड़कर स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा। अब दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद दोनों की यह करियर यात्रा एक बार फिर चर्चा में है।

