इटावा में क्षत्रिय स्वाभिमान मंच ने UGC को लेकर सौंपा ज्ञापन, आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग

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रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान 

इटावा। क्षत्रिय स्वाभिमान मंच, इटावा, उत्तर प्रदेश की ओर से देशहित और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने UGC से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करने के साथ-साथ आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग उठाई। मंच के पदाधिकारियों और समर्थकों ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान और निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।

संगठन के अध्यक्ष विकास सिंह भदौरिया (कुन्नू भैया) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे। मंच ने कहा कि उसकी मांगें सामाजिक समरसता, समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था से जुड़ी हैं।

UGC से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की मांग

क्षत्रिय स्वाभिमान मंच ने UGC द्वारा बनाए गए उन प्रावधानों और नियमों की समीक्षा की मांग की है, जिन्हें संगठन के अनुसार विभिन्न वर्गों द्वारा भेदभावपूर्ण या अन्यायपूर्ण माना जा रहा है। मंच का कहना है कि उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों से जुड़े नियमों को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

संगठन ने मांग रखी कि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और संबंधित पक्षों की राय लेकर ऐसे प्रावधानों की समीक्षा की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निरस्त या संशोधित किया जाए, ताकि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण मिल सके।

मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में अवसर उपलब्ध कराने के लिए नियम ऐसे होने चाहिए, जिनसे किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर असमानता महसूस न हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संगठन ने UGC से संबंधित अपनी मांग को ज्ञापन के माध्यम से उठाया है।

आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग

ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। संगठन अध्यक्ष विकास सिंह भदौरिया ने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में ऐसे बदलाव की आवश्यकता है, जिससे इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने क्रीमी लेयर को लेकर भी संशोधन की मांग उठाई। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। मंच ने सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की बात कही।

संगठन का तर्क है कि सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में समय के साथ बदलाव आया है। इसलिए आरक्षण से संबंधित व्यवस्था पर समय-समय पर समीक्षा और व्यापक चर्चा जरूरी है। मंच ने सरकार से इस विषय पर विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने की मांग की।

आंदोलन को लेकर संगठन अध्यक्ष ने कही बड़ी बात

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन अध्यक्ष विकास सिंह भदौरिया ने UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर आंदोलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि संगठन की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो इसे ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर तक ले जाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े मुद्दे को केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच उठाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, संगठन इस मुद्दे पर लगातार लोगों को जागरूक करने और विभिन्न स्तरों पर अपनी बात रखने का प्रयास करेगा।

हालांकि, संगठन की ओर से उठाई गई मांगों और UGC से जुड़े नियमों को लेकर संबंधित सरकारी पक्ष का आधिकारिक रुख अलग हो सकता है। ऐसे में मांगों पर आगे होने वाली सरकारी कार्रवाई और आधिकारिक निर्णय महत्वपूर्ण होंगे।

सामाजिक समरसता और समान अवसर पर जोर

क्षत्रिय स्वाभिमान मंच ने अपनी मांगों को देशहित और सामाजिक समरसता से जोड़ते हुए कहा कि उसका उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें सभी नागरिकों को समान अवसर मिल सके।

मंच के अनुसार, उच्च शिक्षा युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए विश्वविद्यालयों, प्रवेश प्रक्रिया, नियमों और अवसरों से संबंधित व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। संगठन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए।

इसी क्रम में मंच ने सरकार और संबंधित संस्थाओं से संवाद स्थापित कर अपनी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि किसी भी नीति में बदलाव व्यापक चर्चा और सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी के बाद किया जाना चाहिए।

ज्ञापन देने वालों में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

ज्ञापन कार्यक्रम में क्षत्रिय स्वाभिमान मंच के उपाध्यक्ष सत्येंद्र भदौरिया, राजीव मिश्रा ‘नेता’, संतोष पाठक, दीपू चौहान, जितेंद्र गुप्ता, महेंद्र चौहान, सत्ते भदौरिया, उदय प्रताप सिंह चौहान, सर्वेश तोमर, नारायण सिंह भदौरिया, अंशुल प्रताप सिंह, गोलू ठाकुर, पंकज भदौरिया, विजय दीक्षित चौहान, सौरभ चौहान, अवधेश कुमार दुबे, आदेश जैन, अभय सिंह, जयप्रकाश जैन, महेश कुमार जैन, सुनील जैन, सुबोध कुमार, अशोक कुमार जैन, सुभाष चंद्र जैन, आदेश कुमार जैन, राघवेंद्र सिंह राठौड़, जितेंद्र भदौरिया, अक्षय यादव, जितेंद्र कुमार गुप्ता और अमित भदौरिया सहित कई लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा अनु भदौरिया, सुधीर चौहान, भीम सिंह परिहार, संजीव परिहार, मलखान सिंह चंदेल, शिव सिंह चौहान, भानु भदौरिया, संतोष पांडे, राजीव मिश्रा, राहुल तोमर, संदीप राजावत, संजय तोमर, प्रशांत मिश्रा, शिवपाल सिंह, राजकुमार सिंह, सुधीर कुमार दीक्षित, राघव राजावत, विकास तोमर, रोहित भदौरिया, राधे राजावत, आकाश तिवारी, माधव चौहान, राज चौहान, अनिल सिंह चौहान और डॉक्टर ओमवीर सिंह चौहान समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

आगे की रणनीति पर भी नजर

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब संगठन की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। मंच ने संकेत दिया है कि यदि उसकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो वह इसे आगे विभिन्न स्तरों पर उठाने का प्रयास करेगा।

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