हमीरपुर में जल जीवन मिशन के सीडब्ल्यूआर का निरीक्षण, साफ-सफाई के बाद ही जलापूर्ति के निर्देश

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रिपोर्ट- मोहम्मद अकरम

हमीरपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने मौदहा विकासखंड के ग्राम छिरका में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित सी.डब्ल्यू.आर. (क्लियर वाटर रिजर्वायर) का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल भंडारण व्यवस्था, परिसर की स्वच्छता और जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

अपर जिलाधिकारी के निरीक्षण से संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों में भी सक्रियता देखने को मिली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सीडब्ल्यूआर की वर्तमान स्थिति, रखरखाव और जलापूर्ति व्यवस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने यह भी जाना कि जल भंडारण संरचना की सफाई और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर अब तक क्या-क्या कार्य किए गए हैं।

सीडब्ल्यूआर परिसर की स्वच्छता पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी विजय सिंह ने सीडब्ल्यूआर परिसर और जल भंडारण संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिजर्वायर की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही परिसर में भी स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। इसलिए टैंक के भीतर और आसपास साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा जलापूर्ति शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि जल भंडारण संरचना पूरी तरह साफ और उपयोग के लिए उपयुक्त हो।

सफाई और तकनीकी सुधार के बाद ही शुरू हो जलापूर्ति

अपर जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सीडब्ल्यूआर टैंक और परिसर की पूर्ण सफाई तथा आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद ही जलापूर्ति प्रारंभ की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों तक पहुंचने वाले पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव किया जाए। यदि किसी स्तर पर तकनीकी कमी सामने आती है तो उसे समय रहते दूर किया जाए, ताकि बाद में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में इन परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता

अपर जिलाधिकारी विजय सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। इसलिए विभागीय अधिकारी और कार्यदायी संस्थाएं यह सुनिश्चित करें कि पेयजल आपूर्ति की पूरी व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो।

उन्होंने कहा कि केवल पाइपलाइन या जल भंडारण संरचना का निर्माण कर देना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही उसके नियमित संचालन, रखरखाव और स्वच्छता पर भी लगातार ध्यान दिया जाना जरूरी है। इसी वजह से सीडब्ल्यूआर की सफाई और तकनीकी व्यवस्था की जांच के बाद ही जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। यदि किसी स्थान पर व्यवस्था में कमी है तो उसका समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।

अधिकारियों से समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में दूर किया जाए। इसके साथ ही सीडब्ल्यूआर और उससे जुड़ी जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि निर्माण एवं संचालन से संबंधित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जल भंडारण संरचना की स्थिति, स्वच्छता और तकनीकी व्यवस्थाओं को समय-समय पर जांचते रहना जरूरी है।

जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी जरूरी

जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के तहत तैयार की गई जलापूर्ति संरचनाओं का प्रभावी संचालन ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी भी लगातार की जा रही है।

ग्राम छिरका में सीडब्ल्यूआर के निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने इसी व्यवस्था की जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ मौके पर मौजूद संरचना का निरीक्षण भी किया।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जलापूर्ति शुरू करने से पहले सभी आवश्यक मानकों और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को पूरा किया जाना चाहिए। इससे ग्रामीणों को बेहतर गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

स्वच्छ पेयजल व्यवस्था के लिए प्रशासन गंभीर

ग्राम छिरका में हुए इस निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर है। वहीं, अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद सीडब्ल्यूआर की सफाई और आवश्यक तकनीकी सुधार की प्रक्रिया को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

पेयजल व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए केवल जल स्रोत की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि भंडारण टैंक, पाइपलाइन, तकनीकी उपकरण और परिसर की स्वच्छता भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इन सभी पहलुओं पर नियमित रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

समय पर पूरी हो आवश्यक कार्रवाई

निरीक्षण के अंत में अपर जिलाधिकारी विजय सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीडब्ल्यूआर की सफाई, परिसर की स्वच्छता और आवश्यक तकनीकी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। इसके बाद ही जलापूर्ति प्रारंभ की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जल जीवन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में निरंतरता बनाए रखी जाए।

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