SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर और कोटा में कोटा पर राजेंद्र राम का बड़ा बयान – एक बार जरूर पढ़ें
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मऊ: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण में सुधार, क्रीमी लेयर तथा कोटा में कोटा के मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र राम ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य उन परिवारों और वर्गों तक अवसर पहुंचाना होना चाहिए, जो लंबे समय से इससे वंचित रहे हैं। इसी विचार के आधार पर उन्होंने आगामी 11 सितंबर 2026 को मऊ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रस्तावित आरक्षण सुधार आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।
राजेंद्र राम के मुताबिक, यह आंदोलन सवर्ण समाज के कुछ लोगों की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उनके अनुसार, आयोजकों ने उनसे संपर्क कर प्रदर्शन में शामिल होने और आरक्षण में सुधार की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन का उद्देश्य आरक्षण समाप्त करना होता, तो वह इसमें शामिल नहीं होते। हालांकि, आरक्षण व्यवस्था में सुधार और उसके लाभ को अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की बात होने पर उन्होंने आंदोलन का समर्थन करने की बात कही है।
आरक्षण खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं राजेंद्र राम
राजेंद्र राम ने अपने संबोधन में कहा कि आरक्षण सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन से जुड़े वर्गों के लिए संवैधानिक व्यवस्था है। उनके अनुसार, आरक्षण को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय इस बात पर विचार किया जाना चाहिए कि इसका लाभ उन परिवारों तक भी पहुंचे, जो अब तक अपेक्षित रूप से इसका लाभ नहीं उठा सके हैं।
उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि उनकी मांग आरक्षण समाप्त करने की नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार और रिफॉर्म की है। इसी आधार पर उन्होंने 11 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय लिया है।
SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर पर उठाया सवाल
राजेंद्र राम ने अपने वक्तव्य में SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू किए जाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ परिवार आरक्षण का लाभ लगातार कई पीढ़ियों तक प्राप्त कर चुके हैं, जबकि कई परिवार अभी भी इससे वंचित हैं।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ लिया। उनकी पत्नी भी सरकारी सेवा में रहीं। इसके अलावा, उनके बेटे और बेटी ने भी सरकारी क्षेत्र में अवसर प्राप्त किए। इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि अब उनके परिवार को SC आरक्षण की आवश्यकता नहीं है।
राजेंद्र राम ने घोषणा की कि भविष्य में उनका परिवार अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ नहीं लेने का प्रयास करेगा, ताकि उनके अनुसार यह अवसर उन परिवारों के लिए उपलब्ध हो सके, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
अपने परिवार का उदाहरण देकर रखी बात
राजेंद्र राम ने कहा कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और उन्होंने अपने जीवन में आरक्षण से मिले अवसरों का उपयोग किया है। उनके अनुसार, रेलवे की नौकरी में उन्हें आरक्षण का लाभ मिला और आगे उनके परिवार की अगली पीढ़ी को भी शिक्षा तथा सरकारी सेवाओं में अवसर मिले।
उन्होंने इसी अनुभव को आधार बनाकर आरक्षण के लाभ के वितरण पर बहस की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि यदि किसी परिवार को कई पीढ़ियों से आरक्षण के माध्यम से अवसर मिल चुके हैं और वह सामाजिक-आर्थिक रूप से आगे बढ़ चुका है, तो उन परिवारों को लेकर भी नीति पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि, आरक्षण व्यवस्था में किसी भी बदलाव का अंतिम निर्णय संवैधानिक प्रावधानों, कानून और संबंधित सरकारी नीतियों के अनुसार ही हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में राजेंद्र राम ने आरक्षण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से 1 अगस्त 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए SC/ST आरक्षण में उप-वर्गीकरण यानी कोटा में कोटा के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर देश में व्यापक चर्चा हो रही है और आरक्षण के लाभ को अधिक जरूरतमंद समूहों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नीतिगत बदलावों पर विचार किया जा सकता है।
वहीं, इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की अलग-अलग राय है। कुछ संगठन मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का विरोध करते हैं, जबकि कुछ वर्ग आरक्षण के भीतर अधिक समान वितरण की मांग करते रहे हैं। ऐसे में इस विषय पर सार्वजनिक बहस लगातार जारी है।
11 सितंबर को मऊ में प्रस्तावित है प्रदर्शन
राजेंद्र राम ने बताया कि 11 सितंबर 2026 को मऊ कलेक्ट्रेट परिसर में आरक्षण सुधार को लेकर प्रदर्शन प्रस्तावित है। उनके अनुसार, आयोजकों ने उन्हें भी कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
उन्होंने कहा कि वह इस कार्यक्रम में अपनी बात रखेंगे और आरक्षण में सुधार की मांग का समर्थन करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका समर्थन आरक्षण समाप्त करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए है।
जरूरतमंद परिवारों तक लाभ पहुंचाने की बात
राजेंद्र राम का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। इसलिए उनकी राय में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन परिवारों को अभी तक पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं, उन्हें आगे आने का मौका मिले।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार की ओर से आरक्षण का लाभ छोड़ने की घोषणा इसी सोच के साथ की जा रही है। उनके अनुसार, इससे किसी दूसरे वर्ग को आरक्षण मिलने की बात नहीं है, बल्कि SC वर्ग के उन परिवारों को अवसर देने की आवश्यकता है, जो अभी तक आरक्षण के लाभ से दूर रहे हैं।
मुद्दे पर जारी है व्यापक बहस
SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर, उप-वर्गीकरण और आरक्षण के लाभ के समान वितरण जैसे मुद्दे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय हैं। इन पर अलग-अलग सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के अलग-अलग विचार हैं।
ऐसे में राजेंद्र राम का बयान इस बहस को एक नया पक्ष देता है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता बताई है।
फिलहाल, 11 सितंबर को मऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे पर राजेंद्र राम क्या विस्तृत तर्क रखते हैं और अन्य संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर नजर रहेगी। वहीं, आरक्षण से जुड़े किसी भी नीतिगत बदलाव का निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।

