जन्माष्टमी 2026 से पहले ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान तेज, प्रवेश स्थलों और भंडारों पर स्वच्छता जागरूकता
रिपोर्ट- योगेश वर्मा
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और ब्रजधाम को साफ-सुथरा बनाए रखने के उद्देश्य से ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान को गति दी गई है। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन और प्रोजेक्ट मथुरा की संयुक्त पहल के तहत अभियान को शहर के प्रमुख प्रवेश स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भंडारा आयोजन क्षेत्रों में सक्रिय किया गया है।
अभियान का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना ही नहीं, बल्कि जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश के साथ ही स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना भी है। इसके लिए जन-जागरूकता, नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं से सीधा संवाद
‘लल्ला आ रहो है’ अभियान के प्रथम चरण में मथुरा रेलवे स्टेशन और नए बस स्टैंड पर विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से टीम के सदस्यों ने प्रत्यक्ष संवाद किया और उन्हें ‘स्वच्छ ब्रज’ के संकल्प से जोड़ा।
इस दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे यात्रा और धार्मिक आयोजनों के दौरान कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक और अन्य प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल न करें। अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों ने लोगों को समझाया कि स्वच्छता केवल नगर निगम या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
इसके अलावा, अभियान के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ स्वच्छता बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।
भंडारा संचालकों से अनुमति लेने की अपील
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन में बड़ी संख्या में भंडारों का आयोजन किया जाता है। ऐसे में इन स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान के तहत भंडारा संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से सभी भंडारा संचालकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर नगर निगम से अपने भंडारों की अनुमति प्राप्त करने का अनुरोध किया जा रहा है। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखने की अपील की गई है, ताकि श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को कचरा डालने के लिए उचित व्यवस्था मिल सके।
भंडारा संचालकों से प्लास्टिक के गिलास, प्लेट, पानी के पाउच और सजावट में प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न करने की भी अपील की जा रही है। इसके बजाय पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजन के बाद सफाई की जिम्मेदारी भी तय
अभियान के तहत केवल आयोजन के दौरान सफाई पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि भंडारा समाप्त होने के बाद स्थल की पूर्ण सफाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर है। भंडारा संचालकों से कहा जा रहा है कि वे आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों की तैनाती करें और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को व्यवस्थित रखें।
इसके साथ ही आयोजन समाप्त होने के बाद स्थल पर किसी भी प्रकार का कचरा न रह जाए, यह सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। इस व्यवस्था से जहां नगर निगम के सफाई कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव कम होगा, वहीं धार्मिक आयोजनों के बाद सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
पार्किंग स्थलों पर भी चलेगा विशेष अभियान
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के साथ-साथ शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों पर भी विशेष स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है।
इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को स्वच्छता संबंधी संदेश दिए जाएंगे। विशेष रूप से लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं फेंकने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और उपलब्ध कूड़ेदानों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु जैसे ही मथुरा की सीमा और प्रमुख प्रवेश स्थलों पर पहुंचें, उन्हें ब्रज की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश मिल जाए। परिणामस्वरूप, शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में नागरिक सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
IEC टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान में नगर निगम मथुरा-वृन्दावन, प्रोजेक्ट मथुरा और नगर निगम की IEC टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। टीम के सदस्य विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और स्वच्छता संबंधी संदेशों को आमजन तक पहुंचा रहे हैं।
IEC यानी सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही, अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्वच्छता का संदेश केवल प्रशासनिक निर्देश तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिकों की दैनिक आदतों का हिस्सा बने।
अभियान के दौरान टीम ने श्रद्धालुओं से बातचीत की और उन्हें स्वच्छ ब्रज के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। इसके अलावा, भंडारा आयोजकों से भी लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ ब्रज
जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान मथुरा-वृंदावन में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ नागरिक सहभागिता भी जरूरी है। इसी सोच के साथ ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान को जन-जागरूकता से जोड़ा गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं, भंडारा संचालकों, स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। इसके लिए जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक को भी महत्व दिया जा रहा है। इससे स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
वहीं, अभियान के माध्यम से लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि मथुरा केवल एक धार्मिक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा ब्रजधाम है। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह शहर की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने में योगदान दे।
जन्माष्टमी पर स्वच्छ और सुव्यवस्थित ब्रज का लक्ष्य
जन्माष्टमी 2026 के दौरान मथुरा-वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम और संबंधित संस्थाएं स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
अभियान के जरिए प्रवेश स्थलों से लेकर भंडारा क्षेत्रों और पार्किंग स्थलों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने की योजना है। साथ ही, नागरिकों और श्रद्धालुओं को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित किया जाएगा।

