सपा में शामिल हुए पूर्व विधायक हेमराज वर्मा समेत कई नेता, अखिलेश यादव बोले- पार्टी हुई मजबूत
Digital UP News Desk
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में विभिन्न जिलों के कई पूर्व विधायक, पूर्व प्रत्याशी, जिला पंचायत सदस्य और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। नेताओं के साथ उनके समर्थकों के भी सपा में शामिल होने का दावा किया गया है।
पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में पीलीभीत के पूर्व विधायक हेमराज वर्मा, प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला, पूर्व मंत्री रतन लाल अहिरवार समेत कई प्रमुख नाम शामिल रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों से आए जिला पंचायत सदस्यों, पूर्व प्रत्याशियों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली।
अखिलेश यादव के सामने ग्रहण की सदस्यता
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नए सदस्यों ने अखिलेश यादव के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सपा के अनुसार, शामिल होने वाले नेताओं ने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में संगठन के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
नए सदस्यों ने अखिलेश यादव को दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों और सामाजिक न्याय के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
पीडीए और सामाजिक न्याय पर अखिलेश यादव का जोर
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सपा में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नए साथियों के आने से समाजवादी पार्टी और मजबूत हुई है। उनके मुताबिक, सामाजिक न्याय की स्थापना और पीडीए की ताकत को मजबूत करने की दिशा में नए लोगों का जुड़ना महत्वपूर्ण है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नए साथियों से संगठन को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को जनता के बीच पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने पीडीए को लेकर विरोधियों पर भी निशाना साधा। अखिलेश यादव के मुताबिक, संकीर्ण सोच और पुरातनपंथी विचार रखने वाले लोगों को पीडीए की बढ़ती ताकत से परेशानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए को कमजोर या बदनाम करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं।
कई जिलों से पहुंचे नेता
समाजवादी पार्टी में शामिल होने वालों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं। पीलीभीत से रत्नेश गंगवार, प्रियंक गंगवार, डॉ. आरके मिश्रा और पूर्व प्रत्याशी डॉ. नीतू मिश्रा का नाम सामने आया है। वहीं गोंडा के मनकापुर क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी श्याम नारायण कोरी समेत कई अन्य नेताओं ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
रायबरेली से कमला फाउंडेशन की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, अहमद अली जाफरी, उमा भूषण और अयूब खान सहित कई नेताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसी तरह शामली से मुकेश सैनी, आकाश सैनी, सागर सैनी, संजय सैनी, जय सिंह सैनी और प्रमोद सैनी सहित कई लोगों ने सपा का दामन थामा।
इसके अलावा निगार उस्मानी, विनोद कोरी, राजिक उस्मानी, सोनू शाह, महेश कन्नौजिया, कमलेश चौरसिया, सुरेंद्र लोधी और बशीर मोहम्मद समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने का दावा किया गया है।
बलरामपुर और देवीपाटन मंडल से भी सदस्यता
कार्यक्रम में देवीपाटन मंडल और बलरामपुर क्षेत्र से भी कई लोगों के सपा में शामिल होने की बात कही गई। उतरौला, बलरामपुर से डॉ. फराज, सलमान चौधरी, कृष्ण प्रताप सिंह, सऊद अहमद, ईश्वर चंद्र शुक्ला, अंकुश यादव, सुनील पासवान और शानू खान सहित अन्य नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
देवीपाटन मंडल से पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोनू शाह और अन्य स्थानीय नेताओं के शामिल होने की जानकारी भी पार्टी की ओर से दी गई। इससे स्पष्ट है कि सदस्यता अभियान को केवल एक जिले तक सीमित न रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही खास
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, नूरपुर विधायक राम अवतार सैनी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा मौलाना इकबाल कादरी और समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष राम करन निर्मल शामिल रहे।
इसके अलावा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लालचंद गौतम और डॉ. अब्दुल मन्नान समेत कई अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी भी रही। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम को पार्टी संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 चुनाव से पहले संगठन विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में विभिन्न सामाजिक समूहों और क्षेत्रों से जुड़े नेताओं का किसी राजनीतिक दल में शामिल होना चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
समाजवादी पार्टी लगातार पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को अपनी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख हिस्सा बताती रही है। ऐसे में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल कराना संगठन के विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
हालांकि, इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने से चुनावी राजनीति पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल सपा इसे अपने संगठन की मजबूती और सामाजिक न्याय की मुहिम को विस्तार देने के रूप में देख रही है।
सपा ने जताया नए साथियों पर भरोसा
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए साथी समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय और पीडीए से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से रखने की बात कही।

