जन्माष्टमी से पहले 250 स्वयंसेवकों ने संभाली स्वच्छता की कमान, श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास चला अभियान

230

रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मथुरा में तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए विभिन्न संस्थाएं भी सक्रिय हो गई हैं। इसी क्रम में ‘ब्रज वैभव अभियान’ के अंतर्गत हार्टफुलनेस संस्था की ओर से रविवार को व्यापक स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में करीब 250 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता की कमान संभाली।

अभियान का मुख्य उद्देश्य जन्माष्टमी पर्व से पहले मथुरा के प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान स्वयंसेवकों ने न केवल विभिन्न स्थानों पर सफाई की, बल्कि लोगों से संवाद कर स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील भी की।

अलग-अलग राज्यों से पहुंचे स्वयंसेवक

इस विशेष स्वच्छता अभियान में मथुरा के अलावा कानपुर, आगरा, अलीगढ़, दिल्ली और नोएडा से स्वयंसेवक पहुंचे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने भी अभियान में भाग लिया। इस प्रकार अलग-अलग क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों ने एकजुट होकर ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संदेश दिया।

स्वयंसेवकों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास कई प्रमुख स्थानों को अभियान में शामिल किया। गेट नंबर-3, गोविंद नगर, पत्रा कुंड, श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुख्य द्वार, डीग गेट, मसानी और खेरता समेत आसपास के क्षेत्रों में सफाई की गई। इन स्थानों पर स्वयंसेवकों ने कूड़ा एकत्र करने के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराया।

‘ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ का दिया संदेश

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ के संकल्प के साथ लोगों को जागरूक किया। स्थानीय दुकानदारों, नागरिकों और श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए उनसे कूड़ा इधर-उधर नहीं फेंकने की अपील की गई। साथ ही लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध डस्टबिन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वयंसेवकों ने बताया कि जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व के दौरान मथुरा में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर इसमें योगदान देना होगा।

इसी सोच के साथ अभियान में शामिल लोगों ने जन्माष्टमी के दौरान भी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आह्वान किया। लोगों से कहा गया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपने आसपास के वातावरण की स्वच्छता का भी ध्यान रखें।

जन्माष्टमी पर 200 स्वयंसेवक रहेंगे सक्रिय

हार्टफुलनेस के मथुरा समन्वयक निशांत शर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व के दौरान संस्था के करीब 200 स्वयंसेवक विभिन्न भंडारों और प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगे। इन स्वयंसेवकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित करना होगा।

उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी पर्व के दौरान मथुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। इसलिए संस्था की ओर से पूरे पर्व के दौरान स्वच्छता से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक प्रमुख स्थानों पर लोगों से संवाद करेंगे और उनसे कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील करेंगे। इसके अलावा भंडारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

सामूहिक जिम्मेदारी से स्वच्छ बनेगा ब्रज

हार्टफुलनेस के उत्तर प्रदेश समन्वयक अनुपम अग्रवाल ने स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से डस्टबिन का प्रयोग करने तथा ब्रज क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ब्रज की स्वच्छता किसी एक संस्था, संगठन या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि मथुरा केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान नहीं है, बल्कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय नागरिक, दुकानदार और श्रद्धालु मिलकर स्वच्छता के नियमों का पालन करें तो प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों को लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखा जा सकता है।

धार्मिक पर्यटन के साथ स्वच्छता पर जोर

मथुरा में जन्माष्टमी पर्व के दौरान धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छता का महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रमुख मार्गों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई रहने से श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिलता है।

इसी उद्देश्य से सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। वर्तमान अभियान भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न शहरों और राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने भाग लेकर सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।

स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

स्वच्छता अभियान में सुरेंद्र शर्मा, रमेश वर्मा, ऋषिरंजन, एसपी सिंह, सुरेश पाठक, मनीष शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, अभिषेक गुप्ता, जेएन वर्मा, उषा अग्रवाल, सुधा आर्या, पुष्पा लता और ज्योति सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की।

स्वयंसेवकों ने सफाई अभियान के दौरान लोगों से संवाद स्थापित किया और उन्हें बताया कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास कूड़ा न फैलाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प ले, तो सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को बेहतर बनाया जा सकता है।

जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

जन्माष्टमी पर्व नजदीक आने के साथ ही मथुरा में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी तेज हो रही हैं। ऐसे में स्वच्छता अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है।

अभियान से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मथुरा और ब्रज क्षेत्र में आने के दौरान कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें। दुकानदारों से भी अपने प्रतिष्ठानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और डस्टबिन की व्यवस्था रखने का आग्रह किया गया।

You may have missed