सीएम योगी की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, बोले- ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति बदलनी होगी

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Digital UP News

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और राजस्व मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण और जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक रूप से मामले लंबित रहने की प्रवृत्ति को बदलना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। साथ ही उन्होंने ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति को हर हाल में बदलने की बात कही।

पांच वर्ष से पुराने राजस्व मामलों पर प्राथमिकता

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व मामलों की लंबित स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों की सूची तैयार कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमित समीक्षा करें और लंबित मामलों के समाधान की प्रगति पर नजर रखें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासनिक स्तर पर मामलों को केवल अगली तारीख देने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। लोगों को समयबद्ध तरीके से राहत मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

गलत निस्तारण पर जिलों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का गलत तरीके से निस्तारण किया जाता है और शिकायतकर्ता उससे संतुष्ट नहीं है, तो संबंधित जिले से पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए।

इसके अलावा असंतुष्ट जनशिकायतों का दोबारा परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

इससे प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

अपराध नियंत्रण को लेकर भी समीक्षा

बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार प्रभावी और सतर्क रहनी चाहिए।

उन्होंने जोन और रेंज स्तर पर प्रत्येक सप्ताह क्राइम एनालिसिस किए जाने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से अपराध की प्रवृत्ति, संवेदनशील क्षेत्रों और अपराधियों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

महिला और बाल अपराधों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल अपराधों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और कानून के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही संवेदनशील मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए।

जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में विशेष तैयारी

आगामी जन्माष्टमी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और वृंदावन में विशेष भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पहले से व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार किया जाए।

विशेष रूप से बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाए जाने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने मथुरा और वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश भी दिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

गणेश विसर्जन में सुरक्षा के विशेष इंतजाम

गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने पर जोर दिया गया।

माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने माफियाओं और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख बनाए रखने के निर्देश दिए।

इसके अलावा गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में सूचना तंत्र को सक्रिय रखा जाए और किसी भी संवेदनशील स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।

कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना तथा आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

कुल मिलाकर, समीक्षा बैठक में राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण, जनशिकायतों की गुणवत्ता, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा और आगामी धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। अब संबंधित विभागों और जिला स्तर के अधिकारियों पर इन निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी होगी।

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