चित्रकूट में बारिश से बिगड़े हालात, मंदाकिनी खतरे से 8.70 मीटर ऊपर; यूपी-एमपी संपर्क प्रभावित
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चित्रकूट: मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब चित्रकूट में भी दिखाई दे रहा है। भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से करीब 8.70 मीटर ऊपर बहने की जानकारी सामने आई है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
बाढ़ की स्थिति के चलते चित्रकूट के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। रामघाट के आसपास पानी बढ़ने के कारण कई लोग मकानों की छतों पर रहने को मजबूर बताए जा रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में दुकानें भी पानी की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है।
मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदी के खतरे के निशान से 8.70 मीटर ऊपर बहने की सूचना के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
नदी का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
चित्रकूट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में बाढ़ की स्थिति का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है।
800 दुकानें पानी की चपेट में
बाढ़ के चलते चित्रकूट के बाजार क्षेत्र में भी पानी पहुंच गया है। करीब 800 दुकानों के डूबने की जानकारी सामने आई है। दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामघाट क्षेत्र में स्थिति अधिक प्रभावित बताई जा रही है। यहां पानी बढ़ने के कारण कुछ लोग मकानों की छतों पर सुरक्षित स्थान की तलाश में बैठे नजर आए।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखना है।
श्रद्धालुओं के सामने भी बढ़ी परेशानी
चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बाढ़ की स्थिति के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
रामघाट और आसपास के क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण कई श्रद्धालुओं के फंसने की सूचना है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
बाढ़ के दौरान अनावश्यक रूप से पानी वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह भी दी जा रही है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
रेलवे ट्रैक धंसने से रेल यातायात प्रभावित
भारी बारिश और जलभराव का असर रेलवे यातायात पर भी पड़ा है। चित्रकूट क्षेत्र में रेलवे ट्रैक धंसने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते करीब एक दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।
रेलवे की ओर से प्रभावित मार्गों की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। यात्रियों को भी ट्रेन संचालन से जुड़ी ताजा जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।
रेल यातायात प्रभावित होने से आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
100 बसों का संचालन भी प्रभावित
रेलवे के साथ-साथ सड़क परिवहन पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। करीब 100 बसों का संचालन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
कई रास्तों पर पानी भरने और कुछ मार्गों पर आवागमन बाधित होने के कारण बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से जलभराव वाले रास्तों पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार यातायात को दूसरे मार्गों से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यूपी-एमपी संपर्क प्रभावित
भारी बारिश और बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में पानी बढ़ने से सामान्य आवागमन पर असर पड़ा है।
चित्रकूट का क्षेत्र दोनों राज्यों से जुड़ा होने के कारण यहां सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का सीधा असर यात्रियों और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, जलस्तर कम होने तक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रयागराज में भी बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि की जानकारी सामने आई है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है।
नदियों के जलस्तर पर संबंधित विभागों की निगरानी बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रहती है, तो निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और बढ़ सकती है। इसलिए प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती
बाढ़ की स्थिति में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत व्यवस्था बनाए रखना, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु करना प्रमुख चुनौती है।
इसके अलावा जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी है।
स्थानीय स्तर पर भी लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को पानी वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि वे यात्रा से पहले रेल और सड़क मार्ग की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
फिलहाल चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। भारी बारिश के कारण दुकानों, आवागमन और जनजीवन पर असर पड़ा है। साथ ही यूपी-एमपी संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की निगाह अब नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर टिकी है।

